Hanumangarh: BJP दफ्तर पहुंचे गणेशराज बंसल, नहीं मिली एंट्री! घंटों इंतजार के बाद मुंह लटकाए लौटे विधायक
हनुमानगढ़ विधायक गणेशराज बंसल पंचायत चुनाव को लेकर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ से मिलने पार्टी कार्यालय पहुंचे, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी. बंसल ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष मीटिंग में व्यस्त थे. इस बीच बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री डॉ. रामप्रताप ने बंसल पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे लोगों की पार्टी में कोई जगह नहीं है. रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस 57 संदिग्ध बेनामी संपत्तियों की जांच कर रही है.
Hanumangarh News: बीजेपी को हनुमानगढ़ में रोज धमकाने वाले विधायक गणेशराज बंसल आज चुपके से बीजेपी कार्यालय में पहुंचे लेकिन पार्टी ने उनके लिए दरवाजा खोलने से भी मना कर दिया. घंटों इंतजार के बाद मुंह लटकाए गणेशराज बंसल उदास होकर वापस आए.
पहले मुंह लटकाए खड़े रहे फिर पार्टी कार्यालय के पदाधिकारियों से मिन्नतें की. अध्यक्ष से मिलने के लिए बार-बार गुहार करते रहे लेकिन भाजपा कार्यालय के भीतर न तो इज्जत मिली और न ही प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ से मिलने का वक्त. हार थककर एक कोने में काफी देर बैठे भी रहे लेकिन तमाम कोशिशें नाकाम साबित हुई. घंटों के इंतजार के बाद चुपके से बाहर निकलने लगे.
पंचायत चुनाव के बहाने प्रदेश अध्यक्ष से मिलने पहुंचे बंसल
वहीं, सवालों पर गणेशराज बंसल ने सफाई देते हुए कहा कि वे पंचायत चुनाव के सिलसिले में प्रदेश अध्यक्ष से बात करने आए थे, लेकिन प्रदेश अध्यक्ष उस समय मीटिंग में व्यस्त थे. इसी वजह से उनकी मुलाकात नहीं हो पाई. उन्होंने कहा कि उनका दौरा पंचायत चुनाव को लेकर चर्चा करने के लिए था.
बंसल और परिवार पर 50 से ज्यादा मामले दर्ज होने का दावा
विधायक गणेशराज बंसल और उनके परिवार पर पचास से ज्यादा मामले दर्ज हुए और कई में FIR लग गई लेकिव अब भी बड़ी संख्या में मुकदमें पेंडिंग हैं. हाल ही में 23 साल पुराने कथित फर्जी पट्टा मामले में उनकी गिरफ्तारी हुई और गणेशराज बंसल को कुछ दिन हवालात की सैर भी करनी पड़ी. अब पुलिस महकमा इनके काले कारनामों का पर्दाफाश करने में जुटा है. एक-एक कर कई मामले
रिओपन किए जा रहे हैं.
57 संदिग्ध बेनामी संपत्तियों की जांच की चर्चा
बताया जा रहा है कि पुलिस के पास बंसल से जुड़ी 57 संदिग्ध बेनामी संपत्तियों की सूची भी पहुंची है. शुरुआती जांच में बेनामी संपत्तियों की कीमत 700 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है. जानकारों का कहना है कि बेनामी संपत्तियों की पूरी जानकारी जुटाकर ईडी को सूचना भिजवाई गई है.
आरोपों के बीच खुद को पाक-साफ बता रहे बंसल
दामन पर इतने दाग लगे होने के बावजूद गणेशराज बंसल खुद को पाक साफ करार देने का ड्रामा करते दिख रहे हैं लेकिन हनुमानगढ के गली चौराहों पर इस तरह लड़ते-झगड़ते दिखने वाले इस शख्स का सच वहां के हर आम और खास की जुबां पर है.
सरकार से नजदीकियां बढ़ाने की कोशिश का दावा
पैसे के दम पर सियासत की सीढिंया चढ़ने का गुमान पालने वाले इस नेता के लिए अब बचने की उम्मीद के तमाम दरवाजे बंद हो चुके हैं. अपने गुनाहों पर पर्दा डालने के लिए अब चोरी छुपे सरकार से नजदीकियां बढ़ाने में लगे हैं लेकिन सरकार ने तय कर लिया है कि ऐसे विवादित विधायक से जितना दूर रहा जाए उतना ही बेहतर है.
डॉ. रामप्रताप ने साधा निशाना
इधर, बंसल के भाजपा कार्यालय पहुंचने और वहां की चौखट से बैरंग लौटने की खबरें हनुमानगढ तक पहुंच गई. पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉक्टर रामप्रताप ने गणेशराज बंसल पर जमकर हमले बोले. डॉक्टर रामप्रताप ने कहा उनके जैसे लोगों की न तो भाजपा में कहीं कोई जगह है और न ही पार्टी कार्यालय में.
‘ऐसे लोगों की बीजेपी में कोई जगह नहीं’
डॉक्टर रामप्रताप ने कहा कि जिस शख्स ने पूरे हनुमानगढ़ की जमीनों पर अवैध कब्जे कर सैंकड़ों करोड़ रुपये की संपत्तियां हथिया ली. ऐसे लोगों को ना तो भजनलाल सरकार माफ करेगी और ना ही हनुमानगढ़ की जनता. उन्होंने यहां तक कह दिया कि ऐसे चोर ने भाजपा कार्यालय में घुसने की हिमाकत कैसे की?
बंसल के खिलाफ कार्रवाई को लेकर उठ रहे सवाल
विवादित विधायक गणेशराज बंसल के काले चिटठों से हनुमानगढ़ की जनता वाकिफ है, पुलिस पर जनता का गणेशराज बंसल पर कार्रवाई का दबाव है. ऐसे में गणेशराज बंसल कितने दिन तक अपने आप को बचा पाएंगे, ये बड़ा सवाल है? बीजेपी कार्यालय जाकर बचाव का सुरक्षा कवच ढूंढने का उनका दांव आज उल्टा पड़ गया है लेकिन मुकदमों की भारी भरकम सूची के बीच वो कब तक अपना बचाव कर पाएंगे ये देखना बाकी है.