Jodhpur News: डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर के अंतर्गत संचालित यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंसेज (UCNYS) में एक छात्रा ने सहायक प्रोफेसर के खिलाफ शारीरिक एवं मानसिक उत्पीड़न, यौन उत्पीड़न और अनुचित दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं. छात्रा ने इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आरोपी शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
शिकायत के अनुसार, छात्रा बीएनवाईएस (BNYS) पाठ्यक्रम में अध्ययनरत है. उसने आरोप लगाया कि फरवरी 2026 में प्रायोगिक परीक्षा की फाइलों की जांच के दौरान संबंधित शिक्षक ने पढ़ाई से जुड़ी चर्चा के बजाय उसके शारीरिक स्वरूप को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं. छात्रा का आरोप है कि इसके बाद शिक्षक ने उससे मोबाइल नंबर मांगा और इंस्टाग्राम पर फॉलो करने के लिए दबाव बनाया.
परीक्षा में पास कराने का प्रलोभन देने का आरोप
छात्रा ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि कॉलेज से घर पहुंचने के बाद शिक्षक की ओर से देर रात व्हाट्सऐप पर संदेश और कॉल किए जाने लगे. शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि शिक्षक ने दोस्ती करने पर परीक्षा में पास कराने और प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने की बात कही. छात्रा के अनुसार, शिक्षक ने अपने पद का प्रभाव दिखाते हुए परीक्षा में परिणाम खराब करने की धमकी भी दी. शिकायत में वरिष्ठ विद्यार्थियों के प्रायोगिक परीक्षा परिणामों का हवाला देकर दबाव बनाने का आरोप लगाया गया है.
कक्षा में अकेले बुलाकर अनुचित व्यवहार का आरोप
शिकायत में छात्रा ने एक अन्य घटना का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि दुर्घटना में चोट लगने के बाद भी शिक्षक का व्यवहार अनुचित रहा. छात्रा का दावा है कि एक दिन जब वह कक्षा में अकेली थी, तब शिक्षक वहां पहुंचे और दरवाजा बंद कर लिया. छात्रा ने आरोप लगाया कि शिक्षक ने चोट देखने के नाम पर कपड़े ऊपर करने के लिए कहा. विरोध करने के बावजूद उसे पकड़कर अपनी ओर खींचने और बिना सहमति शारीरिक रूप से छूने का आरोप भी शिकायत में लगाया गया है.
अन्य छात्राओं के साथ भी दुर्व्यवहार का दावा
शिकायतकर्ता छात्रा ने दावा किया है कि संबंधित शिक्षक का व्यवहार अन्य छात्राओं के प्रति भी अनुचित रहा है और कुछ अन्य छात्राएं भी इससे परेशान हैं. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित छात्राओं के बयान सामने आना अभी बाकी है. छात्रा ने शिकायत में कहा कि कथित घटनाओं के कारण वह मानसिक तनाव और भय का सामना कर रही है. उसने शैक्षणिक संस्थान में छात्राओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने की मांग की है.
निलंबन और उच्चस्तरीय जांच की मांग
छात्रा ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच पूरी होने तक आरोपी शिक्षक को निलंबित किया जाए. इसके साथ ही कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम से संबंधित कानून (POSH Act) के तहत गठित आंतरिक शिकायत समिति और महिला आयोग के माध्यम से जांच कराने की मांग की गई है.
शिकायत में छात्रा की पहचान गोपनीय रखने, उसके परीक्षा परिणाम या शैक्षणिक भविष्य को प्रभावित नहीं होने देने और आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई. साथ हैी कॉलेज में पढ़ने वाले बच्चों ने दावा किया है कि परीक्षा में अधिकतर बैक दिया जाता है. इसकी भी जांच की जाए. बैक देने के पीछे परीक्षा कंट्रोलर का हाथ तो नहीं है.
शिक्षा के मंदिर में ऐसी हरकतें बर्दाश्त नहीं
वाइस चांसलर गोविंद शुक्ला ने स्पष्ट किया कि शिक्षण संस्थानों में इस तरह का व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने कहा कि गठित हाई पावर कमेटी पूरे मामले की जांच करेगी और शिक्षा के मंदिर में इस तरह की हरकतें करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा.
लाइसेंस रद्द कराने की भी कार्रवाई
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, संबंधित शिक्षक का लाइसेंस रद्द कराने के लिए भी कार्रवाई की जा रही है. हाई पावर कमेटी की जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.