Sagwara Panchayat Election: राजस्थान के डूंगरपुर जिले में पंचायती राज चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है. सागवाड़ा पंचायत समिति के प्रधान का पद एसटी महिला के लिए आरक्षित होने के बाद से ही यहां का चुनावी समीकरण बेहद दिलचस्प हो गया है. इस आरक्षित सीट पर कब्जा जमाने के लिए भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेताओं ने अपने परिवारों की महिलाओं को चुनावी मैदान में उतार दिया है.
इसी कड़ी में पंचायत चुनाव के प्रथम चरण के तहत नामांकन दाखिल करने के अंतिम दिन सागवाड़ा विधायक और क्षेत्र के पूर्व सांसद के परिवारों से जुड़ी दो प्रमुख महिलाओं ने पंचायत समिति सदस्य पद के लिए अपने-अपने नामांकन दाखिल कर दिए हैं, जिससे चुनाव का मुकाबला काफी रोमांचक हो गया है.
विधायक ने अपनी बेटी को चुनावी मैदान में उतारा
सागवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक शंकरलाल डेचा ने अपनी बेटी शांति डेंडोर को चुनावी मैदान में उतारा है. शांति डेंडोर ने सागवाड़ा पंचायत समिति के वार्ड नंबर 14 (घोटाद) से अपना नामांकन सागवाड़ा स्थित रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष दाखिल किया. नामांकन प्रक्रिया के दौरान विधायक शंकरलाल डेचा खुद अपनी बेटी के साथ मौजूद रहे और उनके साथ बड़ी संख्या में पार्टी के कार्यकर्ता व स्थानीय समर्थक भी उपस्थित थे. विधायक की बेटी के चुनावी मैदान में उतरने से वार्ड 14 में राजनीतिक गहमागहमी काफी बढ़ गई है.
पूर्व सांसद कनकमल कटारा की बहू वर्षा ने वार्ड 17 से ठोकी ताल
दूसरी ओर क्षेत्र के दिग्गज भाजपा नेता और पूर्व सांसद कनकमल कटारा ने भी अपनी पुत्रवधू वर्षा कटारा को चुनावी रण में उतारा है. वर्षा कटारा ने सागवाड़ा पंचायत समिति के वार्ड नंबर 17 (फलातेड़) से पंचायत समिति सदस्य पद के लिए अपना नामांकन पत्र प्रस्तुत किया. इस महत्वपूर्ण मौके पर पूर्व सांसद कनकमल कटारा स्वयं मौजूद रहकर अपनी बहू का समर्थन करते नजर आए. पूर्व सांसद परिवार की सक्रियता से वार्ड 17 का मुकाबला भी हॉट सीट बन गया है.
क्यों गरमाई सागवाड़ा की राजनीति
सागवाड़ा पंचायत समिति के प्रधान पद के लिए इस बार सीट एसटी महिला के लिए आरक्षित की गई है. जानकारों का मानना है कि प्रधान पद की दौड़ में मजबूत दावेदारी सुनिश्चित करने के लिए ही पार्टी के इन शीर्ष नेताओं ने अपनी घर की महिलाओं को पंचायत समिति सदस्य के रूप में मैदान में उतारा है. यदि ये दोनों अपने-अपने वार्डों से चुनाव जीतने में सफल होते हैं, तो आने वाले समय में सागवाड़ा पंचायत समिति के प्रधान पद के लिए राजनीतिक समीकरण और अधिक रोचक होने की पूरी संभावना है. फिलहाल दोनों दिग्गजों के परिवारों द्वारा नामांकन दाखिल किए जाने के बाद से सागवाड़ा क्षेत्र में सियासी चर्चाओं का दौर तेज हो गया है.