धनतेरस के दिन बुझ गया घर का चिराग, बालकनी से सिर के बल गिरने से मौत, मचा कोहराम
कोटा के महावीर नगर थाना क्षेत्र में धनतेरस के दिन बालकनी से गिरने के कारण ढाई साल के मासूम की मौत हो गई. निजी अस्पताल में इलाज के दौरान बच्चे ने दम तोड़ दिया.
दीपावली की खुशियों के बीच कोटा में एक ऐसा हादसा हुआ, जिसने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया. जिस घर में त्योहार की तैयारियां चल रही थीं और मां दीपक जलाने में व्यस्त थी, उसी दौरान एक छोटी सी लापरवाही ने परिवार से उसकी खुशियां छीन लीं. महावीर नगर थाना क्षेत्र में बालकनी से नीचे गिरने के कारण ढाई साल के मासूम की मौत हो गई. बच्चे की मौत के बाद घर में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
मां घर में जला रही थी दीपक, बालकनी में खेल रहा था मासूम
जानकारी के अनुसार, महावीर नगर एक्सटेंशन स्कीम निवासी हर्षित गौतम का ढाई वर्षीय बेटा अर्णीत उर्फ शिवाय शुक्रवार रात घर में खेल रहा था. इसी दौरान उसकी मां दीपावली के अवसर पर घर में दीपक जलाने में व्यस्त थी. खेलते-खेलते बच्चा बालकनी में पहुंच गया. बताया जा रहा है कि वह बालकनी की रेलिंग पर चढ़कर नीचे झांकने लगा. इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे नीचे जा गिरा. मां जब तक कुछ समझ पाती और बच्चे को संभालने पहुंचती, तब तक हादसा हो चुका था.
आवाज सुनकर पहुंचे परिजन, अस्पताल में नहीं बच सकी जान
बच्चे के नीचे गिरने और उसके रोने की आवाज सुनकर मां और परिवार के दूसरे सदस्य तुरंत मौके पर पहुंचे. गंभीर रूप से घायल मासूम को परिजन कॉमर्स कॉलेज चौराहे के पास स्थित एक निजी अस्पताल लेकर गए. वहां डॉक्टरों ने उसकी नाजुक हालत को देखते हुए तत्काल उपचार शुरू किया. करीब तीन घंटे तक चिकित्सकों ने बच्चे को बचाने की कोशिश की, लेकिन तमाम प्रयास सफल नहीं हो सके. शुक्रवार मध्यरात्रि के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
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सिर के बल गिरने से मस्तिष्क को पहुंची गंभीर चोट
उपचार करने वाले न्यूरो सर्जन डॉ. मामराज अग्रवाल के मुताबिक, बच्चा बालकनी से नीचे झांकते समय सिर के बल गिरा था. जमीन से सिर टकराने के कारण उसकी खोपड़ी की कई हड्डियां टूट गई थीं. इसके साथ ही मस्तिष्क को भी गंभीर नुकसान पहुंचा था. बच्चे के शरीर में अंदरूनी चोटें भी आई थीं. अस्पताल पहुंचने के समय उसकी हालत बेहद गंभीर थी. डॉक्टरों की पूरी कोशिश के बावजूद मासूम की जान नहीं बचाई जा सकी.
परिजनों ने नहीं चाही कानूनी कार्रवाई
महावीर नगर थाना अधिकारी हरेंद्र सौदा ने बताया कि हादसा घर में ही हुआ था और अस्पताल में उपचार के दौरान बच्चे की मौत हो गई. परिजनों ने मामले में किसी तरह की कानूनी कार्रवाई कराने से इनकार किया. इसके बाद शव बिना पोस्टमार्टम के परिवार को सौंप दिया गया. शनिवार को मासूम का अंतिम संस्कार किया जाएगा.
दीपावली की रोशनी के बीच परिवार में छाया अंधेरा
इस घटना ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है. जिस घर में दीपावली के स्वागत की तैयारियां हो रही थीं, वहां अब चीख-पुकार और मातम का माहौल है. यह हादसा छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी एक गंभीर संदेश देता है. घर में बालकनी, खिड़की और रेलिंग जैसी जगहों पर बच्चों की आवाजाही को लेकर विशेष सावधानी बरतना बेहद जरूरी है.
Reporter- Rahul Joshi