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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर को गुजरात के बनासकांठा से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त जारी कर दी. इसके तहत देशभर के 9.34 करोड़ से अधिक पात्र किसान परिवारों के बैंक खातों में 18,690 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे ट्रांसफर की गई. प्रत्येक लाभार्थी किसान के खाते में 2,000 रुपये भेजे गए हैं. इस किस्त का राजस्थान के लाखों किसानों को भी लाभ मिला है.
सीएम भजनलाल शर्मा ने पीएम मोदी का जताया आभार
पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त जारी होने के बाद राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया. मुख्यमंत्री ने लिखा कि देश की समृद्धि और आत्मनिर्भरता का रास्ता अन्नदाताओं की खुशहाली से होकर गुजरता है. इसी संकल्प के साथ प्रधानमंत्री ने 9.34 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में 18,690 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की है.
सीएम के मुताबिक, राजस्थान के 66.59 लाख से अधिक किसान परिवारों के खातों में 1,335 करोड़ रुपये से अधिक की राशि पहुंची है. उन्होंने किसानों के सम्मान, कल्याण और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए इस पहल पर प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया.
क्या है पीएम किसान सम्मान निधि योजना?
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है. इसकी शुरुआत फरवरी 2019 में की गई थी. इस योजना का उद्देश्य खेती योग्य जमीन रखने वाले पात्र किसान परिवारों को आर्थिक सहायता देना है. इसके तहत किसानों को खेती से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने के लिए सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है.
यह राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जाती है. इसमें किसी बिचौलिए की भूमिका नहीं होती. योजना का लाभ पात्र किसान परिवारों को निर्धारित नियमों के अनुसार मिलता है.
साल में कितनी बार मिलती है किस्त?
पीएम किसान योजना के तहत सालाना 6,000 रुपये तीन बराबर किस्तों में दिए जाते हैं. प्रत्येक किस्त 2,000 रुपये की होती है. आमतौर पर हर चार महीने के अंतराल पर किसानों के खातों में यह राशि भेजी जाती है. यानी एक साल में किसानों को तीन बार 2,000-2,000 रुपये मिलते हैं.
किन किसानों को नहीं मिलता योजना का लाभ?
योजना का लाभ सभी किसानों को नहीं मिलता. संस्थागत जमीन के मालिक, आयकर देने वाले किसान परिवार और कुछ उच्च आर्थिक स्थिति वाले लोग इसके दायरे से बाहर हैं. इसके अलावा संवैधानिक पदों पर रहे या वर्तमान में पद पर कार्यरत व्यक्ति, मंत्री, सांसद, विधायक और निर्धारित श्रेणी के सरकारी अधिकारी-कर्मचारी भी पात्र नहीं हैं. डॉक्टर, इंजीनियर, वकील और चार्टर्ड अकाउंटेंट जैसे पंजीकृत पेशेवर भी निर्धारित नियमों के तहत लाभ नहीं ले सकते.
किस्त पाने के लिए e-KYC जरूरी
पीएम किसान योजना के लाभार्थियों के लिए e-KYC कराना अनिवार्य है. किसान आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाकर आधार आधारित OTP के माध्यम से e-KYC पूरी कर सकते हैं. इसके अलावा नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर बायोमेट्रिक प्रक्रिया से भी यह काम कराया जा सकता है.
किसान आधिकारिक पोर्टल पर Beneficiary Status विकल्प के जरिए अपनी किस्त का स्टेटस भी देख सकते हैं. यदि खाते में पैसा नहीं आया है तो आधार, बैंक खाते, भूमि रिकॉर्ड और e-KYC से जुड़ी जानकारी की जांच करनी चाहिए.