राजस्थान ANTF की बड़ी कार्रवाई: 1250 KM दूर छिपा था अफीम-गांजे का बड़ा सप्लायर, घर से हुआ गिरफ्तार
राजस्थान ANTF ने पांच साल से फरार 25 हजार रुपये के इनामी तस्कर परमेश्वर दांगी को झारखंड के हजारीबाग से गिरफ्तार किया है. मोबाइल फोन इस्तेमाल नहीं करने वाले आरोपी तक पहुंचने के लिए टीम ने प्रधानमंत्री आवास योजना के सर्वे का सहारा लिया और उसे घर में छिपा हुआ पकड़ लिया. आरोपी करीब 20 साल से अफीम, गांजा और डोडा-चूरा की तस्करी से जुड़ा था.
Rajasthan News: राजस्थान पुलिस के एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स यानी ANTF ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. पांच साल से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी तस्कर को झारखंड से गिरफ्तार किया गया है. आरोपी करीब 20 साल से अफीम, गांजा और डोडा-चूरा की तस्करी से जुड़ा था.
मोबाइल तक नहीं रखता था आरोपी, फिर ANTF ने कैसे ढूंढ निकाला?
खास बात ये है कि आरोपी मोबाइल तक इस्तेमाल नहीं करता था. ऐसे में ANTF ने प्रधानमंत्री आवास योजना के सर्वे को अपनी रणनीति का हिस्सा बनाया और आखिरकार आरोपी को उसके घर में छिपे होने की हालत में दबोच लिया.
राजस्थान से करीब 1,250 किलोमीटर दूर झारखंड में सामने था पांच साल से फरार 25 हजार रुपये का इनामी तस्कर परमेश्वर दांगी. ANTF ने ऑपरेशन 'झाड़डांग' चलाया और आरोपी को उसके ही घर से गिरफ्तार कर लिया.
जंगलों से शुरू हुआ नशे का कारोबार राजस्थान तक कैसे पहुंचा?
परमेश्वर दांगी झारखंड के हजारीबाग जिले के चौपारण इलाके का रहने वाला है. दसवीं तक पढ़ाई के बाद खेती और मजदूरी की. फिर किराने की दुकान खोली लेकिन गांव के आसपास जंगलों में होने वाली अवैध अफीम और गांजे की खेती की जानकारी ने उसे नशे के कारोबार तक पहुंचा दिया.
राजस्थान से आए एक तस्कर के संपर्क में आने के बाद परमेश्वर ने मोटी कमाई के लालच में जंगलों से अफीम, गांजा और डोडा-चूरा जुटाकर बाहरी राज्यों के तस्करों तक पहुंचाना शुरू किया. धीरे-धीरे राजस्थान, मध्यप्रदेश और हरियाणा समेत कई राज्यों के तस्करों से उसके संपर्क बन गए.
साल 2022 में परमेश्वर ने अपने साथियों के साथ मिलकर जयपुर भेजने के लिए 3 किलो 625 ग्राम अफीम की खेप उपलब्ध कराई थी. कोटपूतली पुलिस ने तस्करों को अफीम के साथ पकड़ा. जांच आगे बढ़ी तो परमेश्वर का नाम सप्लायर के तौर पर सामने आया. इसके बाद पुलिस उसके गांव पहुंची, लेकिन कार्रवाई की भनक लगते ही परमेश्वर फरार हो गया. गिरफ्तारी से बचने के लिए ठिकाने बदलता रहा. इतना ही नहीं, पुलिस की नजर से बचने के लिए उसने मोबाइल फोन तक रखना छोड़ दिया था. जरूरत पड़ने पर पत्नी और आसपास के लोगों के मोबाइल से संपर्क करता था.
पांच साल से फरार था परमेश्वर, आखिर घर में ही कैसे दबोचा गया?
अब ANTF के सामने सबसे बड़ी चुनौती आरोपी का पता लगाना था. टीम झारखंड पहुंची और रणनीति बदली. प्रधानमंत्री आवास योजना के सर्वे का सहारा लेकर टीम घर-घर पहुंचने लगी. इसी दौरान परमेश्वर के घर की पहचान हो गई. घर पर आरोपी की पत्नी मिली. टीम ने आवास योजना के भौतिक सत्यापन की बात कही और परमेश्वर के बारे में पूछा. पत्नी ने बताया कि पति बाहर गया है और अगले दिन आएगा.
टीम अगले दिन वापस पहुंची तो परिवार को शक हो गया. परमेश्वर के बारे में जानकारी देने में आनाकानी होने लगी लेकिन ANTF टीम ने सूझबूझ से बातचीत जारी रखी. इसके बाद मकान की तलाशी ली गई तो परमेश्वर घर के अंदर ही छिपा मिला. टीम ने तुरंत पांच साल से फरार 25 हजार के इनामी तस्कर को दबोच लिया.
ANTF के मुताबिक, परमेश्वर अफीम पर पांच हजार रुपये प्रति किलो और डोडा-चूरा पर 200 रुपये प्रति किलो कमीशन लेता था. पुलिस अब आरोपी से उसके नेटवर्क और राजस्थान समेत दूसरे राज्यों में जुड़े तस्करों के बारे में पूछताछ करेगी. आईजी विकास कुमार ने कहा कि इस ऑपरेशन में शामिल टीम को सम्मानित किया जाएगा.