Jhunjhunu News: राजस्थान के झुंझुनूं के प्रसिद्ध लोहार्गल धाम में संत सूरजदास जी महाराज की मौत के बाद चल रहा साधु-संतों और ग्रामीणों का धरना पुलिस-प्रशासन के साथ बातचीत के बाद समाप्त हो गया.
7 दिन में कार्रवाई के आश्वासन पर धरना समाप्त
गोल्याणा सर्किल पर सड़क जाम कर बैठे संतों और ग्रामीणों से एएसपी देवेंद्र सिंह राजावत ने बातचीत की. प्रशासन ने संत समाज की मांगों पर कार्रवाई और मामले की जांच पूरी कर सात दिन में ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया. सहमति बनने के बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम खोल दिया और धरना समाप्त कर दिया.
लोहार्गल धाम की सुरक्षा के लिए 10 मांगें रखीं
संत समाज ने लोहार्गल धाम की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, पुलिस चौकी पर पर्याप्त पुलिसकर्मी तैनात करने, सीसीटीवी कैमरे लगाने और रात में धाम में असामाजिक तत्वों की आवाजाही रोकने सहित करीब 10 मांगें रखीं. प्रशासन की ओर से लोहार्गल पुलिस चौकी पर 7 से 8 पुलिसकर्मियों की तैनाती और कुंड क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था करने पर सहमति जताई गई. कलेक्टर के नाम एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा गया. एएसपी देवेंद्र सिंह ने बताया कि संत समाज ने जिन लोगों पर संदेह जताया है. उन्हें डिटेन कर पूछताछ की जा रही है.
संदिग्धों से पूछताछ जारी
एफएसएल और साइबर टीम मौके पर साक्ष्य जुटा रही हैं. पुलिस ने कहा कि यदि जांच में अपराध सामने आता है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. संत समाज की ओर से मामले के खुलासे के लिए सात दिन का समय दिया गया है. लोहार्गल स्थित बरखंडी बाबा मंदिर से करीब 80 वर्षीय संत सूरजदास जी महाराज 26 सितंबर से लापता थे. मंगलवार सुबह उनका पार्थिव देह दुर्गम पहाड़ी की घाटी में मिला.
35 साल से बरखंडी बाबा मंदिर में सेवा कर रहे थे संत
पुलिस, एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस और ग्रामीणों की मदद से शव को पहाड़ी से नीचे उतारा गया. संत पिछले करीब 35 सालों से बरखंडी बाबा मंदिर में सेवा कर रहे थे. संत की मौत की जानकारी के बाद लोहार्गल में आक्रोश फैल गया था. साधु-संतों और ग्रामीणों ने गोल्याणा सर्किल पर मुख्य मार्ग जाम कर धरना शुरू कर दिया था. लोहार्गल धाम को बंद रखते हुए श्रद्धालुओं का प्रवेश भी रोक दिया गया था. राजस्थान के अलग-अलग क्षेत्रों से आए साधु-संतों ने मामले की निष्पक्ष जांच और लोहार्गल की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की थी.
सुबह 4 से रात 10 बजे तक धाम खोलने की मांग
धरने को संबोधित करते हुए लोहार्गल के संत अवधेशाचार्य ने कहा कि धाम को सुबह 4 बजे से रात 10 बजे तक ही खोलने की व्यवस्था की जाए. उन्होंने कहा कि यदि सात दिन में जांच पूरी कर दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो साधु-संत और ग्रामीण दोबारा गोल्याणा मोड़ पर धरना देंगे और बड़ा आंदोलन किया जाएगा. संत सूरजदास जी महाराज के शव का पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम करवाया गया. इसके बाद उनका अंतिम संस्कार किरोड़ी धाम में किया गया. प्रशासन के आश्वासन और वार्ता में सहमति बनने के बाद लोहार्गल में स्थिति सामान्य हुई और धरना समाप्त कर दिया गया.
Report- Sandeep Kedia