भाषा चुनें
  • Hindi
  • English
  • Marathi
  • Bengali
  • Tamil
  • Malayalam
  • Gujarati
  • Telugu
  • Kannada
  • Odisha
  • Z Bharat
  • ZEE PHH
  • ZEE Business
  • WION
राज्य चुनें
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • मध्य प्रदेश
  • छत्‍तीसगढ़
  • हरियाणा
  • दिल्ली
  • बिहार
  • झारखण्ड
  • राजस्‍थान
  • हिमाचल प्रदेश
  • हिन्दीEnglishमराठीবাংলাதமிழ்മലയാളംગુજરાતીతెలుగుಕನ್ನಡଓଡ଼ିଶାZ BharatPHHBusinessWION
  • facebookyoutubetwitterlinkedinwhatsapp
Zee News Hindi
App
Zee News Hindi
  • News
  • वीडियो
  • फोटोज़
  • रील्स
  • लाइव ब्लॉग
  • राज्य चुनें

Add Zee Business As A Preferred Source
App
  • लेटेस्ट न्यूज़
  • देश
  • खेल
  • दुनिया
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • ओरिजनल
  • टेक
  • धर्म
  • ऑटो
  • एजुकेशन
  • एस्ट्रोलॉजी
  • राशिफल
  • LIVE टीवी
  • लेटेस्ट न्यूज़
  • देश
  • खेल
  • दुनिया
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • ओरिजनल
  • टेक
  • धर्म
  • ऑटो
  • एजुकेशन
  • एस्ट्रोलॉजी
  • राशिफल
  • ज़ी न्यूज़ हिंदी
  • /राजस्थान
  • /क्या राजस्थान के मेडिकल कॉलेजों में MBBS के छात्रों के साथ हो रही RAGGING? 7 दिन में मिली 6 शिकायतें, NMC ने 24 घंटे में मांगा जवाब

क्या राजस्थान के मेडिकल कॉलेजों में MBBS के छात्रों के साथ हो रही RAGGING? 7 दिन में मिली 6 शिकायतें, NMC ने 24 घंटे में मांगा जवाब

राजस्थान के छह मेडिकल कॉलेजों में 10 से 17 अक्टूबर 2026 के बीच MBBS फर्स्ट ईयर के छात्रों से रैगिंग की छह शिकायतें सामने आईं. UDF ने निष्पक्ष जांच की मांग की है. भीलवाड़ा मेडिकल कॉलेज मामले में NMC ने 24 घंटे में जवाब और कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है.

Reported ByAshutosh Sharma
Published: Oct 18, 2026, 02:27 PM IST|Updated: Oct 18, 2026, 02:29 PM IST
joinshare
क्या राजस्थान के मेडिकल कॉलेजों में MBBS के छात्रों के साथ हो रही RAGGING? 7 दिन में मिली 6 शिकायतें, NMC ने 24 घंटे में मांगा जवाब
Image Credit: MBBS ragging complaints

About the Author

    Ashutosh Sharma

    Ashutosh Sharma

    आशुतोष शर्मा वर्ष 2011 से मुख्यधारा की मीडिया में सक्रिय एक वरिष्ठ पत्रकार हैं. डेढ़ दशक से अधिक के अपने समृद्ध पत्रकारिता करियर में उन्होंने इंडिया न्यूज़,ज़ी न्यूज़ और न्यूज़ नेशन जैसे देश के प्रमुख समाचार संस्थानों के साथ काम किया है. वर्तमान में वे ज़ी राजस्थान न्यूज़ में सीनियर स्पेशल कॉरेस्पॉन्डेंट के रूप में कार्यरत हैं और राजधानी जयपुर से राज्य के महत्वपूर्ण विषयों को कवर कर रहे हैं.उनकी मुख्य विशेषज्ञता राजस्थान की राजनीति,प्रशासनिक फैसलों,चुनाव और जनहित के मुद्दों के साथ-साथ अपराध और कानून-व्यवस्था की ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग में है. पुलिस मुख्यालय (PHQ), जयपुर पुलिस कमिश्नरेट और विभिन्न जांच एजेंसियों से जुड़े बड़े व चर्चित मामलों की एक्सक्लूसिव कवरेज उनकी पत्रकारिता की प्रमुख पहचान रही है. ब्रेकअप न्यूज़,गहन राजनीतिक विश्लेषण और एक्सक्लूसिव क्राइम स्टोरीज़ के ज़रिए आशुतोष शर्मा ने राजस्थान मीडिया जगत में अपनी एक विश्वसनीय और प्रभावशाली पहचान बनाई है.
    Read More

    ट्रेंडिंग

    • न्यूज़
    • फोटो
    • वीडियो
    हरियाणा में धान के गेट पास नहीं कटे तो भड़के किसान, करनाल-कैथल रोड किया जाम

    हरियाणा में धान के गेट पास नहीं कटे तो भड़के किसान, करनाल-कैथल रोड किया जाम

    2

    अतीक अहमद के अवैध साम्राज्य पर फिर चला पुलिस का डंडा; मदनलाल के नाम दर्ज 30 करोड़ की 14 बेनामी संपत्तियां कुर्क

    3

    जान से खिलवाड़? घंटों इंतजार के बाद भी नहीं मिली 108 एंबुलेंस, मालवाहक में ऑक्सीजन सिलेंडर बांधकर मरीज पहुंचे अस्पताल

    4

    'गुस्सा और बेबसी महसूस हुई', शिल्पा राव का शो बीच में रोके जाने पर भड़के पति; बोले-हम नहीं भूलेंगे

    5

    'मौत को छूकर टक से वापस आ गया': UK में तूफान बोएलो का खौफनाक मंजर; प्लेन की ऐसी लैंडिंग देख कांप उठी रूह

    logo
    • contact us
    • privacy policy
    • legal
    • investor info
    • advertise with us
    © 1998-2026 Indiadotcom Digital Private Limited, All Rights Reserved.

    राजस्थान के मेडिकल कॉलेजों में MBBS फर्स्ट ईयर के विद्यार्थियों के साथ रैगिंग शिकायत के मामलों ने चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (UDF) के 18 अक्टूबर को जारी बयान के अनुसार, 10 से 17 अक्टूबर 2026 के बीच राज्य के छह मेडिकल कॉलेजों में रैगिंग की छह शिकायतें सामने आईं. संगठन ने राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने और सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.

    मामले में राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के हस्तक्षेप की भी जानकारी सामने आई है. भीलवाड़ा मेडिकल कॉलेज से जुड़े मामले में आयोग ने कॉलेज प्रशासन से 24 घंटे के भीतर जवाब और कार्रवाई रिपोर्ट मांगी. साथ ही संबंधित CCTV फुटेज सुरक्षित रखने तथा एंटी-रैगिंग व्यवस्था से जुड़े रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए जाने की रिपोर्ट है.

    छह मेडिकल कॉलेजों में शिकायतें

    रिपोर्टों के अनुसार, शिकायतों में भीलवाड़ा मेडिकल कॉलेज, राजकीय मेडिकल कॉलेज कोटा, डॉ. एस.एन. मेडिकल कॉलेज जोधपुर, राजकीय मेडिकल कॉलेज चित्तौड़गढ़, सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज बीकानेर और ESIC मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल जयपुर का नाम सामने आया है. हालांकि, सभी छह कॉलेजों में सामने आई शिकायतों की प्रकृति और प्रत्येक मामले में हुई कार्रवाई का विस्तृत आधिकारिक ब्योरा सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं है.

    भीलवाड़ा में जूनियर छात्रों को धमकाने के आरोप

    भीलवाड़ा मेडिकल कॉलेज से जुड़े मामले में वरिष्ठ विद्यार्थियों पर प्रथम वर्ष के छात्रों को बाल कटवाने के लिए मजबूर करने, शारीरिक रूप से डराने और परीक्षा में फेल कराने या बैकलॉग लगवाने की धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं. शिकायत में अभिभावकों को डराने के आरोप भी शामिल हैं.

    मामले की गंभीरता को देखते हुए NMC के एंटी-रैगिंग सेल ने कॉलेज प्रशासन से जवाब मांगा. आयोग ने CCTV फुटेज सुरक्षित रखने के साथ एंटी-रैगिंग समितियों की बैठकों, निरीक्षणों और पूर्व कार्रवाई से संबंधित रिकॉर्ड भी मांगे जाने के निर्देश दिए.

    ये भी पढ़ें- बवाल से थर्रा उठा कोटा: भील और भोपा परिवारों के बीच झगड़े के बाद तनाव, चप्पे-चप्पे पर RAC और QRT ने संभाला मोर्चा
     

    चित्तौड़गढ़ में भी शिकायत की रिपोर्ट

    चित्तौड़गढ़ मेडिकल कॉलेज में प्रथम वर्ष की छात्राओं के कथित रैगिंग और मानसिक उत्पीड़न से जुड़ी शिकायत की भी रिपोर्ट सामने आई है. इस मामले में भी जांच और कार्रवाई से संबंधित जानकारी मांगे जाने की बात कही गई है. हालांकि, शिकायतों में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और जांच के अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है.

    UDF ने सरकार से मांगा हस्तक्षेप

    यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों से सभी शिकायतों की समयबद्ध जांच कराने की मांग की है. संगठन का कहना है कि मेडिकल कॉलेजों में पढ़ने वाले नए विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है. शिकायतकर्ताओं को किसी भी तरह की धमकी या शैक्षणिक प्रताड़ना से बचाने, साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की जरूरत है.

    एंटी-रैगिंग व्यवस्था पर उठे सवाल

    एक सप्ताह में छह शिकायतें सामने आने से मेडिकल कॉलेजों में एंटी-रैगिंग समितियों, हॉस्टल निगरानी और शिकायत निवारण व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं. अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित कॉलेज प्रशासन जांच में क्या तथ्य सामने रखता है और चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा NMC की ओर से आगे क्या कार्रवाई की जाती है.

     

    Add Zee News as a Preferred Source
    TAGS:
    Rajasthan Crime