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सुबह-सुबह झालावाड़ में आया भूकंप: 3 बार कांपी जमीन, स्कूलों से बाहर निकाले गए बच्चे, CCTV आया सामने

झालावाड़ के पिड़ावा क्षेत्र के नोलाई, खजूरी, बरखेड़ी और भूरखेड़ी समेत कई गांवों में मंगलवार सुबह भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए. ग्रामीण घरों से बाहर निकल आए और स्कूलों में बच्चों को भी बाहर निकाला गया. जयपुर भूकंप केंद्र ने 3.0 तीव्रता के भूकंप की पुष्टि की है, जिसका केंद्र गागरीन बांध के आसपास बताया गया. भूकंप के बाद प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं. गागरीन बांध को सुरक्षित बताया गया है और फिलहाल किसी नुकसान की सूचना नहीं है. घटना CCTV में भी कैद हुई.

Written By Sneha Aggarwal
Published: Sep 15, 2026, 04:06 PM IST | Updated: Sep 15, 2026, 04:14 PM IST
Image Credit: कई गांवों में महसूस हुए भूकंप के झटके
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Jhalawar News: राजस्थान के झालावाड़ जिले के पिड़ावा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में आज सुबह भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए हैं, जिससे ग्रामीणों में अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है. भूकंप की घटना नौलाई गांव के सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुई है. इसके साथ ही भूकंप की प्रशासन द्वारा भी पुष्टि कर दी गई है.

पिड़ावा के कई गांवों में महसूस हुए भूकंप के झटके
मामला पिड़ावा क्षेत्र के नोलाई, खजूरी, बरखेड़ी, भूरखेड़ी सहित आसपास के गांवों का है. यहां के ग्रामीणों का कहना है कि सुबह 8 बजे बाद से दो से तीन बार भूकंप के हल्के झटके महसूस हुए हैं, जिससे ग्रामीणों में दहशत में आ गए. सभी ग्रामीण घरों से बाहर निकल कर खुले स्थानों पर पहुंच गए. स्कूलों से भी बच्चों को तुरंत ही बाहर निकाल लिया गया.

जयपुर भूकंप केंद्र ने की पुष्टि
उधर, झालावाड़ जिले के पिड़ावा के ग्रामीण इलाकों में आज सुबह महसूस किए गए भूकंप के झटकों की पुष्टि जयपुर भूकंप केंद्र ने भी कर दी है. एसडीएम दिनेश कुमार मीणा ने मामले में जानकारी देते हुए बताया है कि क्षेत्र के नोलाई, बरखेड़ी,खजूरी आदि गांवों से सुबह भूकंप जैसे झटकों की सूचना मिली थी.

रिक्टर स्केल पर 3.0 तीव्रता
झटकों की पुष्टि दोपहर में जयपुर भूकंप केंद्र ने कर दी है. यहां आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.0 मापी गई है. इस तीव्रता वाले भूकंप को सबसे निम्न दर्जे का माना जाता है. भूकंप का केंद्र गागरीन बांध के आसपास बताया गया है.

प्रशासन ने संभाला मोर्चा
भूकंप के झटकों के बाद मौके पर बड़ी संख्या में प्रशासनिक अमला मौजूद है, जो लोगों से मिलकर घटना के बारे में जानकारियां जुटा रहा है.
मौके पर जल संसाधन विभाग की टीम भी पहुंची है, जिसने गागरीन बांध क्षेत्र में घूम कर जांच की और गागरीन बांध को सुरक्षित बताया है.

लोगों में अब भी डर का माहौल 
भूकंप को लेकर क्षेत्र के लोगों में डर का माहौल बना हुआ है. हालांकि कम तीव्रता का भूकंप होने से कोई भी कोई नुकसान नहीं हुआ है.  

क्या होता है रिक्टर और मर्कल्ली स्केल? 
भूकंप की तीव्रता और परिमाण को मुख्य रूप से रिक्टर पैमाना और मर्कल्ली स्केल के द्वारा मापा जाता है. रिक्टर स्केल भूकंप की ऊर्जा और परिमाण को मापता है, जिसको 1935 में चार्ल्स रिक्टर ने विकसित किया था. यह एक लघुगणकीय (logarithmic) पैमाना है. वहीं, मर्कल्ली स्केल भूकंप के असर और उससे हुए नुकसान को मापता है. इसमें I से XII तक के रोमन अंकों का इस्तेमाल किया जाता है.

Report-  Mahesh Parihar

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About the Author

मैं स्नेहा अग्रवाल जी राजस्थान न्यूज में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हूं और राजस्थान से जुड़ी हर बड़ी से बड़ी और छोटी से छोटी न्यूज़ पर पकड़ रखती हूं. क्राइम और कल्चर की खबरों में दिलचस्पी है. मुझे डिजिटल मीडिया का करीब 4 साल का साल का अनुभव है. इससे पहले मैं ZeeBihar में अपनी सेवाएं दे चुकी हूं. 4 साल के जर्नलिज्म करियर में लोकल, क्राइम, हेल्थ, एंटरटेनमेंट, वायरल और लाइफस्टाइल बीट पर काम किया है. मैंने यहां पर राजस्थान विधानसभा चुनाव, पंचायत चुनाव, ऑपेरशन सिंदूर समेत कई बड़े ईवेंट्स कवर किए हैं.
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