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Jaipur News: जयपुर में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के चार इंजीनियरों ने महज दो महीने में PHED_IT_PMU सॉफ्टवेयर विकसित किया है. इसे तैयार करने के लिए किसी बाहरी आईटी कंपनी की मदद नहीं ली गई, बल्कि विभाग के अधिकारियों ने अपने स्तर पर ही इसे तैयार किया है.
PHED के इंजीनियरों ने ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार किया है, जिसे निजी कंपनी से तैयार करवाने पर करीब 2 करोड़ रुपये की लागत आती है. विभाग के चार अफसरों ने महज दो महीने में PHED_IT_PMU सॉफ्टवेयर तैयार किया है. खास बात यह है कि इसे विभाग ने अपने स्तर पर विकसित किया है, यानी इसके लिए अलग से सॉफ्टवेयर खरीदने पर होने वाला खर्च बच गया.
जल परियोजनाओं की प्लानिंग, डिजाइन और लागत का अनुमान लगाएगा सॉफ्टवेयर
प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट यानी PMU सॉफ्टवेयर में किसी जल परियोजना से जुड़ी आवश्यक जानकारी दर्ज करनी होगी. उपलब्ध डेटा के आधार पर यह सॉफ्टवेयर परियोजना की योजना तैयार करने में मदद करेगा. परियोजना की डिजाइन, अनुमानित लागत और उसे पूरा करने में लगने वाले संभावित समय की जानकारी भी सॉफ्टवेयर के जरिए हासिल की जा सकेगी.
एक ही सिस्टम में स्टोर होगा प्रोजेक्ट का पूरा डेटा
विभाग के मुताबिक, सॉफ्टवेयर में प्रोजेक्ट का डेटा स्टोर करने की सुविधा होगी. इससे किसी परियोजना की प्लानिंग से लेकर उससे जुड़े जरूरी विवरण एक ही सिस्टम में उपलब्ध रहेंगे. इससे PHED में बड़े जल प्रोजेक्ट तैयार करने और उनकी योजना बनाने की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है.
JJM और AMRUT 2.0 की परियोजनाओं में भी होगा इस्तेमाल
इस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल जल जीवन मिशन और AMRUT 2.0 जैसी योजनाओं के तहत तैयार होने वाली जल परियोजनाओं की प्लानिंग में किया जा सकेगा. अधिकारियों के मुताबिक, परियोजना की जरूरत से जुड़ा डेटा दर्ज करने के बाद सिस्टम उसकी तकनीकी योजना तैयार करने में सहायता करेगा.
चार अधिकारियों ने दो महीने में तैयार किया सॉफ्टवेयर
PHED_IT_PMU को विभाग के SE विनय जैन, AEN वरुण मटोलिया, AEN पीयूष जैन और ACP पूनम रिजवानी ने मिलकर करीब दो महीने में तैयार किया है. विभाग के इंजीनियरों ने इसे इन-हाउस विकसित किया, जिससे बाहरी कंपनी से सॉफ्टवेयर तैयार करवाने की जरूरत नहीं पड़ी PHED के इस सॉफ्टवेयर को देशभर के करीब 700 प्रोजेक्ट्स/प्रविष्टियों में से स्कॉच सिल्वर अवार्ड भी मिला है.
जल्द सरकार करेगी लॉन्च
अब सरकार की ओर से इसे जल्द लॉन्च किए जाने की तैयारी है सॉफ्टवेयर के लॉन्च के बाद जल परियोजनाओं की योजना तैयार करने, लागत का अनुमान लगाने और प्रोजेक्ट से जुड़े डेटा को व्यवस्थित तरीके से रखने में PHED को तकनीकी मदद मिलने की उम्मीद है.
Report- Ashish Chauhan