SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

नदियों में सख्ती से अवैध खनन रोकेगी सरकार, 6 जिलों के लिए टास्क फोर्स गठित

राजस्थान में जोजरी, बांडी और लूनी नदी के बहाव क्षेत्र में अवैध बजरी खनन, परिवहन और भंडारण पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार ने 6 टास्क फोर्स गठित की है. सिरोही, सोजत सिटी, जालौर, बाड़मेर, जोधपुर और गोटन में ये टीमें निगरानी करेंगी.

Reported By Kashiram Chaudhary Written By Aman Singh
Published: Nov 05, 2026, 09:39 PM IST | Updated: Nov 05, 2026, 09:44 PM IST
Image Credit: ZEE Media
Join

राजस्थान के जोजरी, बांड़ी और लूनी नदी के बहाव क्षेत्र में बजरी के अवैध खनन को लेकर अब सख्ती बरती जाएगी. खान विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव अपर्णा अरोरा ने इस मामले में 6 अलग-अलग टास्क फोर्स गठित कर दी हैं. अवैध बजरी के खनन, परिवहन और भण्डारण पर ये टास्क फोर्स कार्रवाई करेंगी. आपको बता दें कि जोजरी, बांडी और लूनी नदियों के बहाव क्षेत्र में बजरी के अवैध खनन, परिवहन और भण्डारण पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी.

निगरानी व्यवस्था को चाकचौबंद करने के लिए राज्य सरकार ने 6 टास्क फोर्स का गठन किया गया है. अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम अपर्णा अरोरा ने बताया कि टास्क फोर्स को हाईलेवल इकोसिस्टम ओवरसाइट कमेटी, सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी द्वारा जारी निर्देशों की सख्ती से पालना सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं. सिरोही, सोजत सिटी, जालौर, बाड़मेर, जोधपुर और गोटन में अलग-अलग 6 टास्क फोर्स का गठन किया गया है.

यह भी पढ़ें- कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट में क्या होगा खास: जानें टर्मिनल, रनवे और सोलर प्लांट की पूरी जानकारी

किस तरह की अनियमितताओं पर होगी कार्रवाई

टास्क फोर्स पर्यावरण क्लीयरेंस के उल्लंघन पर कार्रवाई करेंगी. नदी क्षेत्र में निर्धारित 3 मीटर गहराई से अधिक तक खनन पाए जाने पर कार्रवाई होगी. नदी के किनारों की तरफ निर्धारित दूरी नहीं छोड़ने पर सख्ती बरती जाएगी. पानी की सतह से नीचे बजरी खनन किए जाने पर भी कार्रवाई होगी. टास्क फोर्स सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के निर्देशों की पालना कराएगी. कार्रवाई की नियमित रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी जाएगी.

MMDR एक्ट के प्रावधानों में कार्रवाई के अधिकार

दरअसल, राज्य सरकार अवैध खनन गतिविधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है. टास्क फोर्स को फील्ड में मॉनिटरिंग व्यवस्था को चाक चौबंद करते हुए अवैध गतिविधियों पर भारत सरकार द्वारा जारी एंफोर्समेंट एण्ड मॉनिटरिंग गाइडलाइंस फॉर सेंड माइनिंग 2020 के अनुसार, कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही एमएमडीआर एक्ट की धारा 23 बी और राजस्थान अप्रधान खनिज रियायत नियम 2017 के संबंधित प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई के अधिकार दिए गए हैं.

यह भी पढ़ें- राजस्थान जलदाय विभाग में 1.75 करोड़ के टेंडर निरस्त, अब नए सिरे से होगी प्रक्रिया

टास्क फोर्स में सहायक खनि अभियंता स्तर के अधिकारी को प्रभारी और भूवैज्ञानिक, खनि कार्यदेशक और सर्वेयर स्तर के अधिकारियों को लगाया गया है. टास्क फोर्स का गठन करते हुए अन्य क्षेत्र के अधिकारियों और कार्मिकों को लगाया गया है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे.

अतिरिक्त निदेशक सतर्कता मुख्यालय को नोडल अधिकारी बनाया गया है. टास्क फोर्स में शामिल अधिकारियों को निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने और सख्ती से कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. कुल मिलाकर राज्य सरकार का उद्देश्य यही है कि अवैध खनन को रोका जा सके और सुप्रीम कोर्ट व एनजीटी के निर्देशों की पालना की जा सके.

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

जी राजस्थान में स्पेशल कॉरेस्पॉन्डेंट के रूप में कार्यरत काशीराम चौधरी पत्रकारिता के क्षेत्र में विगत 21 वर्षों से सक्रिय हैं. जी मीडिया में वे ट्रांसपोर्ट विषय से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से कवर करते हैं. बात चाहे सड़क परिवहन की हो, फ्लाइट मूवमेंट की या फिर रेलवे परिवहन, सभी क्षेत्रों में काशीराम सक्रिय रूप से न्यूज कवर करते रहे हैं. काशीराम कृषि और पशुपालन से जुड़ी खबरों पर भी गहरी पकड़ रखते हैं. किसानों की जमीनी हकीकत दिखाने के साथ ही कृषि विपणन मंडियों की भी रिपोर्टिंग करते रहे हैं. साथ ही वे आबकारी और माइंस सेक्टर की खबरों को भी दर्शकों तक पहुंचाते हैं. काशीराम जी मीडिया समूह से पहले राजस्थान पत्रिका, डीएनए, ईटीवी राजस्थान, फर्स्ट इंडिया न्यूज में भी कार्य कर चुके हैं.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES