Sikar News: राजस्थान में समर्थन मूल्य (MSP) पर कृषि जिंसों की खरीद और भुगतान की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है. अब खरीद से पहले ऑनलाइन स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा. नई व्यवस्था लागू होने से सरकारी कार्यालयों में फाइलें लेकर चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी. साथ ही, खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और अनावश्यक देरी रोकने में मदद मिलने की उम्मीद है.
सीकर जिले में 1 नवंबर से मूंग और मूंगफली की समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू होनी है. ऐसे में नई व्यवस्था का असर खरीद केंद्रों के कामकाज पर भी पड़ेगा. खरीद से लेकर भुगतान की मंजूरी तक की प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी की जाएगी.
खरीद से पहले लेनी होगी ऑनलाइन स्वीकृति
राज्य के वित्त विभाग की ओर से जारी नए आदेश के अनुसार, विभागों में सामान खरीदने, वाहन खरीदने या किराये पर लेने और मशीनों के साथ कर्मचारी रखने जैसे कार्यों के लिए पहले ऑनलाइन मंजूरी लेनी होगी. इसके लिए संबंधित प्रस्ताव पोर्टल पर दर्ज करना जरूरी होगा.
प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद ही खरीद की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकेगी. इतना ही नहीं, खरीद पूरी होने के बाद भुगतान की मंजूरी भी ऑनलाइन माध्यम से ही दी जाएगी. इससे खरीद और भुगतान से जुड़ी प्रक्रिया को एक निर्धारित व्यवस्था के तहत संचालित करने में मदद मिलेगी.
पोर्टल पर पता चलेगी प्रस्ताव की स्थिति
नई व्यवस्था के तहत खरीद से संबंधित प्रस्तावों की स्थिति ऑनलाइन देखी जा सकेगी. पहले फाइलों को एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय तक पहुंचने में समय लग सकता था. इस वजह से कई बार मंजूरी मिलने में देरी होने की आशंका रहती थी.
अब पोर्टल के माध्यम से यह पता लगाया जा सकेगा कि प्रस्ताव किस अधिकारी के पास लंबित है. इससे कामकाज में जिम्मेदारी तय करने और अनावश्यक देरी कम करने में मदद मिलेगी. साथ ही, बिना स्वीकृति के खरीद शुरू करने की संभावना भी कम होगी.
मूंग और मूंगफली की बुवाई का क्षेत्रफल
क्रय-विक्रय सहकारी समिति के प्रभारी रामेश्वर एचरा के अनुसार, सीकर जिले में खरीफ सीजन के दौरान करीब 29 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में मूंग और लगभग 27 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में मूंगफली की बुवाई हुई है. दोनों फसलों की खरीद के लिए जिले में क्रय-विक्रय सहकारी समितियों के माध्यम से केंद्र बनाए गए हैं.
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 1 नवंबर से समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू होगी. इस बार मूंग का समर्थन मूल्य 8,780 रुपये प्रति क्विंटल और मूंगफली का समर्थन मूल्य 7,517 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है. बाजार भाव की तुलना में समर्थन मूल्य अधिक रहने पर किसानों को अपनी उपज का बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है.
ऑनलाइन रिकॉर्ड से खर्च पर रहेगी नजर
नई व्यवस्था में प्रत्येक प्रस्ताव, उसमें मांगी गई राशि और स्वीकृत रकम का रिकॉर्ड पोर्टल पर उपलब्ध रहेगा. इससे यह जांचना आसान होगा कि किस काम के लिए कितनी राशि मंजूर की गई और खर्च स्वीकृत रकम के अनुरूप हुआ या नहीं. इसके जरिए अनावश्यक खर्च और नियमों के विपरीत खरीद पर निगरानी रखने में भी मदद मिलेगी.
व्यवस्था का पूरा लाभ अधिकारियों की समय पर कार्रवाई और पोर्टल पर सही जानकारी दर्ज करने पर निर्भर करेगा. खरीद केंद्रों पर समयबद्ध कामकाज और भुगतान की प्रक्रिया सुचारू रखना भी जरूरी होगा.
रामेश्वर एचरा ने बताया कि नई व्यवस्था से समर्थन मूल्य पर खरीद प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी. इस बार बाजार भाव की तुलना में समर्थन मूल्य अधिक होने के कारण किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद है.