दिवाली के त्योहार से पहले राजस्थान में मिठाइयों और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर खाद्य और उपभोक्ता सुरक्षा विभागों ने कार्रवाई तेज कर दी है. जयपुर में मिठाई के पैकेटों पर भविष्य की निर्माण तिथि अंकित होने और जरूरी जानकारियां गायब मिलने का मामला सामने आया है.
वहीं, बीकानेर में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने एक खाद्य निर्माण इकाई पर कार्रवाई करते हुए हजारों किलो अवधिपार और दूषित मैदा को लेकर बड़ी कार्रवाई की है. इन मामलों ने त्योहार के दौरान बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और पैकेजिंग नियमों के पालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
मिठाई बनी पहले, पैकेट पर बनने की तारीख आगे की
जयपुर में उपभोक्ता मामले विभाग की जांच के दौरान मिठाई की पैकेजिंग में गंभीर अनियमितता सामने आई. कानोता स्थित गुड़ मिश्री प्राइवेट लिमिटेड की विनिर्माण इकाई में जांच के दौरान काजू-पतीसा मिठाई के पैकेट पर बनने की तारीख 1 नवंबर 2026 अंकित मिली, जबकि जांच 23 अक्टूबर को की गई थी यानी पैकेट पर निर्माण की तारीख जांच की तारीख से नौ दिन आगे की थी. इसके साथ ही पैकेट पर 15 नवंबर 2026 की यूज-बाय डेट भी लिखी थी.
इस मामले में मिठाई की वास्तविक निर्माण तिथि, ताजगी और उपयोग-अवधि को लेकर सवाल उठे हैं. जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित प्रतिष्ठान बिना पैकेजिंग पंजीकरण के काम कर रहा था.
MRP और वजन की जानकारी भी गायब
गुड़ मिश्री प्रतिष्ठान में जांच के दौरान गुड़ चक्र और काजू रोल के पैकेटों पर MRP और वजन जैसी जरूरी जानकारियां नहीं मिली. इन अनियमितताओं के चलते प्रतिष्ठान पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया. अधिकारियों ने नियमों के अनुरूप घोषणाएं अंकित होने तक संबंधित उत्पादों को जब्त करने की कार्रवाई भी की.
जौहरी बाजार के मिठाई प्रतिष्ठान पर भी कार्रवाई
जयपुर के जौहरी बाजार स्थित लक्ष्मी मिष्ठान्न भंडार में भी पैकेजिंग नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आया. जांच के दौरान मंगोड़ी, पापड़, खाखरे, सोहन पापड़ी और पेठे के पैकेटों पर MRP, बनने की तारीख और बेस्ट बिफोर जैसी आवश्यक जानकारियां नहीं लिखी गई.
इस अनियमितता के लिए प्रतिष्ठान पर 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है. इस तरह जयपुर में दोनों प्रतिष्ठानों पर कुल 35 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया. अधिकारियों की कार्रवाई का उद्देश्य उपभोक्ताओं को पैकेजिंग संबंधी नियमों के अनुरूप जानकारी उपलब्ध कराना है.
बीकानेर में 2,740 किलो अवधिपार मैदा-पापड़ नष्ट
इधर, बीकानेर में 'शुद्ध आहार–मिलावट पर वार' अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग ने मरुधर फूड प्रोडक्ट्स पर कार्रवाई की. केंद्रीय टीम और बीकानेर के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के निरीक्षण में 2,740 किलो अवधिपार मैदा-पापड़ मौके पर नष्ट करवाए गए. इसके अलावा 28 हजार किलो दूषित मैदा पशु आहार के लिए निर्धारित किया गया.
जांच के दौरान निर्माण इकाई में कई स्वच्छता संबंधी कमियां भी सामने आईं. परिसर में टूटा हुआ फर्श, मशीनों पर गंदगी, धूल-मिट्टी और मकड़ी के जाले मिले. कच्चा माल भी फर्श पर रखा हुआ पाया गया.
खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच जारी
जांच के दौरान अधिकारियों को पानी की गुणवत्ता और कर्मचारियों के स्वास्थ्य परीक्षण से संबंधित रिपोर्ट भी प्रस्तुत नहीं की गई. खाद्य सुरक्षा टीम ने जांच के लिए खाद्य पदार्थ का एक नमूना लिया. विभाग के अनुसार, खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण और आवश्यक कार्रवाई जारी है.
त्योहार से पहले विभागों की इन कार्रवाइयों से साफ है कि मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की खरीदारी करते समय उपभोक्त पैकेट पर बनने की तारीख, बेस्ट बिफोर, MRP और वजन जैसी जानकारियों की जांच जरूर करें.