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राजस्थान में पर्यटन की रौनक बढ़ने लगी है. अक्टूबर माह के अंतिम सप्ताह के दौरान अब प्रदेश में पर्यटकों की आवक बढ़ रही है, लेकिन इस बार राज्य के एयरपोर्ट्स पर एविएशन की रौनक नहीं लौट सकी है. पिछले वर्ष की तुलना में लगभग सभी एयरपोर्ट्स पर एयर कनेक्टिविटी कमजोर हुई है. सर्दियों के दौरान राज्य के सभी 6 एयरपोर्ट पर फ्लाइट संचालन में बढ़ोतरी होती है.
जैसलमेर एयरपोर्ट से तो केवल सर्दियों के दौरान ही फ्लाइट चलती हैं. वहीं बीकानेर और किशनगढ़ एयरपोर्ट पर भी सर्दियों में ही फ्लाइट बढ़ती रही हैं, लेकिन इस बार हालात सामान्य नहीं दिख रहे. एविएशन एक्सपर्ट प्रकाश मीना की मानें तो ईरान-अमेरिका युद्ध के बाद से ही ग्लोबल लेवल पर एविएशन टरबाइन फ्यूल के दाम बढ़े हैं. किसी भी फ्लाइट संचालन में करीब 40 फीसदी लागत ईंधन की रहती है. ऐसे में एविएशन टरबाइन फ्यूल की दरें बढ़ने से एयरलाइंस फ्लाइट कम करने के लिए मजबूर हुई हैं. पिछले 8 माह के दौरान ईंधन की दरें 40 फीसदी तक बढ़ी हैं. इस कारण एयरलाइंस ने फ्लाइट संचालन में कटौती की है.
उदयपुर एयरपोर्ट से वर्तमान में रोज औसतन 23 फ्लाइट संचालित हैं. जो दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, जयपुर और नोएडा के लिए उड़ान भरती हैं. वहीं पिछले वर्ष इंदौर, भोपाल, सूरत और कोलकाता के लिए भी फ्लाइट थी. जोधपुर एयरपोर्ट से फिलहाल रोज औसतन 14 फ्लाइट संचालित होती हैं. जोधपुर से 10 एयरपोर्ट के लिए फ्लाइट उपलब्ध हैं. इंदौर, नोएडा, दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और नवी मुंबई के लिए फ्लाइट है. अहमदाबाद, जयपुर, पुणे और हैदराबाद के लिए भी फ्लाइट उपलब्ध है. पिछले वर्ष जोधपुर एयरपोर्ट से इन दिनों में 15 फ्लाइट चल रही थीं.
जैसलमेर एयरपोर्ट से वर्तमान में रोज 5 फ्लाइट संचालित होती हैं. दिल्ली और मुंबई मात्र 2 शहरों के लिए ही फ्लाइट उपलब्ध है. पिछले वर्ष जयपुर और बेंगलुरु के लिए भी फ्लाइट संचालित थी. किशनगढ़ एयरपोर्ट से वर्तमान में रोज औसतन 2 फ्लाइट संचालित हैं. पुणे, नोएडा और दिल्ली की फ्लाइट संचालित हो रही हैं. जबकि पिछले वर्ष हैदराबाद और सूरत की फ्लाइट भी उपलब्ध थी.
बीकानेर एयरपोर्ट से एयर कनेक्टिविटी पिछले साल के लगभग समकक्ष ही चल रही है. पिछले वर्ष सर्दियों में बीकानेर से दिल्ली और जयपुर की एक-एक फ्लाइट थी. इस बार भी दोनों शहरों के लिए ही फ्लाइट संचालित हो रही हैं. वहीं राज्य के सबसे बड़े एयरपोर्ट जयपुर एयरपोर्ट पर भी पिछले साल की तुलना में फ्लाइट संचालन कम हुआ है.
पिछले वर्ष 26 अक्टूबर से लागू विंटर शेड्यूल में 76 फ्लाइट थी. जबकि वर्तमान में रोज औसतन 65 फ्लाइट ही संचालित हैं. यानी पिछले वर्ष की तुलना में 11 फ्लाइट कम संचालित हो रही हैं. जयपुर से अमृतसर, वाराणसी, आगरा, जैसलमेर, भोपाल की फ्लाइट नहीं है. गोवा, अहमदाबाद, हैदराबाद, चंडीगढ़ की फ्रिक्वेंसी भी पिछले साल से कम है.