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राजस्थान के कोटा में कोचिंग स्टूडेंट के जिंदगी को खत्म करने का एक और मामला सामने आया है. जवाहर नगर थाना क्षेत्र में रहने वाले उत्तर प्रदेश के जौनपुर निवासी नाबालिग छात्र ने हॉस्टल के कमरे में जीवनलीला समाप्त कर ली. मंगलवार को परिजनों की मौजूदगी में एमबीएस अस्पताल में उसके शव का पोस्टमार्टम करवाया गया. छात्र पिछले एक साल से कोटा में रहकर इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था.
जानकारी के अनुसार, छात्र ने सोमवार को हॉस्टल स्थित अपने कमरे में फांसी लगा ली थी. घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया. इसके बाद पुलिस ने हॉस्टल के कमरे को सील कर दिया. जांच के दौरान कमरे से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला. इसमें छात्र ने अपने माता-पिता से माफी मांगते हुए लिखा था, 'मम्मी-पापा सॉरी.'
5 नवंबर को घर जाने वाला था छात्र
मंगलवार को परिजनों के पहुंचने के बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू करवाई. छात्र के मामा शिव कुमार ने बताया कि दो-तीन दिन पहले ही उनकी बच्चे से बातचीत हुई थी. छात्र ने 5 नवंबर को घर आने की बात कही थी. इसके लिए उसने ट्रेन का टिकट भी बुक करवा रखा था.
परिजनों के मुताबिक, छात्र पढ़ाई में अच्छा था. परिवार को उसकी ओर से कभी किसी तरह की परेशानी या मानसिक तनाव की जानकारी नहीं दी गई थी. परिजनों का कहना है कि वह डिप्रेशन में भी नहीं था. ऐसे में अचानक उसके इस कदम से परिवार के लोग हैरान हैं और उन्हें इसकी वजह समझ नहीं आ रही है.
पहले ऑफलाइन, अब ऑनलाइन कर रहा था पढ़ाई
मामा शिव कुमार के अनुसार, छात्र पहले एक निजी कोचिंग संस्थान में ऑफलाइन पढ़ाई कर रहा था. इस बार वह ऑनलाइन कोचिंग के माध्यम से इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहा था. परिवार के लोगों ने बताया कि कुछ दिन पहले तक उससे सामान्य बातचीत हुई थी और उसने किसी परेशानी का जिक्र नहीं किया था.
छात्र ने आखिर किन परिस्थितियों में यह कदम उठाया, इसका पता परिवार को भी नहीं चल पाया है. पुलिस अब इसी सवाल का जवाब तलाशने में जुटी है.
सुसाइड नोट की जांच कर रही पुलिस
जवाहर नगर थाने के हेड कांस्टेबल नरेंद्र सिंह ने बताया कि छात्र की आत्महत्या के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है. कमरे से मिले सुसाइड नोट की भी जांच की जा रही है. परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस ने आगे की जांच शुरू कर दी है.
Disclaimer: जीवन अनमोल है. जी भरकर जिएं. इसका पूरी तरह सम्मान करें. हर पल का आनंद लें. किसी बात-विषय-घटना के कारण व्यथित हों तो जीवन से हार मानने की कोई जरूरत नहीं. अच्छे और बुरे दौर आते-जाते रहते हैं. लेकिन कभी जब किसी कारण गहन हताशा, निराशा, डिप्रेशन महसूस करें तो सरकार द्वारा प्रदत्त हेल्पलाइन नंबर 9152987821 पर संपर्क करें.
Reporter- Rahul Joshi