10 से 15 करोड़ की मांग या 10-15 पार्षद: खैरथल सभापति के आरोपों से भूचाल, कांग्रेस विधायक पर टिकट के बदले पैसे मांगने का गंभीर दावा
Khairthal Politics: खैरथल नगर परिषद के नवनिर्वाचित सभापति विक्रम उर्फ विक्की चौधरी के एक बयान से स्थानीय सियासत गरमा गई है. कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए विक्की चौधरी ने मुंडावर विधायक ललित यादव पर सभापति पद का टिकट देने के बदले 10-15 करोड़ रुपये मांगने का आरोप लगाया है. वहीं विधायक ललित यादव ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बातचीत में 10-15 पार्षदों की संख्या को लेकर चर्चा हुई थी, जिसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है. खैरथल में सभापति चुनाव 22-22 वोट की बराबरी के बाद पर्ची से तय हुआ था, जिसमें विक्की चौधरी विजयी हुए.
Rajasthan Politics: खैरथल नगर परिषद के सभापति चुनाव के बाद स्थानीय राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है. नवनिर्वाचित सभापति विक्रम सिंह उर्फ विक्की चौधरी के आरोपों ने कांग्रेस और भाजपा के बीच सियासी बयानबाजी को और तेज कर दिया है. विक्की चौधरी ने मुंडावर से कांग्रेस विधायक ललित यादव पर सभापति पद का टिकट देने के बदले 10 से 15 करोड़ रुपये मांगने का गंभीर आरोप लगाया है. हालांकि, विधायक ललित यादव ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है.
विधायक पर पैसे मांगने का आरोप
विक्की चौधरी का दावा है कि सभापति पद की दावेदारी को लेकर उनसे बड़ी रकम की मांग की गई थी. उनके मुताबिक, यह रकम करीब 10 से 15 करोड़ रुपये बताई गई. कांग्रेस से भाजपा में शामिल होने के बाद विक्की चौधरी सभापति पद के चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी बने थे. उनके साथ कांग्रेस के 11 पार्षदों के भाजपा में जाने की भी रिपोर्ट सामने आई थी. इससे खैरथल नगर परिषद के राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल गए थे.
ललित यादव ने आरोपों को बताया गलत मतलब
विधायक ललित यादव ने विक्की चौधरी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बातचीत में 10-15 करोड़ रुपये की नहीं, बल्कि 10-15 पार्षदों की संख्या को लेकर चर्चा हुई थी. विधायक के मुताबिक, बातचीत को गलत तरीके से समझा या पेश किया गया है. इस दावे और पलटवार के बाद खैरथल की सियासत में 10-15 करोड़ बनाम 10-15 पार्षद की चर्चा तेज हो गई है.
22-22 वोट के बाद पर्ची से फैसला
खैरथल नगर परिषद में सभापति पद का चुनाव बेहद करीबी रहा था. 21 सितंबर को हुए चुनाव में भाजपा के विक्रम चौधरी और कांग्रेस के ओमप्रकाश रोघा को 22-22 वोट मिले. बराबरी की स्थिति बनने के बाद नियम के अनुसार पर्ची से फैसला किया गया. पर्ची में विक्रम चौधरी का नाम निकलने के बाद उन्हें सभापति निर्वाचित घोषित किया गया.
पहले बदले थे राजनीतिक समीकरण
खैरथल नगर परिषद के 45 वार्डों में चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस को 20, भाजपा को 8 और निर्दलीयों को 17 सीटें मिली थीं. बहुमत के लिए 23 पार्षदों की जरूरत थी. इसके बाद विक्की चौधरी के नेतृत्व में कांग्रेस के कई पार्षद भाजपा के साथ चले गए, जिससे बोर्ड गठन का गणित बदल गया.
अब सभापति विक्की चौधरी के आरोप और विधायक ललित यादव के जवाब ने खैरथल की स्थानीय राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है. आरोपों को लेकर दोनों पक्षों के दावे सामने हैं और इस बयानबाजी के बीच मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है.