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दिल्ली में 29 सितंबर को PKC-ERCP पर मंथन: राजस्थान-MP की संयुक्त DPR को मिल सकती है मंजूरी, 17 जिलों तक पहुंचेगा चंबल का पानी

PKC-ERCP Project: PKC-ERCP को लेकर 29 सितंबर को दिल्ली में अहम बैठक होने जा रही है, जिसमें राजस्थान और मध्य प्रदेश की संयुक्त DPR पर तकनीकी मंजूरी को लेकर फैसला हो सकता है. करीब 1.41 लाख करोड़ की इस परियोजना के तहत राजस्थान के 17 जिलों में पेयजल पहुंचाने की योजना है.

Written By Aman Singh
Published: Sep 25, 2026, 04:24 PM IST | Updated: Sep 25, 2026, 05:37 PM IST
Image Credit: PKC ERCP Project
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PKC-ERCP Project: राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच लंबे समय से चर्चा में चल रहे PKC-ERCP (पार्वती-कालीसिंध-चंबल- पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना) प्रोजेक्ट को लेकर जल्द बड़ी खबर सामने आ सकती है. दोनों राज्यों के बीच तैयार की जा रही संयुक्त DPR पर जल्द मुहर लग सकती है. 29 सितंबर को दिल्ली में मीटिंग होगी, जिसमें संयुक्त DPR को मंजूरी मिल सकती है. ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रदेश में पानी का सबसे पावरफुल प्रोजेक्ट कैसे बनेगा.

29 सितंबर को दिल्ली में बड़ा फैसला संभव

पार्वती-कालीसिंध-चंबल- पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (PKC-ERCP) से जल्द दिल्ली में बड़ा फैसला हो सकता है. 29 सितंबर को दिल्ली में केंद्र सरकार के साथ दोनों राज्यों की मीटिंग होगी. जिसमें राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच संयुक्त डीपीआर पर मुहर लग सकती है. दिल्ली में होने वाली तकनीकी सलाहकार समिति की बैठक में PKC-ERCP की संयुक्त डीपीआर को लेकर मंथन होगा, जिसमें दोनों राज्यों की डीपीआर पर मंजूरी मिल सकती है.

दरअसल संयुक्त डीपीआर में ग्रामीण क्षेत्रों की मांग के आधार पर राजस्थान और मध्य प्रदेश सरकार द्वारा कुछ नए स्थानों और क्षेत्रों को शामिल कराया गया है. दोनों राज्यों ने पिछले साल जुलाई में केंद्रीय जल आयोग को यह संयुक्त डीपीआर सौंपी थी, जिसपर 14 महीने बाद अब तकनीकी स्वीकृति मिलने जा रही है. इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 1,41,000 करोड़ रुपये है. इस प्रोजेक्ट की पीएम नरेंद्र मोदी ने जयपुर में आधारशिला रखी थी.

राजस्थान का सबसे पॉवरफुल पेयजल प्रोजेक्ट

जानकारों के मुताबिक, PKC-ERCP यह प्रोजेक्ट इंदिरा गांधी नहर परियोजना से भी ज्यादा पॉवरफुल होगा. PKC-ERCP प्रोजेक्ट के तहत 17 जिलों में पेयजल की व्यवस्था के लिए भारी विद्युत तंत्र की आवश्यकता रहेगी, ताकि पूरी क्षमता के साथ पानी आगे की तरफ छोड़ा जा सके. इस परियोजना के तहत इंदिरा गांधी नहर से भी ज्यादा इसमें पानी छोड़ा जाएगा. साथ ही पंप हाउस पर प्रदेश के सबसे बड़े पाइप लगाए जाएंगे और इन्हें विद्युत सिस्टम से जोड़ने के लिए टाइम लाइन भी तय होगी. जल संसाधन विभाग का दावा है कि PKC-ERCP के तहत बन रहे पंप हाउसों से इंदिरा गांधी नहर से भी ज्यादा 14 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा. पहले चरण में पंप हाउस दिसंबर 2027 और दूसरे चरण में पंप हाउस अप्रैल 2028 तक चालू होंगे.

किस पंप हाउस पर कितने मेगावाट का सिस्टम

पंप हाउस                                              मेगावाट

नवनेरा पंप हाउस                                   180 मेगावाट
मैज बैराज पंप हाउस                               213 मेगावाट

गलवा पंप हाउस                                      64 मेगावाट
ईसरदा पंप हाउस                                    15 मेगावाट

चाकसू पंप हाउस                                      9 मेगावाट
कानोता पंप हाउस                                    45 मेगावाट

खुरा चैनपुरा पंप हाउस                               65 मेगावाट
टोरडी सागर पंप हाउस                               23 मेगावाट

लांबाहरिसिंह पंप हाउस                               36 मेगावाट
भीम सागर पंप हाउस                                  30 मेगावाट

चंबल का पानी अप्रैल 2028 तक मिलेगा

PKC-ERCP के तहत सभी पंप हाउस के आदेश जारी हो चुके हैं और कुछ जगह काम भी शुरू हो गया है. जल संसाधन विभाग की मानें तो पंप हाउस की स्थिति के हिसाब से पाइपों का निर्माण करवाया जा रहा है. अप्रैल 2028 तक प्रोजेक्ट से पेयजल आपूर्ति का दावा कर रहा है और विद्युत निगम को भी दूसरे चरण में अप्रैल 2028 तक पंप हाउस चालू करवाने को कहा गया है. माना जा सकता है कि सब कुछ ठीक रहा, तो तय समय पर ही चंबल का पानी मिल सकेगा.

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About the Author

जून 2023 से ज़ी राजस्थान के साथ कार्यरत अमन लगातार अपनी क्रिएटिविटी और प्रोफेशनल स्किल्स के जरिए पाठकों तक तेज, सटीक और भरोसेमंद खबरें पहुंचा रहे हैं. वे उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के रहने वाले हैं, अमन ने जौनपुर से ही अपनी इंटरमीडिएट तक की शिक्षा पूरी की. इसके बाद उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया. डिजिटल पत्रकारिता में गहरी समझ, तेज खबर पकड़ने की क्षमता के कारण अमन सिंह एक उभरते हुए और भरोसेमंद मीडिया प्रोफेशनल के रूप में तेजी से अपनी पहचान बना रहे हैं.
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