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लाखों फॉलोअर्स भी नहीं दिला पाए जीत, पंचायत चुनाव में फेल! विराट चौधरी से लेकर पवन साहू और ओमप्रकाश तक को झटका

राजस्थान पंचायत चुनाव में सोशल मीडिया पर लोकप्रिय चेहरों को हार का सामना करना पड़ा. कमांडो एकेडमी के संस्थापक विराट चौधरी, ओमप्रकाश बिश्नोई और पवन साहू की पत्नी चुनाव नहीं जीत पाईं. लाखों फॉलोअर्स भी जीत की गारंटी नहीं बन सके.

लाखों फॉलोअर्स भी नहीं दिला पाए जीत, पंचायत चुनाव में फेल! विराट चौधरी से लेकर पवन साहू और ओमप्रकाश तक को झटका
Image Credit: Panchayat chunav

सोशल मीडिया पर लोकप्रिय होना और चुनाव जीतना, दोनों अलग-अलग बातें हैं. राजस्थान के पंचायत चुनाव में यह बात एक बार फिर देखने को मिली. सोशल मीडिया पर अपनी पहचान बनाने वाले तीन चर्चित चेहरों को चुनाव में हार का सामना करना पड़ा. इनमें कमांडो एकेडमी के संस्थापक विराट चौधरी उर्फ धर्माराम किनसरिया, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पवन साहू की पत्नी और ओमप्रकाश बिश्नोई शामिल हैं. इन चेहरों की सोशल मीडिया पर पहचान होने के बावजूद चुनावी मैदान में जीत नहीं मिल पाई.

कमांडो एकेडमी के संस्थापक विराट चौधरी भी हारे
इस चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा कमांडो एकेडमी के संस्थापक विराट चौधरी उर्फ धर्माराम किनसरिया की हार को लेकर है. विराट चौधरी सोशल मीडिया पर अपनी पहचान रखते हैं और कमांडो एकेडमी के संस्थापक हैं. उन्होंने पंचायत चुनाव में सरपंच पद के लिए किस्मत आजमाई, लेकिन उन्हें जीत नहीं मिल सकी. सोशल मीडिया पर पहचान और लोकप्रियता के बावजूद वे मतदाताओं का पर्याप्त समर्थन हासिल नहीं कर पाए.

पवन साहू की पत्नी को भी नहीं मिली जीत
इस सूची में दूसरा नाम सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पवन साहू का है. पवन साहू ने अपनी पत्नी के लिए चुनाव प्रचार किया था. उनकी पत्नी ने भी सरपंच पद के लिए चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा. इस चुनाव में पवन साहू की सोशल मीडिया पर लोकप्रियता भी जीत में नहीं बदल पाई. यानी पवन साहू खुद चुनाव नहीं लड़ रहे थे, बल्कि उनकी पत्नी मैदान में थीं.

ओमप्रकाश बिश्नोई को मिले सिर्फ 33 वोट
तीसरा नाम सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और ज्योतिष से जुड़े ओमप्रकाश बिश्नोई का है. उन्होंने भी सरपंच पद के लिए चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें महज 33 वोट मिले. इतने कम वोट मिलने के साथ ही उनका चुनावी सफर खत्म हो गया.

सोशल मीडिया की लोकप्रियता और चुनावी जीत अलग-अलग
इन तीनों मामलों में एक बात समान रही. सोशल मीडिया पर पहचान रखने वाले इन चेहरों को पंचायत चुनाव में जीत नहीं मिली. विराट चौधरी खुद चुनाव हार गए, पवन साहू की पत्नी को हार का सामना करना पड़ा और ओमप्रकाश बिश्नोई को सिर्फ 33 वोट मिले. इन नतीजों ने यह दिखाया कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता होना अपने आप में चुनाव जीतने की गारंटी नहीं है. पंचायत चुनाव में आखिरकार मतदाताओं का वोट ही उम्मीदवार की जीत और हार तय करता है.

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About the Author

Ansh Raj

Ansh Raj

अंश राज Zee Rajasthan में सब-एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. राजस्थान की हर छोटी-बड़ी खबर पर उनकी पैनी नजर रहती है. क्राइम, पॉलिटिक्स और पावर कॉरिडोर से जुड़ी खबरों में उनकी खास दिलचस्पी है. नई चीजों को सीखने की फिराक में रहते हैं. ऑपरेशन सिंदूर से लेकर विधानसभा चुनावों और प्रदेश के दिग्गज नेताओं के हर बड़े बयान तक, अंश राज खबरों की नब्ज पर नजर रखते हैं. हेडलाइन से खेलना, खबर की काट-छांट करना और किसी भी स्टोरी को ज्यादा प्रभावी और रोचक अंदाज में पेश करना उनकी खासियत है. खबर को सिर्फ लिखना नहीं, बल्कि उसे बेहतर तरीके से पैकेज कर दर्शकों तक पहुंचाना उनके काम का अहम हिस्सा है.  डिजिटल मीडिया में करीब 3 साल का अनुभव रखने वाले अंश राज इससे पहले Zee Uttar Pradesh/Uttarakhand और Zee Bharat के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म में मास्टर्स किया है. खबरों की गंध को सबसे पहले पहचानना, उसकी तह तक पहुंचना और उसे सबसे पहले, सबसे तेज और सबसे बेहतर तरीके से दर्शकों तक पहुंचाना... यही अंश राज की पहचान है.
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