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राजस्थान में सर्दी की शुरुआत के साथ कई शहरों की हवा की गुणवत्ता खराब होने लगी है. प्रदेश के अलग-अलग शहरों में वायु प्रदूषण का स्तर चिंता बढ़ा रहा है. 7 नवंबर 2026 को शाम 4 बजे जारी एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) बुलेटिन के अनुसार खैरथल और भिवाड़ी की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है. दोनों शहरों में AQI 300 के पार पहुंच गया है. वहीं जयपुर सहित कई शहरों में हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में दर्ज की गई है.
AQI रिपोर्ट के मुताबिक खैरथल में वायु गुणवत्ता सूचकांक 335 दर्ज किया गया है. यह प्रदेश में दर्ज सबसे अधिक स्तर है. यहां हवा की गुणवत्ता बेहद खराब (Very Poor) श्रेणी में है. इसके बाद भिवाड़ी का नंबर है, जहां AQI 318 दर्ज हुआ. दोनों शहरों में PM2.5 प्रमुख प्रदूषक के रूप में सामने आया है. भिवाड़ी में PM10 भी प्रदूषण का प्रमुख कारण रहा.
इस श्रेणी में लंबे समय तक रहने पर सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है. ऐसे में इन शहरों के लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है.
राजधानी जयपुर में AQI 231 दर्ज किया गया है. यहां वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में है और PM2.5 प्रमुख प्रदूषक है. प्रदेश के अन्य शहरों में भी स्थिति अच्छी नहीं है.

इन सभी शहरों में AQI 201 से 300 के बीच रहा, जो खराब श्रेणी में आता है.
प्रदेश के कई अन्य शहरों में हवा की गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में दर्ज की गई. इनमें नागौर (200), हनुमानगढ़ (197), पाली (166), भीलवाड़ा (164), बूंदी (161), डीग (161), जोधपुर (153), कोटा (153), उदयपुर (148), कोटपूतली (148), अजमेर (132), बारां (125), बाड़मेर (124), बांसवाड़ा (120), प्रतापगढ़ (116), सिरोही (114), राजसमंद (107) और डूंगरपुर (100) शामिल हैं. श्रीगंगानगर में AQI 195, झालावाड़ में 161 दर्ज हुआ.
AQI के आधिकारिक स्वास्थ्य मानकों के अनुसार 201 से 300 के बीच प्रदूषण खराब श्रेणी में आता है. इस स्तर पर लंबे समय तक रहने से ज्यादातर लोगों को सांस लेने में परेशानी हो सकती है. वहीं 301 से 400 का स्तर बेहद खराब माना जाता है. इस स्थिति में लंबे समय तक रहने से सांस संबंधी बीमारियां हो सकती हैं.
रिपोर्ट के आंकड़े पिछले 24 घंटे के औसत पर आधारित हैं. अलग-अलग निगरानी केंद्रों पर प्रदूषण का स्तर अलग हो सकता है.