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नागौर जिले के मेड़ता पंचायत समिति क्षेत्र के लूणियास गांव में ग्राम पंचायत बनाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने चुनाव का बहिष्कार कर दिया. जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य के चुनाव में गांव के एक भी मतदाता ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल नहीं किया. गांव के कुल 1558 मतदाताओं ने मतदान से दूरी बनाए रखी. ग्रामीणों की मांग है कि लूणियास को स्वतंत्र ग्राम पंचायत का दर्जा दिया जाए या फिर इसे वापस बड़गांव ग्राम पंचायत में शामिल किया जाए.
परिसीमन के बाद बदली व्यवस्था से नाराजगी
ग्रामीणों के अनुसार, परिसीमन से पहले लूणियास गांव बड़गांव ग्राम पंचायत का हिस्सा था. लेकिन परिसीमन के बाद इसे बायड़ ग्राम पंचायत में शामिल कर दिया गया. इसी बदलाव को लेकर ग्रामीणों में लंबे समय से नाराजगी है. उनका कहना है कि बायड़ गांव की दूरी लूणियास से करीब 7 से 8 किलोमीटर है, जबकि बड़गांव महज 2 से 3 किलोमीटर दूर पड़ता है. ऐसे में बड़गांव ग्राम पंचायत से जुड़ना ग्रामीणों के लिए ज्यादा सुविधाजनक है.
ग्रामीणों का तर्क है कि लूणियास की आबादी और राजस्व को देखते हुए इसे अलग ग्राम पंचायत बनाया जाना चाहिए. इसी मांग को लेकर ग्रामीणों ने मतदान नहीं करने का फैसला लिया और चुनावी प्रक्रिया से पूरी तरह दूरी बना ली.
देर रात तक जारी रहा विरोध, प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी
चुनाव बहिष्कार के बीच देर रात गांव में बड़ी संख्या में पुरुष और महिलाएं एकत्रित हुए. ग्रामीणों ने अपनी मांग के समर्थन में प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत की, लेकिन वे अपनी मांग पर अड़े रहे. समझाइश के बावजूद किसी भी मतदाता ने मतदान नहीं किया.
सरपंच चुनाव के साथ आगामी चुनावों के बहिष्कार की चेतावनी
ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि यदि लूणियास को स्वतंत्र ग्राम पंचायत का दर्जा नहीं दिया गया तो उनका विरोध आगे भी जारी रहेगा. ग्रामीणों के मुताबिक, वे कल होने वाले सरपंच चुनाव में भी मतदान नहीं करेंगे. इसके साथ ही उन्होंने आगामी लोकसभा और राज्यसभा चुनावों में भी बहिष्कार करने की चेतावनी दी है.
ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत के गठन से जुड़ी उनकी मांग पर अब तक समाधान नहीं होने के कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा है. उनका मानना है कि स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर असंतोष का असर लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर भी पड़ रहा है. अब सबकी नजर प्रशासन और सरकार के अगले कदम पर है.
Reporter- Damodar Inaniya