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Jhalawar News: राजस्थान के झालावाड़ जिले के असनावर थाना क्षेत्र के अकतासा गांव में औषधि नियंत्रण विभाग की टीम ने एक झोलाछाप डॉक्टर के क्लीनिक पर कार्रवाई की. कार्रवाई के दौरान जांच करने पहुंची टीम को किसी भी तरह का इलाज करने की डिग्री और लाइसेंस झोलाछाप डॉक्टर के पास नहीं मिला.
क्लिनिक से 40 हजार रुपये की दवाइयां जब्त
वहीं, मौके से जांच टीम को करीब 40 हजार रुपये कीमत की विभिन्न प्रकार की दवाइयां भी मिली है, जिसके बिल भी जांच टीम को नहीं मिले. इस पर औषधि नियंत्रण विभाग की टीम ने मौके से सभी दवाइयां जप्त की. आरोपी क्लीनिक संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने की कार्रवाई भी की जा रही है.
गोपनीय शिकायत के बाद की कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, गांव में रवि जाटव नामक व्यक्ति 'जय माता दी क्लिनिक' संचालित कर एलोपैथिक प्रैक्टिस कर रहा था. मरीजों को बिना बिल के दवाइयां भी दे रहा था. मामला तब सामने आया जब औषधि नियंत्रण विभाग के एक अधिकारी को मेल पर गोपनीय शिकायत मिली.
न डिग्री मिली, न दवा बिक्री का लाइसेंस
जांच के दौरान दवाईयों के भंडारण और बिक्री का लाइसेंस नहीं मिला. एलोपैथिक चिकित्सा कर रहे आरोपी के पास रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर का कोई प्रमाण-पत्र भी नहीं मिला. टीम को क्लिनिक से करीब 40 हजार रुपये की 75 प्रकार की दवाएं मिलीं. इनमें गर्भपात या गर्भनिरोधक से संबंधित दवाएं भी शामिल थी. आरोपी इनके बिल भी प्रस्तुत नहीं कर सका.
कलेक्टर के निर्देश पर संयुक्त टीम ने की कार्रवाई
इसके बाद कलेक्टर के निर्देश पर गठित संयुक्त जांच दल ने दवाईयों को जप्त कर लिया. औषधि नियंत्रण विभाग द्वारा अब आरोपी झोलाछाप चिकित्सक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने की कार्रवाई की जा रही है.
मेडिकल स्टोर्स की होगी जांच
इसके साथ आरोपी से पूछताछ में बिना बिल की कोटा और झालावाड़ के मेडिकल स्टोर्स से भी खरीदी गई, जिसको लेकर जांच की जाएगी. वहीं, औषधि नियंत्रण विभाग ने तीन तरह की दवाईयों के नमूने जांच के लेकर सीलबंद कर जांच के लिए भेजे. विभाग ने इस पूरी कार्रवाई की वीडियो भी बनाई.
Report- Mahesh Parihar