)
Rajasthan Crime News: ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों रुपए की साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है. साइबर ठगों ने विदेशी ट्रेडिंग कंपनी के नाम से फर्जी प्लेटफॉर्म बनाया और टेलीग्राम के जरिए पीड़ित को अपने जाल में फंसाया. पहले छोटी रकम पर मुनाफा देकर भरोसा जीता और फिर फर्जी अकाउंट में करोड़ों का प्रॉफिट दिखाकर लगातार निवेश करवाते रहे. पीड़ित से 3 करोड़ 81 लाख 37 हजार 677 रुपए ठग लिए गए. मामले में सेंट्रल साइबर क्राइम पुलिस ने यूपी के फैजाबाद से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है.
ऑनलाइन ट्रेडिंग में ज्यादा मुनाफे का लालच
ऑनलाइन ट्रेडिंग में कम समय में ज्यादा मुनाफा कमाने का लालच और इसी लालच को हथियार बनाकर साइबर ठगों ने जयपुर के एक व्यक्ति को करोड़ों की चपत लगा दी. पीड़ित गूगल पर ऑनलाइन ट्रेडिंग और निवेश की जानकारी तलाश रहा था. इस दौरान उसे CMC Forex/CMC Global CS के नाम से ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म मिला. ठगों ने खुद को कंपनी के भारत स्थित कस्टमर केयर और मैनेजमेंट से जुड़ा बताया और टेलीग्राम के जरिए संपर्क किया.
छोटी रकम पर रिटर्न देकर जीता भरोसा
ठगों ने पहले छोटी रकम निवेश करवाई और उस रकम में से कुछ राशि वापस कर दी. रिटर्न मिलने के बाद पीड़ित को प्लेटफॉर्म के असली होने का भरोसा हो गया. इसके बाद ठग लगातार अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवाते रहे. वहीं फर्जी ट्रेडिंग अकाउंट में निवेश के मुकाबले बढ़ता हुआ करोड़ों का मुनाफा दिखाया जाता रहा.
पैसा निकालने पर शुरू हुआ ठगी का दूसरा खेल
जब पीड़ित ने अपना पैसा निकालना चाहा तो ठगी का अगला खेल शुरू हुआ. कभी इनकम टैक्स, कभी करेंसी एक्सचेंज फीस, कभी सिक्योरिटी डिपॉजिट और मार्जिन गारंटी के नाम पर रकम मांगी गई. हर भुगतान के बाद नई शर्त और नया शुल्क सामने रख दिया जाता. इस तरह पीड़ित से बार-बार रकम जमा करवाई गई, लेकिन फर्जी अकाउंट में दिख रहा करोड़ों का मुनाफा कभी उसके हाथ नहीं आया.
3.81 करोड़ रुपए की साइबर ठगी
फर्जी CMC Forex प्लेटफॉर्म
टेलीग्राम से बनाया संपर्क
छोटी रकम पर रिटर्न देकर भरोसा
फर्जी अकाउंट में करोड़ों का मुनाफा
टैक्स फीस के नाम पर अतिरिक्त वसूली
20 लाख रुपए लाभार्थी खाते में पहुंचे
आरोपी आलोक फैजाबाद से गिरफ्तार
मनी ट्रेल और तकनीकी जांच जारी
20 लाख रुपए लाभार्थी खाते में पहुंचे
जांच के दौरान पुलिस ने बैंक रिकॉर्ड और मनी ट्रेल खंगाली. एक लाभार्थी बैंक खाते का संबंध शिव बेकर्स एंड फास्ट फूड से सामने आया. इस खाते में ठगी की रकम के 20 लाख रुपये पहुंचे थे. तकनीकी और बैंकिंग साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने यूपी के फैजाबाद यानी अयोध्या निवासी आलोक को गिरफ्तार किया है.
पूरे नेटवर्क की पड़ताल जारी
पुलिस अब CDR, CAF, IPDR और बैंकिंग ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है. ठगी की रकम किन-किन खातों में पहुंची, रकम आगे कहां ट्रांसफर हुई और नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं, इसकी पड़ताल जारी है. यानी 3.81 करोड़ रुपए की ऑनलाइन ट्रेडिंग ठगी के पीछे छिपे पूरे नेटवर्क का खुलासा अभी बाकी है.