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क्या आपका फोन भी हो गया है हैक? राजस्थान पुलिस की ये 3 सलाह बचा सकती हैं आपका बड़ा नुकसान!

Jaipur News: राजस्थान पुलिस ने बॉटनेट मैलवेयर और फिशिंग लिंक को लेकर साइबर एडवाइजरी जारी की है. पुलिस ने Android यूजर्स को eScan CERT-In Bot Removal App से मोबाइल स्कैन करने और अनजान लिंक व APK से बचने की सलाह दी है.

Written By Sandhya Yadav
Published: Sep 04, 2026, 10:51 AM IST | Updated: Sep 26, 2026, 10:26 AM IST
Image Credit: बैंकिंग डिटेल से लेकर पासवर्ड तक खतरे में! जानिए बॉटनेट मैलवेयर से कैसे बचें.
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Jaipur News: साइबर ठगी का तरीका लगातार बदल रहा है. अब अपराधी केवल फिशिंग लिंक भेजकर लोगों को ठगने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इन्हीं लिंक के जरिए मोबाइल और कंप्यूटर में खतरनाक मैलवेयर या बॉटनेट पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं. राजस्थान पुलिस ने इस साइबर खतरे को लेकर आमजन के लिए एडवाइजरी जारी की है और मोबाइल यूजर्स को सतर्क रहने की सलाह दी है.

निजी और बैंकिंग जानकारी पर खतरा
पुलिस के अनुसार, बॉटनेट मैलवेयर डिवाइस में पहुंचने के बाद यूजर की जानकारी के बिना कई संवेदनशील जानकारियों तक पहुंच बनाने की कोशिश कर सकता है. इसमें निजी जानकारी, ऐप्स से जुड़ा डेटा, यूजरनेम, पासवर्ड और नेट बैंकिंग से संबंधित विवरण शामिल हो सकते हैं. ऐसे में मोबाइल पर आए किसी अनजान लिंक पर क्लिक करना गंभीर साइबर जोखिम पैदा कर सकता है.

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Android यूजर्स के लिए खास सलाह
राजस्थान पुलिस साइबर क्राइम शाखा के मुताबिक, ऐसे खतरों से निपटने के लिए भारत सरकार के CERT-In और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सहयोग से Android यूजर्स के लिए eScan CERT-In Bot Removal App विकसित किया गया है. पुलिस ने यूजर्स को Google Play Store से इस ऐप को इंस्टॉल करने की सलाह दी है.

ऐप इंस्टॉल करने के बाद जरूरी परमिशन देने और एंटीवायरस विकल्प में जाकर मोबाइल का Full Scan करने की सलाह दी गई है. अगर जांच के दौरान कोई वायरस या संदिग्ध फाइल मिलती है तो उसे हटाने या अलग रखने के बाद मोबाइल को रीस्टार्ट करना चाहिए.

WhatsApp और बैंकिंग सुरक्षा पर भी जोर
राजस्थान पुलिस ने WhatsApp पर Two-Step Verification सक्रिय रखने की सलाह दी है. इसके साथ ही बैंक खाते और डिजिटल पेमेंट से जुड़े संदेशों तथा लेन-देन पर नियमित नजर रखने को कहा गया है. किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तुरंत कार्रवाई करना नुकसान को कम करने में मदद कर सकता है.

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साइबर ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि साइबर ठगी का प्रयास होने या अपराध का शिकार बनने पर देरी नहीं करनी चाहिए. ऐसी स्थिति में तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दें. इसके अलावा नजदीकी पुलिस थाने या साइबर थाने में शिकायत की जा सकती है. राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के जरिए भी शिकायत दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध है.

अनजान लिंक और APK से रहें दूर
राजस्थान पुलिस ने लोगों से साइबर सुरक्षा को लेकर लापरवाही नहीं बरतने की अपील की है. मोबाइल पर आने वाले अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें और किसी अज्ञात स्रोत से APK फाइल डाउनलोड या इंस्टॉल न करें. डिवाइस की सुरक्षा जांच के लिए भरोसेमंद सुरक्षा ऐप का इस्तेमाल करें और संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर तत्काल कदम उठाएं.

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लखनऊ यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने वाली संध्या ने Zee News से पहले Newstrack और ETV Bharat जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल न्यूज़ संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं. जमीनी खबरों की गहरी समझ रखने वाली संध्या ने राजस्थान विधानसभा चुनाव, पंचायत चुनाव, गहलोत-पायलट राजनीतिक संकट और कोविड-19 महामारी समेत कई बड़े और जटिल घटनाक्रमों की बेहतरीन कवरेज की है.आप संध्या यादव से सीधे SANDHYA.YADAV@zeemedia.com पर ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा राजस्थान की खबरों के रियल-टाइम अपडेट्स के लिए आप उनसे लिंक्डइन (https://in.linkedin.com/in/sandhya-yadav-5734ba144) पर भी कनेक्ट कर सकते हैं.
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