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फरारी काटने का नया 'प्रोटेस्ट' प्लान: राजस्थान का ठग... Abhijeet दीपके कनेक्शन और CJP पर उठते सवाल

Jhunjhunu Defender Car Fraud: झुंझुनू पुलिस ने डिफेंडर कार दिलाने के नाम पर 17 लाख रुपये लेने के मामले में वांटेड आरोपी रामचंद्र को नोएडा के सूरजपुर से गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी करीब डेढ़ साल से गिरफ्तारी से बच रहा था और लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था.

Written By Aman Singh
Published: Oct 01, 2026, 03:50 PM IST | Updated: Oct 01, 2026, 05:32 PM IST
Image Credit: AI Generated Image
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Jhunjhunu Defender Car Fraud: डिफेंडर गाड़ी बेचने के नाम पर 17 लाख रुपए की धोखाधड़ी के मामले में झुंझुनू पुलिस के वांटेड और सीजेपी के कथित नेता रामचंद्र को झुंझुनूं कोतवाली पुलिस ने नोएडा से गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, आरोपी करीब डेढ़ साल से गिरफ्तारी से बच रहा था और लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था. इस दौरान जुलाई 2026 में आरोपी जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान मंच पर भी दिखाई दिया था.

पुलिस के मुताबिक, आरोपी की तलाश में टीम दिल्ली और नोएडा में लगातार दबिश दे रही थी. आरोपी के सीजेपी के प्रदर्शन में मंच पर पहुंचने के बाद भी उस समय मौके का माहौल देखते हुए पुलिस को कार्रवाई से पीछे हटना पड़ा. बाद में पुलिस ने दोबारा उसकी तलाश तेज की और आखिरकार 28 सितंबर को सूरजपुर नोएडा से उसे गिरफ्तार कर लिया. शहर कोतवाल श्रवण मील ने बताया कि मामले की शुरुआत 7 फरवरी 2025 को हुई. जब राजस्थान हर्बल इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर साजिद दीवान ने कोतवाली थाने में शिकायत दी.

डिफेंडर-130 के लिए 17 लाख रुपये RTGS से भेजे

शिकायत के अनुसार, कंपनी के काम के लिए रेंज रोवर डिफेंडर-130 खरीदना था. इसके लिए नोएडा की AVYAAN Automotive Pvt. Ltd. के संचालक रामचंद्र से संपर्क किया गया. आरोपी ने वाहन की कीमत 1 करोड़ 67 लाख 37 हजार 89 रुपए बताई और छह महीने के भीतर वाहन उपलब्ध कराने का भरोसा दिया. इसके बाद कंपनी के खाते से आरोपी के बताए खाते में 6 मार्च 2024 को 7 लाख और 8 मार्च 2024 को 10 लाख रुपए, यानी कुल 17 लाख रुपये RTGS के जरिए भेजे गए, लेकिन छह महीने बीतने के बाद भी वाहन नहीं मिला.

रकम वापस मांगने पर आरोपी ने देने किया इनकार

शिकायतकर्ता ने जब रकम वापस मांगी, तो पुलिस के अनुसार आरोपी ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया. इसके बाद कोतवाली थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य और बैंक खातों से संबंधित जानकारी जुटाई. आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम बनाई गई. शहर कोतवाल श्रवण मील ने बताया कि आरोपी कभी दिल्ली तो कभी नोएडा में अपना ठिकाना बदल रहा था.

जंतर-मंतर प्रदर्शन में मंच पर दिखा आरोपी

पुलिस टीम उसकी लोकेशन का पता लगाकर लगातार दबिश देती रही. पुलिस के मुताबिक, करीब डेढ़ साल तक आरोपी की तलाश जारी रही और उसकी गिरफ्तारी के लिए दिल्ली-नोएडा में कई स्थानों पर दबिश दी गई. शहर कोतवाल के अनुसार जुलाई 2026 में पुलिस टीम आरोपी तक पहुंच गई थी, लेकिन इसी दौरान वह जंतर-मंतर पर चल रहे सीजेपी के प्रदर्शन में मंच पर मौजूद दिखाई दिया. पुलिस के अनुसार, उस समय प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में छात्र और प्रदर्शनकारी मौजूद थे.

पुलिस का कहना है कि वहां कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए तत्काल गिरफ्तारी की कार्रवाई नहीं की गई. इसके बाद सामने आए फोटो और वीडियो में आरोपी सीजेपी के राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दिपके और संगठन से जुड़े अन्य लोगों के साथ मंच पर दिखाई दिया. पुलिस के अनुसार, उस समय की तस्वीरें और वीडियो भी जांच का हिस्सा बने. पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन खत्म होने के बाद भी आरोपी की तलाश जारी रखी गई. उसकी अलग-अलग जगहों पर लोकेशन मिलती रही.

स्कूलों में जाकर जांच करने के फुटेज भी आए सामने

पुलिस के अनुसार आरोपी के कई स्कूलों में जाकर जांच करने से संबंधित फुटेज भी सामने आई. इसके बाद टीम ने उसकी गतिविधियों और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई. शहर कोतवाल श्रवण मील ने बताया कि आरोपी लगातार जगह बदल रहा था और पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था.

सूरजपुर पुलिस ने रामचंद्र को दबोचा

पुलिस टीम ने उसकी गतिविधियों पर नजर बनाए रखी और मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया. आखिरकार पुलिस को आरोपी की लोकेशन सूरजपुर, नोएडा में मिली. सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम वहां पहुंची और रामचंद्र पुत्र प्रेमलाल को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद आरोपी को झुंझुनूं लाया गया. पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया.

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About the Author

जून 2023 से ज़ी राजस्थान के साथ कार्यरत अमन लगातार अपनी क्रिएटिविटी और प्रोफेशनल स्किल्स के जरिए पाठकों तक तेज, सटीक और भरोसेमंद खबरें पहुंचा रहे हैं. वे उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के रहने वाले हैं, अमन ने जौनपुर से ही अपनी इंटरमीडिएट तक की शिक्षा पूरी की. इसके बाद उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया. डिजिटल पत्रकारिता में गहरी समझ, तेज खबर पकड़ने की क्षमता के कारण अमन सिंह एक उभरते हुए और भरोसेमंद मीडिया प्रोफेशनल के रूप में तेजी से अपनी पहचान बना रहे हैं.
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