मूर्ति विसर्जन के दौरान नहर में नाव पलटने से डूबे चारों युवकों के शव बरामद कर लिए गए हैं. शवों को MBS अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है. पोस्टमार्टम की प्रक्रिया को लेकर कार्रवाई जारी है. पुलिस और परिजन अस्पताल की मोर्चरी पहुंचे. नाव में छह लोग सवार थे, जिनमें से दो तैरकर सुरक्षित बाहर निकल गए थे.
विसर्जन के दौरान बिगड़ा नाव का संतुलन
जानकारी के अनुसार, दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए पहुंचे लोगों ने एक मछुआरे की छोटी नाव ली थी. नाव के दोनों किनारों पर तीन-तीन लोग बैठे थे, जबकि बीच में दुर्गा प्रतिमा रखी गई थी. इसी दौरान पानी के बीच में नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई. हादसे के बाद चार युवक पानी में डूब गए. उनकी तलाश के लिए प्रशासन और बचाव दल जुटे हुए हैं.
चार लापता युवकों की पहचान
हादसे के बाद पानी में डूबकर लापता हुए चार युवकों की पहचान एशू जोशी (19), राहुल जोशी (18), सूरज सिंह (22) और विकास वर्मा (22) के रूप में हुई है. लापता युवकों में दो चचेरे भाई भी शामिल हैं. घटना के बाद से इन युवकों की तलाश प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है. परिजनों और स्थानीय लोगों की चिंता के बीच प्रशासन का पूरा ध्यान लापता युवकों को तलाशने और बचाव अभियान को आगे बढ़ाने पर है.

जिला कलेक्टर, पुलिस अधिकारी और मंत्री मौके पर पहुंचे
हादसे की सूचना मिलते ही कोटा के जिला कलेक्टर पीयूष सामरिया, सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम और कैबिनेट मंत्री मदन दिलावर घटनास्थल पर पहुंचे. अधिकारियों और मंत्री ने मौके पर चल रहे बचाव कार्य का जायजा लिया. प्रशासन की ओर से लापता युवकों की तलाश को प्राथमिकता दी जा रही है.
देर रात लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने लिया जायजा
देर रात लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी घटनास्थल पर पहुंचे. उन्होंने बचाव अभियान के दायरे को बढ़ाने के निर्देश दिए. फिलहाल प्रशासन का मुख्य फोकस पानी में लापता चारों युवकों की तलाश पर है. बचाव कार्य को आगे बढ़ाने और तलाश का दायरा बढ़ाने के संबंध में निर्देश दिए गए हैं.
तय घाटों के बजाय दूसरी जगह विसर्जन करने पर सवाल
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए निर्धारित घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था और गोताखोरों के इंतजाम किए गए थे. इसके बावजूद लोगों द्वारा गैर-नामित और सुनसान स्थानों पर अनधिकृत छोटी नावों का इस्तेमाल किए जाने के कारण यह हादसा हुआ. प्रशासन के अनुसार, घटना की जांच के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी. नाव संचालक की तलाश भी जारी है. फिलहाल कोटा में हुए इस हादसे के बाद बचाव अभियान जारी है. प्रशासन की पहली प्राथमिकता पानी में लापता चारों युवकों को तलाशना है. घटना की जांच के बाद हादसे के कारणों और जिम्मेदारी को लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी.