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राजस्थान घूमना है तो सितंबर में जाएं कुंभलगढ़, बारिश के बाद बदल जाता है नजारा

Rajasthan Tourism: सितंबर में राजस्थान घूमने की सोच रहे हैं तो कुंभलगढ़ एक अच्छा विकल्प हो सकता है. बारिश के बाद यहां की पहाड़ियां और आसपास का इलाका हरियाली से भर जाता है. ऐतिहासिक कुंभलगढ़ किला इस जगह की खास पहचान है. इतिहास में रुचि रखने वालों के साथ प्रकृति और शांत माहौल पसंद करने वाले लोगों को भी यहां का सफर पसंद आ सकता है.

राजस्थान घूमना है तो सितंबर में जाएं कुंभलगढ़, बारिश के बाद बदल जाता है नजारा
Image Credit: Kumbhalgarh

Kumbhalgarh in September: सितंबर का महीना राजस्थान घूमने के लिए एक अलग अनुभव लेकर आता है. बारिश के बाद कई इलाकों में मौसम सुहावना हो जाता है और पहाड़ी क्षेत्रों में हरियाली दिखाई देने लगती है. ऐसे में अगर आप राजस्थान में किसी ऐसी जगह की तलाश कर रहे हैं, जहां इतिहास के साथ प्रकृति का भी आनंद लिया जा सके, तो कुंभलगढ़ को अपनी यात्रा की लिस्ट में शामिल कर सकते हैं.

राजसमंद जिले का कुंभलगढ़ अपने ऐतिहासिक किले के लिए जाना जाता है. पहाड़ियों के बीच स्थित यह इलाका बारिश के बाद और भी आकर्षक नजर आता है. सितंबर में यहां घूमने का अनुभव गर्मियों की तुलना में काफी अलग हो सकता है.

पहाड़ियों के बीच बसा है कुंभलगढ़
कुंभलगढ़ अरावली की पहाड़ियों के बीच स्थित है. यहां का पहाड़ी वातावरण और आसपास का प्राकृतिक नजारा पर्यटकों को अपनी ओर खींचता है. बारिश के बाद पेड़-पौधों में हरियाली दिखाई देती है और मौसम भी घूमने के लिए बेहतर महसूस हो सकता है.

अगर आपको ऐसी जगह पसंद है जहां बहुत ज्यादा शोर-शराबे के बजाय इतिहास और प्रकृति दोनों का अनुभव मिले, तो कुंभलगढ़ अच्छा विकल्प बन सकता है.

कुंभलगढ़ किला है सबसे बड़ा आकर्षण
कुंभलगढ़ की पहचान यहां मौजूद ऐतिहासिक किले से है. पहाड़ी पर बना यह किला दूर से ही शानदार नजर आता है. किले की मजबूत दीवारें और इसकी बनावट राजस्थान के पुराने स्थापत्य की झलक देती हैं.

किले के आसपास घूमते हुए पर्यटक यहां के इतिहास को करीब से महसूस कर सकते हैं. ऊंचाई वाले हिस्सों से आसपास की पहाड़ियों का नजारा भी देखने को मिलता है. सितंबर की हरियाली इस दृश्य को और खूबसूरत बना सकती है.

बारिश के बाद क्यों खास है सितंबर?
मानसून के दौरान और उसके बाद पहाड़ी इलाकों का रंग बदल जाता है. सूखे और गर्म मौसम के मुकाबले सितंबर में कुंभलगढ़ के आसपास हरियाली अधिक दिखाई दे सकती है. बादलों से घिरा आसमान और पहाड़ियों का दृश्य सफर को खास बना सकता है.

यही वजह है कि प्रकृति पसंद करने वाले लोगों के लिए सितंबर में कुंभलगढ़ का ट्रिप अच्छा अनुभव हो सकता है. यहां घूमते समय कैमरे में कैद करने के लिए भी कई खूबसूरत नजारे मिलते हैं.

परिवार और दोस्तों के साथ बना सकते हैं प्लान
कुंभलगढ़ का सफर परिवार, दोस्तों या छोटे ग्रुप के साथ किया जा सकता है. इतिहास में रुचि रखने वाले लोगों को किला पसंद आएगा, जबकि प्रकृति पसंद करने वालों के लिए आसपास का पहाड़ी वातावरण आकर्षण का केंद्र बन सकता है.

सितंबर में यहां यात्रा का प्लान बनाते समय मौसम को ध्यान में रखते हुए घूमने की तैयारी करना बेहतर रहेगा. बारिश के बाद पहाड़ी इलाकों में मौसम कभी भी बदल सकता है, इसलिए यात्रा की योजना उसी हिसाब से बनानी चाहिए.

राजस्थान की अलग तस्वीर दिखाता है कुंभलगढ़
राजस्थान को आमतौर पर रेगिस्तान, महलों और गर्म मौसम के लिए जाना जाता है, लेकिन कुंभलगढ़ राज्य की एक अलग तस्वीर सामने रखता है. यहां इतिहास के साथ पहाड़ और हरियाली भी देखने को मिलती है.

अगर सितंबर में राजस्थान के भीतर ही किसी ऐसी जगह पर घूमने जाना चाहते हैं जहां किला, पहाड़ और बारिश के बाद का प्राकृतिक नजारा एक साथ देखने को मिले, तो कुंभलगढ़ एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. खासकर उन लोगों के लिए जो अपनी यात्रा में इतिहास के साथ प्रकृति का अनुभव भी जोड़ना चाहते हैं.

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About the Author

Ansh Raj

Ansh Raj

अंश राज Zee Rajasthan में सब-एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. राजस्थान की हर छोटी-बड़ी खबर पर उनकी पैनी नजर रहती है. क्राइम, पॉलिटिक्स और पावर कॉरिडोर से जुड़ी खबरों में उनकी खास दिलचस्पी है. नई चीजों को सीखने की फिराक में रहते हैं. ऑपरेशन सिंदूर से लेकर विधानसभा चुनावों और प्रदेश के दिग्गज नेताओं के हर बड़े बयान तक, अंश राज खबरों की नब्ज पर नजर रखते हैं. हेडलाइन से खेलना, खबर की काट-छांट करना और किसी भी स्टोरी को ज्यादा प्रभावी और रोचक अंदाज में पेश करना उनकी खासियत है. खबर को सिर्फ लिखना नहीं, बल्कि उसे बेहतर तरीके से पैकेज कर दर्शकों तक पहुंचाना उनके काम का अहम हिस्सा है.  डिजिटल मीडिया में करीब 3 साल का अनुभव रखने वाले अंश राज इससे पहले Zee Uttar Pradesh/Uttarakhand और Zee Bharat के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म में मास्टर्स किया है. खबरों की गंध को सबसे पहले पहचानना, उसकी तह तक पहुंचना और उसे सबसे पहले, सबसे तेज और सबसे बेहतर तरीके से दर्शकों तक पहुंचाना... यही अंश राज की पहचान है.
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