भाषा चुनें
  • Hindi
  • English
  • Marathi
  • Bengali
  • Tamil
  • Malayalam
  • Gujarati
  • Telugu
  • Kannada
  • Odisha
  • Z Bharat
  • ZEE PHH
  • ZEE Business
  • WION
राज्य चुनें
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • मध्य प्रदेश
  • छत्‍तीसगढ़
  • हरियाणा
  • दिल्ली
  • बिहार
  • झारखण्ड
  • राजस्‍थान
  • हिमाचल प्रदेश
  • हिन्दीEnglishमराठीবাংলাதமிழ்മലയാളംગુજરાતીతెలుగుಕನ್ನಡଓଡ଼ିଶାZ BharatPHHBusinessWION
  • facebookyoutubetwitterlinkedinwhatsapp
Zee News Hindi
App
Zee News Hindi
  • News
  • वीडियो
  • फोटोज़
  • रील्स
  • लाइव ब्लॉग
  • राज्य चुनें

Add Zee Business As A Preferred Source
App
  • लेटेस्ट न्यूज़
  • देश
  • खेल
  • दुनिया
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • ओरिजनल
  • टेक
  • धर्म
  • ऑटो
  • एजुकेशन
  • एस्ट्रोलॉजी
  • राशिफल
  • LIVE टीवी
  • लेटेस्ट न्यूज़
  • देश
  • खेल
  • दुनिया
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • ओरिजनल
  • टेक
  • धर्म
  • ऑटो
  • एजुकेशन
  • एस्ट्रोलॉजी
  • राशिफल
  • ज़ी न्यूज़ हिंदी
  • /राजस्थान
  • /जोधपुर बोरवेल रेस्क्यू: 32 घंटे बाद 'देसी जुगाड़' से हटा 550 फीट पर अटका पत्थर, 620 फीट नीचे फंसे भोमाराम की बची उम्मीद!

जोधपुर बोरवेल रेस्क्यू: 32 घंटे बाद 'देसी जुगाड़' से हटा 550 फीट पर अटका पत्थर, 620 फीट नीचे फंसे भोमाराम की बची उम्मीद!

Rajasthan News: जोधपुर के नौसर में 9 वर्षीय भोमाराम को बोरवेल से निकालने का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. करीब 32 घंटे बाद देसी जुगाड़ से 550 फीट गहराई पर फंसा भारी पत्थर हटाया गया. बच्चा करीब 620 फीट नीचे फंसा है. NDRF-SDRF और विशेषज्ञ माधोराम सुथार की टीम लोहे के खास जाल से उसे निकालने में जुटी है.

Written BySAGAR CHAUDHARY
Published: Oct 16, 2026, 10:42 PM IST|Updated: Oct 16, 2026, 10:44 PM IST
joinshare
जोधपुर बोरवेल रेस्क्यू: 32 घंटे बाद 'देसी जुगाड़' से हटा 550 फीट पर अटका पत्थर, 620 फीट नीचे फंसे भोमाराम की बची उम्मीद!
Image Credit: Jodhpur Bhomaram Borewell Rescue

About the Author

SAGAR CHAUDHARY

SAGAR CHAUDHARY

सागर चौधरी, अप्रैल 2024 से वे ज़ी न्यूज़ संस्थान का हिस्सा हैं और अपनी मेहनत व काम करने की क्षमता से लगातार टीम में योगदान दे रहे हैं.सागर चौधरी का संबंध हरियाणा के फरीदाबाद से है, जहां उन्होंने इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद उन्होंने महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री हासिल की और मीडिया क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की.
Read More

ट्रेंडिंग

  • न्यूज़
  • फोटो
  • वीडियो
चक्रवाती तूफान 'अर्नब' का बिहार पर दिखेगा असर, 28 अक्टूबर से बारिश के आसार, 29 को पूरे राज्य में 'ऑरेंज अलर्ट'

चक्रवाती तूफान 'अर्नब' का बिहार पर दिखेगा असर, 28 अक्टूबर से बारिश के आसार, 29 को पूरे राज्य में 'ऑरेंज अलर्ट'

2

PM मोदी के पिता पर टिप्पणी से गरमाई सियासत: गजेंद्र सिंह शेखावत और अतुल भंसाली ने कांग्रेस को घेरा

3

SBI-PNB-HDFC में 16 दिन नहीं होगा काम! चेक करें नवंबर में कब-कब बंद रहेंगे बैंक?

4

एटम बम का घमंड धड़ाम: भारत की परमाणु पावर से 'जिन्नालैंड' में हड़कंप; बिलबिला उठे सियासतदान

5

BJP vs Congress: 1 नवंबर को कांग्रेस की रैली के जवाब में बीजेपी करेगी पदयात्रा

logo
  • contact us
  • privacy policy
  • legal
  • investor info
  • advertise with us
© 1998-2026 Indiadotcom Digital Private Limited, All Rights Reserved.

Jodhpur Borewell Rescue: जोधपुर में बोरवेल में गिरे 9 वर्षीय भोमाराम को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. करीब 32 घंटे की मशक्कत के बाद बच्चे से 15-20 फीट ऊपर फंसे भारी पत्थर को देसी जुगाड़ से हटा दिया गया है. भोमाराम करीब 620 फीट की गहराई में फंसा हुआ है. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों के साथ जालौर के बागोड़ा से आए बोरवेल रेस्क्यू विशेषज्ञ माधोराम सुथार और उनकी टीम बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने में जुटी हैं.

पत्थर हटाने के लिए बनाया खास उपकरण
रेस्क्यू के दौरान भोमाराम से कुछ दूरी ऊपर एक भारी पत्थर फंसा हुआ था. इसकी वजह से बचाव अभियान में परेशानी आ रही थी. पत्थर के कारण कैमरे से अंदर का नजारा देखने और बच्चे तक पहुंचने में भी दिक्कत हो रही थी. ऐसे में माधोराम सुथार और उनकी टीम ने पत्थर हटाने के लिए लोहे का एक खास उपकरण तैयार किया. करीब 550 फीट की गहराई पर रास्ता रोक रहे पत्थर को इसी देसी तकनीक की मदद से हटाया गया.

भारी मशीनों के बजाय देसी जुगाड़ का सहारा
रेस्क्यू के दौरान बोरवेल के आसपास की मिट्टी धंसने का खतरा बना हुआ है. इसी वजह से प्रशासन की अनुमति से भारी मशीनों के बजाय देसी जुगाड़ तकनीक का इस्तेमाल किया गया. इसका मकसद खुदाई के दौरान होने वाले कंपन को कम रखना था, ताकि मिट्टी खिसकने और हालात बिगड़ने का खतरा कम हो.

लोहे की जाली से बच्चे को निकालने की कोशिश
पत्थर हटने के बाद अब बच्चे को बाहर निकालने की कोशिश तेज कर दी गई है. माधोराम और उनकी टीम ने लोहे की सरियों से एक खास जाल तैयार किया है. इसी उपकरण की मदद से भोमाराम तक पहुंचने और उसे सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है. अब कैमरे की मदद से बोरवेल के अंदर की स्थिति पर नजर रखी जाएगी, ताकि बचाव दल आगे की कार्रवाई कर सके.

कैसे काम करता है यह देसी जुगाड़
इस देसी जुगाड़ में लोहे से बना खास उपकरण बोरवेल के अंदर रस्सी या पाइप की मदद से नीचे उतारा जाता है. इसे पत्थर के पास पहुंचाकर इस तरह इस्तेमाल किया जाता है कि रास्ता रोक रहे पत्थर को हटाया जा सके और आसपास की मिट्टी पर कम दबाव पड़े. पत्थर हटने के बाद लोहे की सरियों से तैयार जाल को नीचे पहुंचाकर बच्चे तक पहुंचने और उसे सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश की जाती है. इस पूरी प्रक्रिया में बचाव दल कैमरे से बोरवेल के अंदर की स्थिति पर नजर रखता है और गहराई व हालात के हिसाब से उपकरण का इस्तेमाल करता है.

Reporter - Rakesh Kumar Bhardwaj

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:
Jodhpur News
Rajasthan News