SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

7 दिन का अनशन, 8 किलो वजन कम: खाद संकट पर नरेश मीणा कब छोड़ेंगे आंदोलन?

Rajasthan News: बारां में किसानों को खाद समेत दूसरी समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर नरेश मीणा का आमरण अनशन सातवें दिन भी जारी है. 7 दिन में उनका वजन 80 से घटकर 72 किलो हो गया. प्रशासन के आश्वासन के बाद भी वे गांव कवाई में अनशन पर हैं.

Written By Pragati Pant Awasthi
Published: Oct 08, 2026, 06:01 PM IST | Updated: Oct 08, 2026, 06:03 PM IST
Image Credit: Naresh Meena Hunger Strike (Zee Media)
Join

Naresh Meena: बारां में किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने और दूसरी समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर भगत सिंह सेवा प्रमुख नरेश मीणा का आमरण अनशन सातवें दिन भी जारी है. जयपुर कूच के दौरान शिवदासपुरा टोल पर प्रशासन की ओर से चार दिन में किसानों की समस्याओं के समाधान का आश्वासन मिलने के बाद नरेश मीणा बारां लौट आए थे. अब वे अपने पैतृक गांव कवाई में ही अनशन पर बैठे हैं.

खाद की पर्याप्त उपलब्धता समेत कई मांगें
नरेश मीणा की मुख्य मांग है कि किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए. इसके साथ ही खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने और किसानों से जुड़ी दूसरी समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग भी की जा रही है. इन्हीं मांगों को लेकर उन्होंने आमरण अनशन शुरू किया था, जो अब सातवें दिन में पहुंच गया है.

मेडिकल टीम ने की स्वास्थ्य की जांच
शनिवार सुबह मेडिकल टीम गांव पहुंची और नरेश मीणा के स्वास्थ्य की जांच की. सात दिनों से जारी अनशन के दौरान उनका वजन करीब 8 किलो कम हो गया है. अनशन शुरू करने से पहले उनका वजन 80 किलो था, जबकि आज हुई जांच में वजन 72 किलो दर्ज किया गया. लगातार अनशन के बीच मेडिकल टीम उनके स्वास्थ्य पर नजर रख रही है.

चार दिन के आश्वासन के बाद लौटे थे बारां
नरेश मीणा किसानों के साथ जयपुर की ओर कूच कर रहे थे. इस दौरान उनका काफिला शिवदासपुरा-बरखेड़ा टोल प्लाजा तक पहुंचा था. यहां प्रशासन ने बैरिकेडिंग कर उन्हें और किसानों को आगे बढ़ने से रोक दिया था. इसी दौरान प्रशासन की ओर से किसानों की समस्याओं का चार दिन में समाधान करने का आश्वासन दिया गया था. इसके बाद नरेश मीणा जयपुर कूच रोककर बारां लौट आए.

किसानों के साथ किया था जयपुर कूच
जयपुर जाने वाली इस किसान यात्रा में बड़ी संख्या में किसान और युवा शामिल हुए थे. यात्रा के दौरान खाद और बीज की परेशानी के अलावा मुआवजे समेत किसानों से जुड़ी कई दूसरी मांगें भी उठाई गई थीं. नरेश मीणा का कहना था कि इन समस्याओं पर सरकार से स्पष्ट जवाब और समाधान मिलना चाहिए.

टोल पर रोका गया था काफिला
शिवदासपुरा-बरखेड़ा टोल प्लाजा पहुंचने के बाद पुलिस ने काफिले को आगे जाने की अनुमति नहीं दी थी. मौके पर बैरिकेडिंग की गई थी और सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे. काफिला रुकने के बाद किसान और समर्थक मौके पर ही नारेबाजी करने लगे थे. स्थिति को देखते हुए पुलिस ने वाटर कैनन भी तैयार रखी थी.

अब सरकार के अगले कदम का इंतजार
प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारियों ने नरेश मीणा और किसानों से बातचीत की थी. एसीपी भवानी सिंह के मुताबिक, जयपुर कलेक्टर के निर्देश पर उन्हें बातचीत के लिए रोका गया था. इसके बाद सरकार के साथ उच्च स्तरीय बातचीत हुई, जिसके बाद नरेश मीणा ने जयपुर कूच का आंदोलन वापस ले लिया था. अब वे अपने गांव कवाई में आमरण अनशन जारी रखे हुए हैं और प्रशासन की ओर से दिए गए आश्वासन के आधार पर सरकार के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं.

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

मीडिया की दुनिया में 18 साल का सफर... एंकरिंग से लेकर डिजिटल की स्क्रीन तक, हर नया बदलाव दिल से अपनाया, जो सोचती हूं, वही कहती हूं, बातों को घुमाना मेरी आदत नहीं, दिल की बात जुबां पर रखना पहचान है. फिलहाल 'ज़ी राजस्थान डिजिटल' के साथ सफर जारी है और हर दिन कुछ नया सीखने की ललक बरकरार है और रहेगी. Pragati.Pant@india.com ईमेल के जरिए आप संपर्क कर सकते हैं.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES