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जयपुर के SMS अस्पताल में ऑपरेशन: पेट फूलता गया, अंदर ही अंदर बढ़ता रहा खतरा, वजन था 28.6 किलो

जयपुर के SMS अस्पताल में डॉक्टरों ने 59 वर्षीय महिला के पेट के पीछे से 28.6 किलोग्राम का विशाल रेट्रोपेरिटोनियल सारकोमा सफलतापूर्वक निकाला. डॉ. जीवन कांकरिया के नेतृत्व में करीब तीन घंटे चली सर्जरी के दौरान ट्यूमर को आंत, लिवर, अग्न्याशय और बड़ी रक्त वाहिकाओं से सावधानीपूर्वक अलग किया गया. खास बात यह है कि मरीज का पूरा इलाज RGHS योजना के तहत फ्री हुआ.

जयपुर के SMS अस्पताल में ऑपरेशन: पेट फूलता गया, अंदर ही अंदर बढ़ता रहा खतरा, वजन था 28.6 किलो
Image Credit: Jaipur sms hospital

Jaipur News: राजस्थान के जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने एक बेहद जटिल और दुर्लभ सर्जरी को सफलतापूर्वक किया. अस्पताल में 59 वर्षीय महिला के शरीर से 28.6 किलोग्राम वजन का विशाल रेट्रोपेरिटोनियल सारकोमा निकाला गया. करीब तीन घंटे चली सर्जरी के दौरान चिकित्सकों ने विशाल ट्यूमर को आसपास मौजूद महत्वपूर्ण अंगों और रक्त वाहिकाओं से सावधानीपूर्वक अलग कर बाहर निकाला.

आंत से लेकर लिवर और अग्न्याशय तक से चिपका था ट्यूमर
इस ऑपरेशन की सबसे बड़ी चुनौती ट्यूमर का विशाल आकार और उसका आसपास के महत्वपूर्ण अंगों से चिपका होना था. सर्जिकल टीम के अनुसार, ट्यूमर आंतों, लिवर, अग्न्याशय, मूत्राशय और बड़ी धमनियों के संपर्क में था. इसके अलावा ट्यूमर के आगे यूरेटर मौजूद था, जिसके कारण इसे सुरक्षित तरीके से अलग करना बेहद चुनौतीपूर्ण था.

ऐसे में सर्जनों के सामने केवल ट्यूमर निकालने की चुनौती नहीं थी, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी जरूरी था कि आसपास के महत्वपूर्ण अंगों, रक्त वाहिकाओं और यूरेटर को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे. टीम ने बेहद सावधानी के साथ ट्यूमर को अलग किया और सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया.

28.6 किलो का ट्यूमर, बेहद दुर्लभ मामला
जांच के दौरान महिला के रेट्रोपेरिटोनियल क्षेत्र में यह विशाल ट्यूमर पाया गया था. विस्तृत चिकित्सकीय मूल्यांकन के बाद सर्जरी का फैसला लिया गया. करीब तीन घंटे की प्रक्रिया के बाद निकाले गए ट्यूमर का वजन 28.6 किलोग्राम दर्ज किया गया.

रेट्रोपेरिटोनियल ट्यूमर पेट के पीछे के हिस्से में विकसित होते हैं. इस क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण अंग, बड़ी रक्त वाहिकाएं और अन्य संवेदनशील संरचनाएं मौजूद होती हैं. यही वजह है कि इस तरह के बड़े ट्यूमर की सर्जरी चिकित्सकों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण मानी जाती है.

सर्जरी के बाद ICU में रखा गया  
ऑपरेशन सफल होने के बाद मरीज को निगरानी के लिए ICU में शिफ्ट किया गया. डॉक्टरों के अनुसार, उसकी स्थिति स्थिर रही और रिकवरी भी हो रही. इसके बाद में आगे की देखभाल और निगरानी के लिए मरीज को वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया.

डॉ. जीवन कांकरिया के नेतृत्व में हुई सर्जरी
यह जटिल सर्जरी डॉ. जीवन कांकरिया के नेतृत्व में की गई. सर्जिकल टीम में डॉ. देवेंद्र सैनी, डॉ. गरिमा, डॉ. आशिमा, डॉ. गीतांश, डॉ. आकाश, डॉ. देवांश, डॉ. रजत और डॉ. हिमांशु शामिल रहे. एनेस्थीसिया टीम में डॉ. सुशील भाटी, डॉ. सुनील चौहान, डॉ. कंचन, डॉ. दीनदयाल और डॉ. दिव्या भटनागर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. नर्सिंग स्टाफ के यूनुस अली का भी ऑपरेशन में योगदान रहा.

RGHS के तहत हुआ फ्री इलाज
खास बात यह रही कि मरीज की पूरी सर्जरी राज्य सरकार की RGHS योजना के तहत फ्री की गई. सर्जरी की सफलता पर SMS मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी, अधीक्षक डॉ. मृणाल जोशी और विभाग प्रमुख डॉ. रिचा जैन ने पूरी टीम को बधाई दी.

चिकित्सकों के अनुसार, 20 किलोग्राम से अधिक वजन वाले जायंट रेट्रोपेरिटोनियल सारकोमा के मामले बेहद दुर्लभ हैं और उपलब्ध मेडिकल हिस्ट्री में दुनिया भर में ऐसे करीब 20 मामलों के रिपोर्ट होने का उल्लेख मिलता है. ऐसे में 28.6 किलो के इस विशाल ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकालना SMS जयपुर के लिए एक महत्वपूर्ण सर्जिकल उपलब्धि मानी जा रही है. 

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About the Author

Ashutosh Sharma

Ashutosh Sharma

आशुतोष शर्मा वर्ष 2011 से मुख्यधारा की मीडिया में सक्रिय एक वरिष्ठ पत्रकार हैं. डेढ़ दशक से अधिक के अपने समृद्ध पत्रकारिता करियर में उन्होंने इंडिया न्यूज़,ज़ी न्यूज़ और न्यूज़ नेशन जैसे देश के प्रमुख समाचार संस्थानों के साथ काम किया है. वर्तमान में वे ज़ी राजस्थान न्यूज़ में सीनियर स्पेशल कॉरेस्पॉन्डेंट के रूप में कार्यरत हैं और राजधानी जयपुर से राज्य के महत्वपूर्ण विषयों को कवर कर रहे हैं.उनकी मुख्य विशेषज्ञता राजस्थान की राजनीति,प्रशासनिक फैसलों,चुनाव और जनहित के मुद्दों के साथ-साथ अपराध और कानून-व्यवस्था की ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग में है. पुलिस मुख्यालय (PHQ), जयपुर पुलिस कमिश्नरेट और विभिन्न जांच एजेंसियों से जुड़े बड़े व चर्चित मामलों की एक्सक्लूसिव कवरेज उनकी पत्रकारिता की प्रमुख पहचान रही है. ब्रेकअप न्यूज़,गहन राजनीतिक विश्लेषण और एक्सक्लूसिव क्राइम स्टोरीज़ के ज़रिए आशुतोष शर्मा ने राजस्थान मीडिया जगत में अपनी एक विश्वसनीय और प्रभावशाली पहचान बनाई है.
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