कोटा जिले के सरकारी स्कूलों में बच्चों के पोषाहार के लिए आवंटित गेहूं और चावल में ये गड़बड़ी सामने आई है. राष्ट्रीय पोषाहार सहायता कार्यक्रम के तहत जुलाई से सितंबर 2026 की दूसरी तिमाही के लिए खाद्यान्न आवंटित किया गया था. कोटा के सेंट्रल वेयर हाउस नंबर-1 से 14 जुलाई से 21 जुलाई के बीच गेहूं और चावल का शत-प्रतिशत उठाव किया गया. खाद्यान्न परिवहन की जिम्मेदारी गुजरात के हिम्मतनगर स्थित मैसर्स भैरवनाथ रोडवेज फर्म को दी गई थी. फर्म को 32 रुपए 6 पैसे प्रति क्विंटल की दर से वर्कऑर्डर मिला था.
गायब खाद्यान्न की कीमत 1 करोड़ से ज्यादा
गोदाम से खाद्यान्न उठाने के बाद स्कूलों में लगातार पोषाहार कम पहुंचने की शिकायतें आने लगीं. शिक्षा विभाग ने ब्लॉकवार आवंटन और स्कूलों तक पहुंचे राशन का सत्यापन कराया. जांच में सामने आया कि 1844 क्विंटल गेहूं और 1369 क्विंटल चावल स्कूलों तक पहुंचा ही नहीं. इस तरह कुल 3213 क्विंटल से ज्यादा खाद्यान्न की कमी सामने आई. विभागीय आकलन के मुताबिक गायब खाद्यान्न की कीमत सरकारी दर पर करीब 81 लाख रुपए और खुले बाजार में एक करोड़ से एक करोड़ 10 लाख रुपए तक है.
कोटा में जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय), प्रारंभिक, रूप सिंह मीणा के मुताबिक “पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न उठाने के बावजूद लगातार स्कूलों से मिड-डे-मील कम पड़ने की शिकायतें आ रही थीं. सभी सीबीईओ से रिपोर्ट मांगी, जिसमें सामने आया कि गोदाम से किए गए उठाव और स्कूलों में सप्लाई में अंतर है. हम लगातार रसद विभाग को लिख रहे थे. सभी स्कूलों के पास उपलब्ध कराए गए माल की पूरी पर्चियां हैं”
जांच में गड़बड़ी सामने आने के बाद रसद विभाग ने फर्म के प्रोपराइटर नारायणलाल शंकर लाल खटीक और उसके सहयोगी अधिकृत व्यक्ति शैलेंद्र शर्मा को 14 अक्टूबर को कारण बताओ नोटिस जारी किया. 15 अक्टूबर सुबह साढ़े दस बजे तक जवाब मांगा गया, लेकिन निर्धारित समय पर कोई जवाब नहीं दिया गया.
इसके बाद रसद विभाग ने नयापुरा थाने में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 316(2), 316(3) और 61(2)(ए) के तहत मामला दर्ज किया है. अब पुलिस खाद्यान्न के गबन और स्कूलों तक राशन नहीं पहुंचने के मामले की जांच कर रही है.
सरकारी गोदाम से खाद्यान्न का पूरा उठाव होने के बावजूद स्कूलों तक राशन नहीं पहुंचना व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है. अब जांच में यह पता लगाया जाएगा कि बच्चों के पोषाहार के लिए आया खाद्यान्न कहां गायब हुआ और इस गड़बड़ी में कौन-कौन शामिल है.
रिपोर्टर- चेतन गुर्जर
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