राजस्थान पंचायत चुनाव: कोटा में लोकतंत्र का महाकुंभ, 90 साल की उम्र में भी मतदान करने पहुंचीं महिलाएं
कोटा जिले में पंचायत चुनाव के पहले चरण में सांगोद, सुल्तानपुर, इटावा और लाडपुरा में मतदान हो रहा है. युवा मतदाताओं के साथ 80-90 साल की बुजुर्ग महिलाएं भी वोट डालने पहुंचीं. जिला परिषद की 19 सीटों पर भी मतदान जारी है.
राजस्थान में पंचायत चुनाव के पहले चरण के तहत कोटा जिले की सांगोद, सुल्तानपुर, इटावा और लाडपुरा पंचायत समितियों में मतदान हो रहा है. ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी सरकार चुनने को लेकर मतदाताओं में उत्साह नजर आ रहा है. मतदान केंद्रों पर युवा मतदाताओं से लेकर बुजुर्गों तक की भागीदारी देखने को मिल रही है. कोई पहली बार वोट डालने पहुंचा है, तो कोई बढ़ती उम्र के बावजूद लोकतंत्र के इस पर्व में अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है.
पंचायत समिति के 84 वार्डों में मतदान
पहले चरण में कोटा जिले की चार पंचायत समितियों के 84 वार्डों में पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव के लिए वोट डाले जा रहे हैं. इसके साथ ही जिला परिषद के कुल 25 वार्डों में से 19 वार्डों में मतदान हो रहा है. जिला परिषद की इन सीटों पर 50 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं.
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इन चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस सहित प्रमुख राजनीतिक दलों की नजरें टिकी हुई हैं. जिला परिषद में बहुमत हासिल करना राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसी के आधार पर जिला प्रमुख के चुनाव का समीकरण तय होगा. ऐसे में पंचायत चुनाव का यह चरण ग्रामीण राजनीति के लिहाज से काफी अहम है.
युवाओं के साथ बुजुर्ग मतदाताओं में भी उत्साह
मतदान शुरू होने के बाद से ही केंद्रों पर मतदाताओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है. युवा वोटर्स के साथ महिलाएं भी अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने पहुंच रही हैं. खास बात यह है कि 80 से 90 वर्ष तक की उम्र की बुजुर्ग महिलाएं भी मतदान केंद्रों पर पहुंचकर वोट डाल रही हैं.
उम्र के इस पड़ाव में भी मतदान के प्रति उनका उत्साह लोकतंत्र में भागीदारी की अहमियत को दर्शाता है. वहीं, पहली बार मतदान करने वाले युवाओं के लिए भी यह अनुभव खास है. अलग-अलग उम्र के मतदाता अपने पसंदीदा प्रतिनिधि को चुनने के लिए मतदान कर रहे हैं.
बुजुर्गों की सुविधा के लिए किए गए इंतजाम
मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की सुविधा का भी ध्यान रखा गया है. बुजुर्गों को मतदान करने में परेशानी न हो, इसके लिए व्हीलचेयर की व्यवस्था की गई है. इससे उन्हें मतदान केंद्र तक पहुंचने और वोट डालने में मदद मिल रही है. इसके अलावा, गर्मी और धूप से राहत देने के लिए मतदान केंद्रों पर पानी की व्यवस्था भी की गई है. इन इंतजामों का उद्देश्य मतदान के लिए आने वाले लोगों को सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि वे आसानी से अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें.
सुरक्षा व्यवस्था पर पुलिस की नजर
चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन सतर्क है. कोटा ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर खुद मतदान केंद्रों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं. पुलिस की ओर से केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.
अधिकारियों की निगरानी में मतदान प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने पर ध्यान दिया जा रहा है, ताकि मतदाता बिना किसी डर या दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें.
जिला प्रमुख के चुनाव पर टिकी नजरें
कोटा जिले में पंचायत चुनाव का पहला चरण ग्रामीण राजनीति के लिए महत्वपूर्ण है. एक ओर युवा मतदाता बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं, तो दूसरी ओर बुजुर्ग भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रहे हैं. अब मतदान प्रतिशत और चुनाव परिणाम पर सभी की नजरें रहेंगी. इनके आधार पर जिला परिषद में बहुमत के समीकरण और जिला प्रमुख के चुनाव की तस्वीर साफ होगी.