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राजस्थान के 96% लोग उठा रहे हैं लाभ! जानिए जन आधार कार्ड बनवाने से आपको क्या-क्या फायदे मिलेंगे

राजस्थान में 8.09 करोड़ लोग जन आधार से जुड़ चुके हैं. योजना के तहत अब तक 1.63 लाख करोड़ रुपये से अधिक का DBT हुआ है. सरकार जन आधार 2.0, AI चैटबॉट और शिकायत निस्तारण व्यवस्था को बेहतर बनाने की तैयारी कर रही है.

Written By Deepak Goyal
Published: Nov 06, 2026, 07:49 AM IST | Updated: Nov 06, 2026, 07:52 AM IST
Image Credit: राजस्थान में 8.09 करोड़ लोग जन आधार से जुड़ चुके.
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राजस्थान में सरकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक सीधे पहुंचाने के लिए शुरू की गई जन आधार योजना का दायरा लगातार बढ़ रहा है. प्रदेश की अनुमानित आबादी के 96 प्रतिशत से अधिक लोग इस योजना से जुड़ चुके हैं. अब तक 2 करोड़ 8 लाख से ज्यादा परिवारों के 8 करोड़ 9 लाख सदस्य जन आधार में पंजीकृत हो चुके हैं. इस व्यवस्था के जरिए सरकारी योजनाओं की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचाई जा रही है. अब तक 1 लाख 63 हजार करोड़ रुपये से अधिक की रकम डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जा चुकी है. इसके लिए 242 करोड़ से ज्यादा लेनदेन किए गए हैं.

जन आधार योजना की हुई उच्च स्तरीय समीक्षा
जन आधार योजना की प्रगति और तकनीकी व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में राजस्थान जन आधार प्राधिकरण की पांचवीं उच्च स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई. बैठक में जन आधार 2.0, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट, सरकारी योजनाओं के लाभ वितरण और शिकायतों के निस्तारण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई.

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन आधार से संबंधित तकनीकी समस्याओं को प्राथमिकता से दूर किया जाए. साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी पात्र व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में अनावश्यक देरी न हो.

85 हजार ई-मित्र संचालकों से होगा सीधा संवाद
प्रदेश में 85 हजार से अधिक ई-मित्र केंद्र संचालित हो रहे हैं. इनके संचालकों से अब फेसबुक लाइव के जरिए सीधा संवाद किया जाएगा. मुख्य सचिव ने इसके लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं. इस कार्यक्रम में ई-मित्र संचालकों से जानकारी ली जाएगी कि सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के दौरान आम लोगों को किन परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इस बातचीत से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर जन आधार से जुड़ी सेवाओं और व्यवस्थाओं में सुधार किया जाएगा.

AI चैटबॉट की कार्यप्रणाली का किया परीक्षण
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने जन आधार एआई चैटबॉट का परीक्षण भी किया. उन्होंने चैटबॉट की कार्यप्रणाली, सवालों के जवाब देने में लगने वाले समय और उपलब्ध कराई जा रही जानकारी की सटीकता को परखा. इसके साथ ही आधार और जन आधार से जुड़ी तकनीकी सेवाओं को अधिक सरल और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाने पर जोर दिया गया. जन आधार के नए डिजिटल सिस्टम में जरूरी तकनीकी सुधारों को लेकर भी अधिकारियों के साथ चर्चा हुई.

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181 हेल्पलाइन पर 7 दिन में निपट रही शिकायतें
जन आधार से संबंधित शिकायतों के समाधान की स्थिति भी बैठक में सामने रखी गई. अधिकारियों ने बताया कि राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन 181 पर मिलने वाली जन आधार संबंधी शिकायतों के निस्तारण में औसतन 7 दिन का समय लग रहा है. वहीं, शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि का स्तर 91 प्रतिशत दर्ज किया गया है. इसे विभागीय स्तर पर प्रदेश में सर्वाधिक बताया गया. मुख्य सचिव ने इस प्रदर्शन पर संतोष जताया. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे स्वयं 181 कॉल सेंटर पहुंचकर शिकायतों की सुनवाई और समाधान की प्रक्रिया का निरीक्षण करें. इसके अलावा लंबित शिकायतों की नियमित निगरानी करने को भी कहा.

जन आधार 2.0 में डेटा माइग्रेशन पर जोर
बैठक में जन आधार 2.0 के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई. इस दौरान विभिन्न विभागों के पुराने सॉफ्टवेयर और पोर्टल से नए सिस्टम में डेटा स्थानांतरित करने के दौरान आ रही तकनीकी समस्याओं पर चर्चा हुई. मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को आपसी तालमेल से इन परेशानियों का तय समय में समाधान करने के निर्देश दिए.

उन्होंने जन आधार डैशबोर्ड को सरल बनाने और सरकारी योजनाओं की मासिक प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत करने को कहा. डैशबोर्ड पर लाभार्थियों, योजनाओं और विभागों के कामकाज से जुड़ी जानकारी व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए.

डेटा आधारित सुशासन पर सरकार का जोर
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि जन आधार व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत बनाना जरूरी है. इससे पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समय पर पहुंचाया जा सकेगा. राज्य सरकार डेटा आधारित सुशासन की दिशा में काम कर रही है. बेहतर निगरानी, तकनीकी सुधार और शिकायतों के प्रभावी समाधान से योजनाओं का लाभ वितरण अधिक जवाबदेह बनाया जाएगा. बैठक में आयोजना शासन सचिव डॉ. रवि कुमार सुरपुर सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
 

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