'सवाल सिर्फ मार का नहीं, मन के घाव का है' क्या थप्पड़ और खौफ से बच्चा आइंस्टाइन बनेगा?
Jodhpur News: राजस्थान के फलोदी और डीडवाना में शिक्षकों पर छात्रों से मारपीट के आरोप लगे हैं. वायरल वीडियो के बाद शिक्षा व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा पर सवाल उठे हैं. जानिए, शारीरिक सजा बच्चों की सीखने की क्षमता और आत्मविश्वास को कैसे प्रभावित करती है.
Jodhpur News: सुबह-सवेरे जब मां-बाप अपने बच्चों का बैग तैयार करके, टिफिन पैक करके और बालों में कंघी करके स्कूल भेजते हैं, तो उनकी आंखों में उनके भविष्य के सपने सज रहे होते हैं. उन्हें लगता है कि पढ़ाई करके उनके बच्चे न केवल उनका, जिले और देश का नाम रोशन करेंगे. खुद अपनी ख्वाहिशों को छिपा लेते हैं लेकिन बच्चे के लिए स्कूल की तरफ से की गई हर डिमांड को सबसे पहले पूरा करते हैं. ऐसे में जब उन्हें यह पता चले कि उनके बच्चे को बाल नोचकर पीटा गया है, टेबल पर पटककर पीटा गया है तो उनका कलेजा कांप उठता होगा.
बता दें कि 12 अक्टूबर को राजस्थान के 2 जिलों डीडवाना और फलोदी जिले से टीचर्स द्वारा स्टूडेंट्स से बेरहमी से मारपीट के वीडियो वायरल हुए तो बवाल मच गया. राजस्थान के फलोदी जिले में सरकारी विद्यालय से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं. लोहावट थाना क्षेत्र के महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, पावड़ों की ढाणी जाटावास में सामने आए इस वीडियो में एक शिक्षक स्कूली छात्रा के बाल पकड़कर उसके साथ मारपीट करता दिखाई दे रहा है. वीडियो में नजर आ रहा घटनाक्रम बेहद गंभीर है और इसे लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है.
छात्रा के साथ मारपीट का वीडियो वायरल
सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो में शिक्षक छात्रा के बाल पकड़कर उसके साथ बेरहमी से मारपीट करता नजर आ रहा है. विद्यालय परिसर में हुई इस घटना के सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया है. वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम ने छात्राओं की सुरक्षा और स्कूलों में शिक्षकों के व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. वायरल वीडियो से जुड़े पूरे घटनाक्रम की जांच और विभागीय कार्रवाई की स्थिति को ऑफिशियल जानकारी के आधार पर ही साफ किया जा सकेगा.
शिक्षक श्रवण भार्गव के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी
इस मामले में संबंधित शिक्षक का नाम श्रवण भार्गव बताया जा रहा है. वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले की जांच शुरू की है. विभाग की ओर से पीड़ित छात्रा के परिवार को आश्वस्त किया गया है कि जांच के बाद शिक्षक के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. मामले को लेकर विभागीय स्तर पर उठाए गए कदमों पर अब लोगों की नजर है.
जिला शिक्षा अधिकारी ने क्या कहा?
फलोदी के जिला शिक्षा अधिकारी सोहनराम बिश्नोई ने बताया कि वीडियो सामने आने के बाद उसकी जांच-पड़ताल की गई है. उन्होंने कहा कि वीडियो की पुष्टि करने के बाद आरोपी शिक्षक के खिलाफ आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है. विभाग की ओर से मामले को गंभीरता से लेने और जांच के आधार पर कदम उठाने की बात कही गई है.
दूरदराज के गांवों में शिकायत करना बड़ी चुनौती
इस घटना के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के सामने आने वाली एक दूसरी समस्या भी चर्चा में है. दूरदराज के गांवों और ढाणियों में रहने वाले परिवारों के लिए शिक्षा अधिकारियों तक पहुंचना और शिकायत दर्ज कराना कई बार मुश्किल हो जाता है. ऐसी परिस्थितियों में पीड़ित पक्ष की बात अधिकारियों तक नहीं पहुंच पाती और शिकायतों पर भरोसा किए जाने को लेकर भी कठिनाइयां सामने आती हैं.
वीडियो सामने आने के बाद कार्रवाई पर उठे सवाल
इस मामले में विद्यालय के भीतर हुई घटना का मोबाइल से रिकॉर्ड होना अहम माना जा रहा है. वीडियो सामने नहीं आता तो पीड़ित छात्रा और उसके परिवार के लिए अपनी बात साबित करना और भी कठिन हो सकता था. अब शिक्षा विभाग की ओर से कार्रवाई शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है. ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच किस नतीजे पर पहुंचती है और संबंधित शिक्षक के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं. विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और शिकायतों पर समय रहते निष्पक्ष कार्रवाई करना शिक्षा विभाग की अहम जिम्मेदारी है.
डीडवाना में भी टीचर ने स्टूडेंट को पीटा
राजस्थान के डीडवाना जिले के कुचामन शहर में एक कोचिंग शिक्षक पर छात्र के साथ मारपीट करने का आरोप लगा है. घटना 10 अक्टूबर को जागृति क्लासेज में हुई बताई जा रही है. आरोप है कि शिक्षक ने छात्र की गर्दन पकड़कर उसे टेबल पर पटक दिया और जूते से उसकी पिटाई की. घटना CCTV कैमरे में कैद होने की बात सामने आई है. छात्र की शिकायत के आधार पर पुलिस ने शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है.
राजस्थान में एक ही दिन दो वीडियो वायरल हुए, जिनमें शिक्षक छात्रों के साथ मारपीट करते नजर आए. एक सवाल उठता है कि क्या थप्पड़ और खौफ से बच्चे बेहतर सीखते हैं, या यह उनके मन में पढ़ाई का डर और आत्मविश्वास की कमी पैदा करता है? आखिर शिक्षक का काम डराना है या भविष्य संवारना?
1. क्या मारकर पढ़ाने से बच्चा जल्दी सीखता है?
नहीं. मनोविज्ञान के अनुसार, डर का माहौल बच्चे की सीखने और याद रखने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है. डरने पर दिमाग का अमीगडला सक्रिय होता है और तनाव बढ़ता है. ऐसे में बच्चा समझने के बजाय सजा से बचने या रटने पर ध्यान दे सकता है.
2. क्या कठिन विषय से पैदा हो सकता है डर?
हां. क्लासिकल कंडीशनिंग के कारण बच्चा किसी विषय को बार-बार मिलने वाली मार और अपमान से जोड़ सकता है. इससे अंग्रेजी, गणित या विज्ञान जैसे विषयों के प्रति डर और अरुचि पैदा हो सकती है.
3. बच्चे के मन पर क्या पड़ता है असर?
शिक्षक की मारपीट बच्चे के आत्मविश्वास को कमजोर कर सकती है. कुछ बच्चे चुप रहने लगते हैं, जबकि कुछ में आक्रामकता या मानसिक तनाव बढ़ सकता है. स्कूल और पढ़ाई से दूरी भी बढ़ सकती है.
4. पूरी क्लास के सामने पिटाई का दर्द
सहपाठियों के सामने पिटना बच्चे के लिए शारीरिक चोट के साथ मानसिक अपमान भी है. उसे मजाक उड़ाए जाने का डर हो सकता है. इससे हीनभावना, अकेलापन और लंबे समय तक मानसिक परेशानी पैदा हो सकती है.
5. शिक्षक की जिम्मेदारी और कानून
मारपीट अध्यापन की कमजोरी और बाल मनोविज्ञान की अनदेखी को दर्शा सकती है. शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम, 2009 की धारा 17 शारीरिक दंड और मानसिक उत्पीड़न पर रोक लगाती है.
Reporter- Rakesh Kumar Bhardwaj