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पहले आनन-फानन में ज्वाइनिंग, अब पोस्टिंग में देरी: राजस्थान के 1100 पशु चिकित्सकों का मामला

राजस्थान में 1100 पशु चिकित्सक एक महीने से पोस्टिंग का इंतजार कर रहे हैं. 2 अक्टूबर को ज्वाइनिंग के बावजूद ग्रामीण पशुपालकों को इनकी सेवाएं नहीं मिल रहीं. अब 10 नवंबर तक ऑनलाइन काउंसलिंग से विकल्प भरेंगे, जबकि पदस्थापन 20 नवंबर के बाद होगा.

Reported By Kashiram Chaudhary Edited By SAGAR CHAUDHARY
Published: Oct 29, 2026, 07:38 PM IST | Updated: Oct 29, 2026, 07:42 PM IST
Image Credit: Zee Media
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राजस्थान में बीते एक महीने से 1100 पशु चिकित्सक पोस्टिंग का इंतजार कर रहे हैं. पंचायत चुनावों की आचार संहिता लगने से पूर्व पशुपालन विभाग ने आनन-फानन में इन पशु चिकित्सकों को ज्वाइनिंग तो दे दी, लेकिन अभी तक इन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं का उपचार करने के लिए पोस्टिंग नहीं दी जा सकी है. हालांकि अब ऑनलाइन काउंसलिंग के जरिए पोस्टिंग के विकल्प भरवाए जा रहे हैं. राजस्थान में 2 अक्टूबर को आनन-फानन में 1100 नए पशु चिकित्सकों को ज्वाइनिंग दे दी गई है. राज्य सरकार की नजर में पशुपालन विभाग ने अपनी एक बड़ी उपलब्धि भी दिखा दी है. लेकिन वास्तविक पशुपालकों को इन पशु चिकित्सकों की सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है. दरअसल ज्यादातर पशु चिकित्सक या तो ज्वाइंट डायरेक्टर कार्यालयों में ड्यूटी दे रहे हैं. या फिर इन्हें ब्लॉक लेवल पर पॉली क्लीनिक या अन्य पशु चिकित्सालयों में लगाया हुआ है. लेकिन वास्तविक धरातल पर ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चिकित्सक नहीं लगाए जा सके हैं. हालांकि अब पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती-2025 के तहत चयनित अभ्यर्थियों की पोस्टिंग के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. नवचयनित पशु चिकित्सक 10 नवंबर 2026 तक विभाग की वेबसाइट के माध्यम से अपनी पसंद के जिले और संस्थानों के विकल्प भर सकेंगे. पोस्टिंग का आवंटन अभ्यर्थियों की मेरिट और उनके द्वारा दिए गए विकल्पों के आधार पर किया जाएगा.

इस तरह मिलेगी पशु चिकित्सकों को पोस्टिंग
- वेबसाइट www.animalhusbandry.rajasthan.gov.in पर आवेदन करना होगा
- वेबसाइट लिंक पर अभ्यर्थियों को ऑनलाइन काउंसलिंग में शामिल होना होगा
- पशु चिकित्सक को मोबाइल नंबर या ई-मेल के ओटीपी से लॉगिन करना होगा
- अभ्यर्थियों को पोर्टल पर रिक्तियों के अनुसार सभी जिलों के विकल्प भरने होंगे
- सभी विकल्प भरने के बाद ही फॉर्म सबमिट किया जा सकेगा
- अभ्यर्थी अपनी पसंद के संस्थानों को प्राथमिकता के क्रम में चुन सकेंगे
- संस्थान का सेंटर कोड खोजकर उसे प्राथमिकता सूची में जोड़ना होगा
- यदि कोई अभ्यर्थी किसी जिले के सभी संस्थानों को विकल्प में शामिल करना चाहता है,
- तो वह 'एनीव्हेयर इन डिस्ट्रिक्ट' का विकल्प चुन सकता है
- पदस्थापन मेरिट और उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर किया जाएगा
- यदि कोई अभ्यर्थी ऑनलाइन काउंसलिंग में विकल्प नहीं भरेगा
- तो उसे नियमों के अनुसार किसी भी जिले में रिक्त पद पर लगाया जा सकेगा
- अविवाहित महिला अभ्यर्थियों को निर्धारित प्रारूप में शपथ पत्र अपलोड करना होगा
- यदि अभ्यर्थी के पति या पत्नी पहले से सेवारत हैं या इसी भर्ती में चयनित हुए हैं
- तो भी निर्धारित प्रारूप में शपथ पत्र, राज्य सेवा में होने का प्रमाण अपलोड करना होगा

यह भी पढ़ें - राजस्थान में 3 लाख घरों में लगेंगे फ्री सोलर पैनल: जानें किसे मिलेगी प्राथमिकता

20 नवंबर बाद ही हो सकेगा पदस्थापन
पशुपालन विभाग ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे अंतिम सबमिशन से पहले अपनी प्राथमिकता सूची को ध्यान से जांच लें. सभी विवरण सही होने पर ही फाइनल सब्मिट करें. पशुपालन विभाग के संयुक्त सचिव दिनेश कुमार जांगिड़ की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि 10 नवंबर तक विकल्प भरने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी. इसके बाद सम्बंधित पशु चिकित्सकों की प्राथमिकता के आधार पर पदस्थापन किया जाएगा. हालांकि बड़ा सवाल यह है कि जब पशु चिकित्सकों का पदस्थापन 20 नवंबर के बाद ही किया जाना है, तो करीब पौने 2 माह पहले आनन-फानन में ज्वाइनिंग करवाने की ऐसी क्या जल्दबाजी थी?

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जी राजस्थान में स्पेशल कॉरेस्पॉन्डेंट के रूप में कार्यरत काशीराम चौधरी पत्रकारिता के क्षेत्र में विगत 21 वर्षों से सक्रिय हैं. जी मीडिया में वे ट्रांसपोर्ट विषय से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से कवर करते हैं. बात चाहे सड़क परिवहन की हो, फ्लाइट मूवमेंट की या फिर रेलवे परिवहन, सभी क्षेत्रों में काशीराम सक्रिय रूप से न्यूज कवर करते रहे हैं. काशीराम कृषि और पशुपालन से जुड़ी खबरों पर भी गहरी पकड़ रखते हैं. किसानों की जमीनी हकीकत दिखाने के साथ ही कृषि विपणन मंडियों की भी रिपोर्टिंग करते रहे हैं. साथ ही वे आबकारी और माइंस सेक्टर की खबरों को भी दर्शकों तक पहुंचाते हैं. काशीराम जी मीडिया समूह से पहले राजस्थान पत्रिका, डीएनए, ईटीवी राजस्थान, फर्स्ट इंडिया न्यूज में भी कार्य कर चुके हैं.
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