रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर: RailOne ऐप में बड़ा बदलाव, अब एक साथ बुक कर सकेंगे 5 MST
Jaipur News: रेलवन ऐप पर अब एक पंजीकृत यूजर अपने लिए और परिवार या अन्य व्यक्तियों के लिए अधिकतम 5 MST बुक कर सकेगा. अपने टिकट की वैधता सत्यापन के बाद उसी दिन और दूसरे व्यक्ति के टिकट की वैधता अगले दिन से होगी.
Jaipur News: रोजाना ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए रेलवे का रेलवन एप आने वाले समय में काफी काम का साबित हो सकता है. रेलवे ने इस एप में सीजन टिकट यानी मासिक सीजन टिकट (MST) से जुड़ी सुविधा में बदलाव किया है. अब पंजीकृत उपयोगकर्ता केवल अपने लिए ही नहीं, बल्कि परिवार के सदस्यों या किसी अन्य व्यक्ति के लिए भी सीजन टिकट बुक कर सकेगा. एक यूजर अधिकतम पांच MST बुक कर सकता है.
अपने लिए बुक टिकट की वैधता उसी दिन से
रेलवन एप के जरिए जब कोई यात्री अपने नाम से सीजन टिकट बुक करेगा, तो भौगोलिक सत्यापन पूरा होने के बाद उसकी वैधता उसी दिन से शुरू हो जाएगी. वहीं, यदि टिकट किसी दूसरे व्यक्ति के नाम से बुक किया गया है, तो उसकी वैधता अगले दिन से मानी जाएगी. रेलवे की इस सुविधा से नियमित रूप से लोकल ट्रेन से आने-जाने वाले यात्रियों को टिकट बनवाने के लिए अलग से प्रक्रिया पूरी करने की जरूरत कम होगी.
यूटीएस टिकटिंग एक्सपर्ट विपिन सिंह के मुताबिक, अपने लिए सीजन टिकट बुक करने वाले यात्री की उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए. वहीं, किसी अन्य व्यक्ति के लिए MST बुक करते समय संबंधित यात्री की न्यूनतम आयु पांच वर्ष निर्धारित की गई है.
मोबाइल में टिकट रखना होगा आसान
रेलवन एप से बुक किए गए सीजन टिकट को यात्रा के दौरान प्रिंट के रूप में या मोबाइल में पीडीएफ कॉपी के तौर पर दिखाया जा सकेगा. टिकट में यात्री की फोटो के साथ क्यूआर कोड भी उपलब्ध रहेगा. इससे टिकट की जांच की प्रक्रिया भी डिजिटल तरीके से की जा सकेगी.
यात्रा के दौरान टिकट चेक करने वाले टीटीई अपने हैंडहेल्ड टर्मिनल के जरिए क्यूआर कोड स्कैन करके टिकट की जानकारी सत्यापित कर सकेंगे. यात्रियों को ध्यान रखना होगा कि केवल बुकिंग रसीद या इनवॉइस को यात्रा टिकट नहीं माना जाएगा. इसके साथ ही टिकट पर मौजूद क्यूआर कोड स्पष्ट और आसानी से पढ़े जाने योग्य होना जरूरी है.
IRCTC के मुकाबले अभी छोटा है रेलवन का यूजर बेस
रेलवन एप को रेलवे प्रशासन ने टिकटिंग के साथ सीजन टिकट और अन्य यात्री सुविधाओं को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकसित किया है. हालांकि, इसके सामने सबसे बड़ी चुनौती पहले से स्थापित आईआरसीटीसी एप और वेबसाइट की लोकप्रियता है.
क्रिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, ऑनलाइन रिजर्वेशन के लिए यात्रियों की आदत पहले से ही आईआरसीटीसी के प्लेटफॉर्म पर बनी हुई है. ऐसे में नए एप को अपना अलग यूजर बेस तैयार करने में समय लग रहा है.
लोकल टिकटिंग पर ज्यादा फोकस
रेलवन एप का उद्देश्य लोकल और अनरिजर्व टिकटिंग, सीजन टिकट तथा अन्य यात्री सेवाओं को एक प्लेटफॉर्म पर लाना है. दूसरी ओर, लंबी दूरी की रिजर्वेशन बुकिंग के लिए यात्री अभी भी बड़े पैमाने पर आईआरसीटीसी के पुराने सिस्टम का इस्तेमाल कर रहे हैं.
करीब दो साल पहले लॉन्च किए गए रेलवन एप के यूजर्स की संख्या करीब एक करोड़ बताई गई है, जबकि आईआरसीटीसी के यूजर्स 10 करोड़ से अधिक हैं. रेलवे प्रशासन को उम्मीद है कि नई सुविधाएं जुड़ने के बाद खास तौर पर रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों के बीच रेलवन एप की उपयोगिता और पहुंच बढ़ेगी.