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Jaipur News: राजस्थान के किसानों के लिए राज्य सरकार ने लंबित सब्सिडी को लेकर बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पिछले तीन वर्षों से अटकी किसानों की सब्सिडी के भुगतान को राज्य सरकार के स्तर से करने की मंजूरी दे दी है. करीब 156 करोड़ रुपये की लंबित सब्सिडी के भुगतान का रास्ता अब साफ हो गया है. सरकार की मंजूरी के बाद पात्र किसानों को जल्द ही उनकी बकाया राशि मिलने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.
अटल भूजल योजना के तहत किसानों को मिली थी सहायता
दरअसल, भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय की ओर से संचालित अटल भूजल योजना राजस्थान के 17 जिलों में 1 अप्रैल 2020 से लागू की गई थी. योजना के तहत किसानों को खेती से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों और संसाधनों के लिए सब्सिडी दी गई थी. इसमें फार्म पौंड, सिंचाई पाइपलाइन, डिग्गी, कृषि यंत्र, फसल बदलाव मिनीकिट, फव्वारा, मिनी स्प्रिंकलर और ड्रिप जैसी सुविधाएं शामिल थीं.
केंद्र से भुगतान नहीं होने पर अटकी राशि
भारत सरकार की ओर से 15 अक्टूबर 2025 के बाद योजना का क्रियान्वयन नहीं किए जाने के कारण किसानों की सब्सिडी का भुगतान लंबित रह गया. उपलब्ध जानकारी के अनुसार कुल 158 करोड़ रुपये की सब्सिडी राशि बकाया रह गई थी. इसमें कृषि विभाग की 90.91 करोड़ रुपये और उद्यानिकी विभाग की 66.16 करोड़ रुपये की देनदारी शामिल थी.
राज्य सरकार की ओर से लंबित भुगतान को लेकर केंद्र सरकार के स्तर पर कई बार प्रयास किए गए. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा, राजस्थान किसान आयोग के अध्यक्ष सीआर चौधरी और मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने जल शक्ति मंत्रालय के समक्ष इस मुद्दे को उठाया.
प्रशासनिक स्वीकृति में देरी बनी वजह
लंबित भुगतान के पीछे प्रशासनिक स्वीकृति में देरी और योजना की निर्धारित अवधि समाप्त होना प्रमुख वजह रही. राज्य सरकार की ओर से योजना की प्रशासनिक स्वीकृति देरी से जारी होने और केंद्र सरकार द्वारा 15 अक्टूबर 2025 के बाद योजना का क्रियान्वयन नहीं किए जाने के कारण केंद्र ने लंबित अनुदान का भुगतान करने में असमर्थता जताई.
इसके बाद किसानों की लंबित देनदारी को लेकर राज्य सरकार ने अपने स्तर पर भुगतान करने का निर्णय लिया. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने यह राशि राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि यानी SDMF से चुकाने की मंजूरी दी है.
इन जिलों में जारी हुआ बजट
अटल भूजल योजना के तहत लंबित सब्सिडी के भुगतान के लिए अलग-अलग जिलों को राशि आवंटित की गई है.

जिला परिषदों को फंड, सत्यापन के बाद होगा भुगतान
वित्त विभाग ने अटल भूजल योजना की लंबित देनदारियों का भुगतान SDMF से किए जाने की स्वीकृति प्रदान कर दी है. इसके बाद कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने संबंधित जिला परिषदों और जिला कृषि अधिकारियों को बजट आवंटन के आदेश जारी कर दिए हैं.
अब संबंधित अधिकारियों को पात्र किसानों का सत्यापन जल्द पूरा करने और सत्यापन के बाद भुगतान की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं. इसका मतलब है कि सब्सिडी पाने वाले किसानों के लिए अगला महत्वपूर्ण चरण दस्तावेजों और पात्रता का सत्यापन होगा.
उद्यानिकी विभाग की राशि पर भी कार्रवाई
कृषि विभाग से जुड़ी लंबित राशि के भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ ही उद्यानिकी विभाग की देनदारियों को लेकर भी अलग से कार्रवाई की जा रही है. कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने कहा है कि किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी प्रकार के लंबित भुगतान जल्द करने के प्रयास जारी हैं.
राज्य सरकार के इस फैसले के बाद तीन वर्षों से भुगतान का इंतजार कर रहे पात्र किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है. अब जिला स्तर पर सत्यापन और संबंधित औपचारिकताएं पूरी होने के बाद बकाया सब्सिडी के भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.