राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में वन विभाग के रेंजर प्रतापसिंह चुण्डावत की हत्या के मामले में छोटीसादड़ी थाना पुलिस ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों में अवैध खनन में इस्तेमाल किए गए डंपर का मालिक बंटी उर्फ दलपत, चालक निलेश और लोकेश शामिल हैं. पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले की जांच जारी है.
अवैध खनन रोकने पहुंचे थे रेंजर
पुलिस के अनुसार, 21 सितंबर की रात छोटीसादड़ी रेंज के रेंजर प्रतापसिंह चुण्डावत वन विभाग की टीम के साथ अवैध खनन रोकने पहुंचे थे. इसी दौरान डंपर चालक ने कथित तौर पर जानबूझकर रेंजर पर वाहन चढ़ा दिया, जिससे उनकी मौत हो गई. घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की थी.
यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक विशाल जॉगिड़ के निर्देशन में की गई. छोटीसादड़ी थानाधिकारी कैलाशचंद्र ने बताया कि 22 सितंबर को वनरक्षक सुरेश पुत्र माधुलाल मेघवाल ने इस घटना को लेकर थाने में लिखित रिपोर्ट दी थी.
डंपर रोकने के दौरान हुआ विवाद
रिपोर्ट के मुताबिक, 21 सितंबर को वनखंड सुक्कड़ के मोहनपुरा तलाई के पास अवैध खनन की सूचना मिली थी. इस पर रेंजर प्रतापसिंह चुण्डावत वन विभाग के कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे. वहां खनन में इस्तेमाल हो रही जेसीबी, ट्रैक्टर और डंपर को रुकवाया गया.
इसी दौरान अवैध खनन में शामिल लोगों ने वनकर्मियों के साथ गाली गलौज और धक्का मुक्की की. आरोप है कि उन्होंने सरकारी काम में बाधा भी पहुंचाई. इस बीच मिट्टी से भरा एक डंपर लेकर चालक वहां से भाग गया. रेंजर प्रतापसिंह ने उसका पीछा किया और घाटी वाले बालाजी मंदिर रोड पर डंपर रुकवाने का प्रयास किया. इसी दौरान चालक ने कथित तौर पर उन पर डंपर चढ़ा दिया.
पहले भी गिरफ्तार हो चुके हैं छह आरोपी
पुलिस इस मामले में मुख्य आरोपी कन्हैयालाल उर्फ कान्हा सहित अवैध खनन में शामिल पांच अन्य लोगों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है. इनमें जेसीबी और ट्रैक्टर मालिक प्रकाश पुत्र रंगलाल धाकड़, जेसीबी चलवाने वाला हरीश पुत्र प्रकाश धाकड़, ट्रैक्टर चालक विक्रम पुत्र नानूराम मोगिया, मिट्टी भरवाने वाला दिनेश पुत्र ताराचंद मोगिया और जेसीबी चालक नारायण पुत्र खानूराम मीणा शामिल हैं.
प्रकाश और हरीश मोहनपुरा निवासी हैं, जबकि विक्रम और दिनेश पीथलवाड़ी खुर्द के रहने वाले हैं. नारायण अखेपुर कालाखेत, थाना धोलापानी का निवासी है. अब डंपर मालिक बंटी उर्फ दलपत, चालक निलेश और लोकेश की गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है. आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.