RCA चुनाव में मचा घमासान: 29 नामांकन से गरमाई क्रिकेट की सियासत, अध्यक्ष पद पर 5 दावेदार
Rajasthan News: RCA चुनाव में नामांकन के आखिरी दिन अध्यक्ष समेत प्रमुख पदों पर कुल 29 पर्चे दाखिल हुए. अध्यक्ष पद पर 5 दावेदार हैं. स्क्रूटनी और नाम वापसी के बाद साफ होगी अंतिम तस्वीर. जानें RCA चुनाव की हर डिटेल.
RCA Elections: राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) के चुनाव में नामांकन के आखिरी दिन सियासी और संगठनात्मक समीकरण गरमा गए. अध्यक्ष पद समेत सभी प्रमुख पदों के लिए कुल 29 नामांकन सामने आए हैं. अध्यक्ष पद पर धनंजय सिंह खींवसर, दीनदयाल कुमावत, पराक्रम सिंह राठौड़, राजेश सारस्वत और बृजकिशोर उपाध्याय ने नामांकन किया है. हालांकि अभी अंतिम तस्वीर साफ नहीं है. नामांकन की जांच और नाम वापसी के बाद ही पता चलेगा कि कितने उम्मीदवार मैदान में रहेंगे और अध्यक्ष पद पर असली मुकाबला किन चेहरों के बीच होगा.
सरकार के मैसेज का इंतजार, खींवसर बोले- सूचना नहीं मिली
नामांकन के बाद धनंजय सिंह खींवसर ने कहा कि उन्हें सरकार की तरफ से कोई मैसेज नहीं मिला, इसलिए वे नामांकन दाखिल करने पहुंचे. उनके गुट से अध्यक्ष पद पर धनंजय सिंह खींवसर और दीनदयाल कुमावत ने पर्चा भरा. इसी गुट से उपाध्यक्ष पद पर मोहित यादव और पवन दिलावर, सचिव पद पर मोहित यादव और आशीष तिवाड़ी, संयुक्त सचिव पद पर विनोद सहारण, कोषाध्यक्ष पद पर आशीष तिवाड़ी और कार्यकारिणी सदस्य के लिए अरिष्ट सिंहवी ने नामांकन किया.
पराक्रम राठौड़ बोले- हम सरकार के साथ
दूसरे गुट से पराक्रम सिंह राठौड़ ने अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया. राठौड़ ने कहा कि वे सरकार के साथ हैं और सरकार व संगठन की ओर से जो निर्देश मिलेंगे, उसी के अनुसार काम करेंगे. उनके गुट से सचिव पद पर मनोज कुमार शर्मा, उपाध्यक्ष पद पर मनोज कुमार शर्मा और रतन सिंह शेखावत, कोषाध्यक्ष पद पर सुशील जैन, संयुक्त सचिव पद पर सुशील जैन और रतन सिंह शेखावत तथा कार्यकारिणी सदस्य के लिए धर्मवीर सिंह शेखावत ने नामांकन किया.
बृजकिशोर उपाध्याय गुट भी मैदान में
तीसरे गुट से बृजकिशोर उपाध्याय ने अध्यक्ष पद के लिए नामांकन किया. इस दौरान राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी की मौजूदगी भी चर्चा में रही. पराक्रम सिंह राठौड़ भी उनके साथ नजर आए. इस गुट से उपाध्यक्ष रतन सिंह शेखावत, सचिव पिंकेश कुमार जैन, संयुक्त सचिव राजेश सारस्वत, कोषाध्यक्ष विष्णु प्रकाश अग्रवाल और कार्यकारिणी सदस्य के लिए अरिष्ट सिंहवी ने नामांकन किया.
सचिव पद पर सबसे ज्यादा दावेदारी
पदवार आंकड़ों पर नजर डालें तो सचिव पद पर सबसे ज्यादा 6 नामांकन हैं. इनमें मोहित यादव, आशीष तिवाड़ी, मनोज कुमार शर्मा, सोमेंद्र तिवाड़ी, बृजकिशोर उपाध्याय और पिंकेश कुमार जैन शामिल हैं. अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और संयुक्त सचिव पद पर 5-5 नामांकन हैं. कोषाध्यक्ष और कार्यकारिणी सदस्य पद पर 4-4 नामांकन हुए हैं.
अध्यक्ष पद पर धनंजय सिंह खींवसर, दीनदयाल कुमावत, पराक्रम सिंह राठौड़, राजेश सारस्वत और बृजकिशोर उपाध्याय हैं. उपाध्यक्ष पद पर पवन दिलावर, मोहित यादव, मनोज कुमार शर्मा, रतन सिंह शेखावत और मनोज चौधरी हैं. कोषाध्यक्ष पद पर आशीष तिवाड़ी, सुशील जैन, विष्णु प्रकाश अग्रवाल और राजेश कुमार माथुर हैं. संयुक्त सचिव पद पर विनोद सहारण, रतन सिंह शेखावत, सुशील जैन, गोविंद स्वरूप उपाध्याय और राजेश सारस्वत हैं. कार्यकारिणी सदस्य पद पर शोभना गुर्जर, अरिष्ट सिंहवी, धर्मवीर सिंह शेखावत और राकेश चौधरी ने पर्चा भरा है.
RCA की पिच पर नेता-पुत्रों की भी चर्चा
इस बार RCA चुनाव में राजनीतिक परिवारों से जुड़े कई चेहरे भी चर्चा में हैं. धनंजय सिंह खींवसर कैबिनेट मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बेटे हैं. पवन दिलावर कैबिनेट मंत्री मदन दिलावर के बेटे हैं. पराक्रम सिंह राठौड़ पूर्व मंत्री राजेंद्र राठौड़ के बेटे हैं. आशीष तिवाड़ी राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी के बेटे हैं. मोहित यादव विधायक जसवंत यादव के बेटे हैं. अरिष्ट सिंहवी भी पूर्व राज्य मंत्री के बेटे बताए जा रहे हैं. इन चेहरों की मौजूदगी के कारण चुनाव में क्रिकेट प्रशासन के साथ राजनीतिक पृष्ठभूमि की भी चर्चा हो रही है.
1931 में अजमेर से शुरू हुआ RCA का सफर
RCA का इतिहास काफी पुराना है. राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन की शुरुआत 1931 में अजमेर में हुई थी. उस समय इसका नाम राजपूताना क्रिकेट एसोसिएशन था. RCA की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक संघ ने 1935-36 से रणजी ट्रॉफी में खेलना शुरू किया. शुरुआती दौर में अजमेर, अलवर और उदयपुर जैसे इलाकों में क्रिकेट खेला जाता था. 1887 में अजमेर के मेयो कॉलेज और गवर्नमेंट कॉलेज के बीच मैच को राजपूताना की धरती पर पहला दर्ज क्रिकेट मैच बताया गया है.
1933 में डीआर जार्डिन की टीम अजमेर आई थी. राजपूताना ने लॉर्ड टेनिसन की टीम को 2 विकेट से हराकर किसी विदेशी दौरा करने वाली टीम के खिलाफ अपनी पहली जीत दर्ज की थी. दिसंबर 1935 में राजस्थान ने इंदौर में अपना पहला रणजी ट्रॉफी मैच खेला, जिसमें उसे 242 रन से हार मिली.
1957 में नाम बदला, मुख्यालय जयपुर आया
1956 में एसोसिएशन का मुख्यालय अजमेर से उदयपुर चला गया. इसके बाद 1957 में इसका नाम बदलकर राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन किया गया और मुख्यालय जयपुर शिफ्ट हो गया. 1959 में प्रिंस दलीप सिंहजी उदयपुर आए और राजस्थान के क्रिकेटरों को खेल की बारीकियां सिखाईं.
रणजी ट्रॉफी में राजस्थान की टीम ने भी अपनी पहचान बनाई. 1960-61 से 1969-70 के बीच राजस्थान कई बार रणजी ट्रॉफी के फाइनल तक पहुंचा. इस दौर में टीम ने घरेलू क्रिकेट में लगातार अपनी मौजूदगी दर्ज कराई.
चुनाव तक कैसे पहुंचा RCA?
2026 के चुनाव से पहले RCA में प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर विवाद रहा. राजस्थान हाईकोर्ट ने 1 जुलाई 2026 को एडहॉक कमेटी को निलंबित करते हुए भास्कर ए. सावंत को प्रशासक नियुक्त किया और तीन महीने के भीतर RCA की मैनेजिंग कमेटी के चुनाव कराने के निर्देश दिए. इसके बाद चुनाव कार्यक्रम सामने आया. RCA की आधिकारिक वेबसाइट पर 2026-29 चुनाव के लिए अंतिम वोटर लिस्ट और जिला क्रिकेट संघों के पदाधिकारियों की सूची जारी की गई है. चुनाव 29 सितंबर 2026 को होना तय है.
RCA चुनाव में कितने पदों पर दावेदारी?
इस चुनाव में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, संयुक्त सचिव, कोषाध्यक्ष और कार्यकारिणी सदस्य जैसे पद शामिल हैं. मौजूदा नामांकन के मुताबिक इन छह पदों के लिए कुल 29 पर्चे दाखिल हुए हैं. लेकिन नामांकन दाखिल होना और अंतिम उम्मीदवार होना अलग बात है. पहले नामांकन की जांच होगी और उसके बाद नाम वापस लेने का मौका मिलेगा. तभी अंतिम सूची सामने आएगी.
RCA चुनाव से जुड़े कुछ सवाल
सवाल: RCA क्या है?
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन राज्य में क्रिकेट के प्रशासन और आयोजन से जुड़ी संस्था है. यह राज्य की क्रिकेट टीम और क्रिकेट गतिविधियों से जुड़े काम देखती है.
सवाल: RCA की शुरुआत कब हुई थी?
RCA की शुरुआत 1931 में अजमेर में राजपूताना क्रिकेट एसोसिएशन के नाम से हुई थी. 1957 में इसका नाम राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन हुआ और मुख्यालय जयपुर आ गया.
सवाल: 2026 चुनाव में अध्यक्ष पद पर कितने नामांकन हैं?
अभी उपलब्ध नामांकन के मुताबिक अध्यक्ष पद पर 5 पर्चे दाखिल हुए हैं. अंतिम संख्या स्क्रूटनी और नाम वापसी के बाद तय होगी.
सवाल: सचिव पद पर कितने उम्मीदवार हैं?
सचिव पद पर 6 नामांकन हुए हैं, जो सभी प्रमुख पदों में सबसे ज्यादा हैं.
सवाल: क्या नामांकन के बाद उम्मीदवारों की संख्या बदल सकती है?
हां. स्क्रूटनी में नामांकन खारिज हो सकता है और नाम वापसी के बाद उम्मीदवारों की संख्या घट सकती है. इसलिए अंतिम मुकाबले की तस्वीर बाद में साफ होगी.
अब RCA चुनाव में अगली नजर स्क्रूटनी और नाम वापसी पर है. इसके बाद साफ होगा कि 29 नामांकनों में से कितने उम्मीदवार अंतिम मैदान में रहते हैं और अध्यक्ष पद पर मुकाबला कितने चेहरों के बीच होता है.