त्योहारों पर बेफिक्र करें शॉपिंग: राजस्थान के बाजारों में पुलिस की 'कालिका कमांडो' और पैदल गश्त का सख्त पहरा
राजस्थान में दिवाली और अन्य त्योहारों को देखते हुए CM भजनलाल शर्मा ने पुलिस को सुरक्षा बढ़ाने, रात में गश्त, साइबर अपराध रोकने, नशा तस्करों पर कार्रवाई और बाजारों में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए.
राजस्थान में धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा और भैया दूज जैसे प्रमुख त्योहारों को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा तैयारियां तेज करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं. त्योहारी दिनों में बाजारों, धार्मिक स्थलों, सार्वजनिक स्थानों और पर्यटन केन्द्रों पर लोगों की आवाजाही बढ़ने के मद्देनजर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पुलिस अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने स्पष्ट कहा कि त्योहारों के दौरान प्रदेश में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है.
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को कानून-व्यवस्था को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे केवल कार्यालयों तक सीमित न रहें, बल्कि खुद फील्ड में जाकर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लें. उन्होंने कहा कि आमजन को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के लिए पुलिस की सक्रियता और निगरानी लगातार बनी रहनी चाहिए.
बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में बढ़ेगी पुलिस की गश्त
मुख्यमंत्री ने प्रमुख बाजारों, धार्मिक स्थलों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि संवेदनशील और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में पुलिस की नियमित मौजूदगी सुनिश्चित की जाए. इसके साथ ही पैदल गश्त, रात के समय पेट्रोलिंग और नाकाबंदी को भी प्रभावी बनाया जाए.
त्योहारी सीजन में बाजारों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए पुलिस अधिकारियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है. वरिष्ठ अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था की नियमित निगरानी करने और जरूरत के अनुसार मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन करने के निर्देश दिए गए.
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नशा तस्करों के नेटवर्क पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को लगातार प्रभावी बनाए रखने पर जोर दिया. उन्होंने आशंका जताई कि त्योहारों के दौरान पुलिस की व्यस्तता का फायदा ड्रग माफिया और नशा तस्कर उठा सकते हैं. ऐसे में नशे के कारोबार से जुड़े लोगों पर विशेष निगरानी रखने की जरूरत है.
उन्होंने सक्रिय तस्करों और ड्रग माफिया की पहचान कर उनके नेटवर्क को ध्वस्त करने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई में किसी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए.
साइबर अपराध रोकने के लिए 24 घंटे सक्रिय रहेंगी टीमें
दीपावली के दौरान ऑनलाइन लेनदेन और डिजिटल गतिविधियों में बढ़ोतरी के बीच साइबर अपराधों को लेकर भी मुख्यमंत्री ने पुलिस को सतर्क किया. उन्होंने साइबर टीमों को चौबीसों घंटे सक्रिय रखने और शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस को साइबर अपराधियों से दो कदम आगे रहकर काम करना होगा. इसके लिए उनके काम करने के तरीकों और नेटवर्क की जानकारी जुटाई जाए तथा संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े लोगों की पहचान की जाए. समय रहते कार्रवाई होने से साइबर धोखाधड़ी की घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी.
सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर रहेगी नजर
मुख्यमंत्री ने साम्प्रदायिक रूप से संवेदनशील इलाकों की पहचान कर वहां विशेष सतर्कता बरतने को कहा. उन्होंने सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों, भ्रामक सूचनाओं और भड़काऊ सामग्री पर नजर रखने के निर्देश दिए. ऐसी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने पर भी जोर दिया.
उन्होंने पुलिस अधिकारियों को सोशल मीडिया विशेषज्ञों के साथ समन्वय बनाकर काम करने को कहा. दीपावली से पहले सीएलजी सदस्यों, सीएलजी यूथ और सुरक्षा सखियों के साथ बैठकें आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए. मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी भ्रामक सूचना सामने आने पर पहले तथ्यों की पुष्टि की जाए और उसके बाद तुरंत उचित कार्रवाई हो.
अपराधों की समीक्षा करेंगे आईजी और एसपी
मुख्यमंत्री ने सभी पुलिस महानिरीक्षकों (आईजी) और पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को अपने-अपने क्षेत्रों में अपराधों का लगातार आकलन करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में अपराधों की प्रकृति और उनके बढ़ने के कारणों का विस्तृत विश्लेषण किया जाए. इस समीक्षा के आधार पर अपराध रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अपराध नियंत्रण की जिम्मेदारी पुलिस नेतृत्व की है. इसलिए आईजी और एसपी को पूरी जवाबदेही के साथ काम करना होगा.
बाजारों में यातायात और पार्किंग की विशेष व्यवस्था
त्योहारों के दौरान बाजारों में वाहनों और लोगों की भीड़ बढ़ने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है. इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने व्यवस्थित ट्रैफिक प्रबंधन और पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि आमजन को आवागमन में परेशानी नहीं होनी चाहिए और एंबुलेंस सहित आपातकालीन सेवाओं के वाहनों के लिए रास्ते खुले रहने चाहिए. उन्होंने बाजारों के व्यापारियों के साथ बैठक कर उनके सुझाव लेने और सभी सीसीटीवी कैमरों को चालू रखने के निर्देश भी दिए.
पटाखों की दुकानों पर सुरक्षा मानकों का पालन जरूरीमुख्यमंत्री ने पटाखों की दुकानों पर सुरक्षा नियमों की पूरी पालना सुनिश्चित करने को कहा. उन्होंने अवैध रूप से पटाखों की बिक्री और भंडारण पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए. साथ ही पटाखों की दुकानों वाले क्षेत्रों में आगजनी की आशंका को देखते हुए अग्निशमन और आपातकालीन व्यवस्थाएं पूरी तरह तैयार रखने पर जोर दिया.
महिलाओं की सुरक्षा में कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की भूमिका
मुख्यमंत्री ने कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स के कामकाज का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि प्रदेशभर से महिलाओं की ओर से आभार पत्र मिल रहे हैं और इन यूनिट्स के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं. उनके अनुसार, कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को समय रहते रोकने में मदद कर रही हैं. इससे महिलाओं में सुरक्षा की भावना और आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है.
पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा पर भी रहेगा ध्यान
पर्यटन सीजन को देखते हुए मुख्यमंत्री ने प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि इस दौरान देश और विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक राजस्थान पहुंचते हैं. ऐसे में उनकी सुरक्षा के साथ सुविधाओं का भी पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए, ताकि पर्यटक प्रदेश से अच्छा अनुभव लेकर वापस लौटें.
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
कानून-व्यवस्था की इस बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) भास्कर ए. सावंत सहित सभी पुलिस महानिरीक्षक और जिलों के पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े. वहीं पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) अखिल अरोड़ा और पुलिस विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे.