राजस्थान में धीरे-धीरे पैर पसार रही गुलाबी ठंड: प्रदेश में सर्दी की एंट्री, 10+ जिलों का तापमान 20°C के नीचे
राजस्थान में गुजरते अक्टूबर के साथ-साथ मौसम भी करवट लेने लगा है. सुबहा और शाम में चाय की चुस्कियां दिल को अब और भी ज्यादा सुकून देने लगी है. चुटकियों के बीच मूंगफली दबाकर गिरी निकालना, फिर फूंक मारकर छिलके को हवा में उड़ाकर खाने का मौसम, प्रदेश के पायदान पर खड़ा है.
राजस्थान में अक्टूबर की विदाई के साथ ही मौसम भी धीरे-धीरे करवट लेने लगा है. सुबह की हल्की ठंडक हो या शाम की सिहरन, चाय की चुस्कियां अब पहले से ज्यादा सुकून देने लगी हैं. मौसम का मिजाज बदलते ही बाजारों में मूंगफली की खुशबू और गुड़ से बनी मिठाइयों का स्वाद याद आने लगा है. कहीं गुड़ की गजक और तिलपट्टी का इंतजार है, तो कहीं मूंगफली की चिक्की और गुड़ की पट्टी मुंह में मिठास घोलने को तैयार है.
सर्दियों में मूंगफली के छिलके उतारकर गर्मागर्म दाने खाना हो या गुड़ की मिठास के साथ ठंड को मात देना, ये छोटे-छोटे स्वाद ही मौसम को खास बनाते हैं. राजस्थान में गुलाबी ठंड की आहट के साथ अब रजाई, अदरक वाली चाय और गुड़-मूंगफली से बनी चीजों के दिन भी करीब आते जा रहे हैं. हालांकि, सर्दी ने अभी पूरी तरह दस्तक नहीं दी है, लेकिन मौसम का बदलता मिजाज आने वाले दिनों की ठंड का एहसास जरूर कराने लगा है.
राजस्थान में मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है. दिन और रात के तापमान में अंतर के बीच सुबह-शाम हल्की ठंडक का अहसास होने लगा है. मौसम विभाग के 19 अक्टूबर 2026 को जारी बुलेटिन के अनुसार, प्रदेश के कुछ जिलों में मेघगर्जन, बिजली गिरने, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है. ऐसे में मौसम का यह बदलाव गुलाबी ठंड की शुरुआत का संकेत दे रहा है. हालांकि, फिलहाल पूरे प्रदेश में कड़ाके की सर्दी की स्थिति नहीं है.
टोंक और सवाई माधोपुर में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर की ओर से जारी तत्कालिक चेतावनी के अनुसार, टोंक और सवाई माधोपुर जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम मेघगर्जन के साथ अचानक 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. इन क्षेत्रों में वज्रपात और ओलावृष्टि की आशंका भी जताई गई है. विभाग ने इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. संभावित मौसम को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. किसानों को भी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका के मद्देनजर सतर्क रहने की जरूरत है.
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अजमेर और करौली में येलो अलर्ट
अजमेर और करौली जिलों में भी मौसम बदलने की संभावना है. मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. यहां कुछ स्थानों पर मेघगर्जन के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. हल्की से मध्यम बारिश और बिजली गिरने की भी संभावना है. ऐसे मौसम में खुले स्थानों पर रहने से बचना चाहिए. बिजली चमकने या मेघगर्जन होने पर पेड़ों के नीचे खड़े होने के बजाय किसी सुरक्षित पक्के स्थान पर शरण लेना बेहतर है.
तापमान में गिरावट से बढ़ेगी ठंडक
अक्टूबर में राजस्थान के मौसम में धीरे-धीरे बदलाव आने लगता है. दिन में धूप और अपेक्षाकृत गर्मी के बीच सुबह तथा रात के समय ठंडक बढ़ने लगती है. मौसम विभाग के उपलब्ध बुलेटिन में पश्चिमी विक्षोभ और ऊपरी वायुमंडलीय परिसंचरण से जुड़ी मौसमी गतिविधियों का उल्लेख है. आने वाले दिनों में तापमान में बदलाव के साथ सुबह-शाम ठंडक बढ़ सकती है. हालांकि, गुलाबी ठंड का असर जिले और स्थानीय मौसम की परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग रहेगा.
पूर्वी राजस्थान में बारिश, पश्चिमी हिस्सों में शुष्क मौसम
मौसम विभाग के दैनिक पूर्वानुमान के अनुसार, जयपुर, भरतपुर और अजमेर संभाग के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. इसके विपरीत पश्चिमी राजस्थान में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना जताई गई है. विभाग के पूर्वानुमान में अगले चार से पांच दिनों तक पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में शुष्क मौसम बने रहने का संकेत है. इसलिए प्रदेश के सभी जिलों में एक जैसी ठंड या बारिश की स्थिति मानना सही नहीं होगा.
मौसम को देखते हुए क्या सावधानी बरतें?
तेज हवाओं और मेघगर्जन के दौरान लोगों को खुले मैदानों, बिजली के खंभों और पेड़ों से दूर रहना चाहिए. किसान मौसम की चेतावनी को ध्यान में रखकर कृषि कार्यों की योजना बनाएं. बारिश या ओलावृष्टि की संभावना वाले क्षेत्रों में फसल और कृषि उपकरणों की सुरक्षा पर भी ध्यान देना जरूरी है. फिलहाल राजस्थान में मौसम का बदलाव सर्दी की आहट जरूर दे रहा है, लेकिन आने वाले दिनों में ठंड कितनी बढ़ेगी, यह तापमान और स्थानीय मौसम परिस्थितियों पर निर्भर करेगा.