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अलवर में निजी क्लीनिकों की जांच करेगा स्वास्थ्य विभाग: सड़क किनारे बायोमेडिकल वेस्ट मिलने से मचा हड़कंप

Alwar News: अलवर के मुबारिकपुर-रघुनाथगढ़ मार्ग पर पुलिया के नीचे खुले में बायोमेडिकल वेस्ट मिलने से हड़कंप मच गया. चिकित्सा विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर कचरा हटवाया और जांच शुरू की. प्रारंभिक जांच में कचरा सरकारी स्वास्थ्य विभाग का नहीं मिला है. अब विभाग निजी क्लीनिकों की जांच करेगा.

Written By Aman Singh
Published: Oct 01, 2026, 05:12 PM IST | Updated: Oct 01, 2026, 05:23 PM IST
Image Credit: AI Generated Image
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Alwar News: राजस्थान के अलवर के मुबारिकपुर से रघुनाथगढ़ जाने वाले मार्ग पर पुलिया के नीचे खुले में बायोमेडिकल वेस्ट मिला. खुले में बायोमेडिकल वेस्ट मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया. सड़क किनारे मेडिकल कचरा पड़े होने की सूचना मिलते ही चिकित्सा विभाग की टीम मौके पर पहुंची और बायोमेडिकल वेस्ट को एकत्र करवाकर वहां से हटवाया. टीम ने मौके से मिले कचरे से संबंधित जरूरी जानकारी जुटाते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है.

रामगढ़ बीसीएमओ अमित राठौड़ ने बताया कि मुबारिकपुर-रघुनाथगढ़ मार्ग पर पुलिया के नीचे बायोमेडिकल वेस्ट फेंके जाने की सूचना मिली थी. सूचना के बाद विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर कचरा हटवाया. प्रारंभिक जांच में मौके पर मिला बायोमेडिकल वेस्ट सरकारी स्वास्थ्य विभाग से संबंधित नहीं पाया गया है.

बीसीएमओ के अनुसार, प्रारंभिक जांच में आशंका है कि यह कचरा निजी क्लीनिक संचालकों या कथित तौर पर बिना वैध दस्तावेजों के प्रैक्टिस करने वाले लोगों की ओर से यहां फेंका गया हो सकता है. हालांकि इसकी पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी. मौके पर मिले बायोमेडिकल वेस्ट के बैच नंबर भी नोट किए गए हैं. इनके आधार पर रिपोर्ट तैयार कर सीएमएचओ और औषधि नियंत्रक को भेजी जाएगी.

निजी क्लीनिकों की होगी जांच

मामले के बाद चिकित्सा विभाग ने मुबारिकपुर क्षेत्र में निजी क्लीनिक संचालकों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है. बीसीएमओ अमित राठौड़ ने बताया कि निजी प्रैक्टिस करने वालों की बैठक सीएचसी मुबारिकपुर में आयोजित की जाएगी. बैठक में क्लीनिक संचालन के लिए जरूरी वैध दस्तावेज और बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण से जुड़े नियमों की जानकारी ली जाएगी.

इसके साथ ही विभाग की ओर से क्षेत्र में अभियान चलाकर निजी क्लीनिकों की जांच की जाएगी. जांच के दौरान बिना वैध दस्तावेज के क्लीनिक संचालित करने या बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी. जरूरत पड़ने पर ऐसे क्लीनिकों को बंद भी कराया जा सकता है.

खुले में बायोमेडिकल वेस्ट मिलने की इस घटना ने मेडिकल कचरे के सुरक्षित निस्तारण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि पुलिया के नीचे यह कचरा किसने फेंका और इसके लिए कौन जिम्मेदार है.

बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण के नियम

अस्पताल और क्लीनिक से निकलने वाले बायोमेडिकल वेस्ट को सामान्य कचरे के साथ नहीं फेंका जा सकता. इसे अलग-अलग रंग के बाग या कंटेनर में रखना जरूरी होता है. सुई, ग्लव्स, पट्टियां और संक्रमित सामग्री का सुरक्षित निस्तारण तय नियमों के अनुसार करना होता है. इसे सड़क, नाले या खुले स्थान पर फेंकना नियमों के खिलाफ है. क्लीनिक और अस्पतालों को यह कचरा अधिकृत एजेंसी को देना होता है, जहां इसका सुरक्षित निस्तारण किया जाता है.

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जून 2023 से ज़ी राजस्थान के साथ कार्यरत अमन लगातार अपनी क्रिएटिविटी और प्रोफेशनल स्किल्स के जरिए पाठकों तक तेज, सटीक और भरोसेमंद खबरें पहुंचा रहे हैं. वे उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के रहने वाले हैं, अमन ने जौनपुर से ही अपनी इंटरमीडिएट तक की शिक्षा पूरी की. इसके बाद उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया. डिजिटल पत्रकारिता में गहरी समझ, तेज खबर पकड़ने की क्षमता के कारण अमन सिंह एक उभरते हुए और भरोसेमंद मीडिया प्रोफेशनल के रूप में तेजी से अपनी पहचान बना रहे हैं.
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