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Jaipur Nagar Nigam Chunav 2026: 150 वार्डों का पूरा हिसाब, BJP की 78 सीटें, फिर भी वोटों में कांग्रेस आगे

जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों की तस्वीर साफ हो गई है. री-पोल वाले चारों वार्ड कांग्रेस ने जीत लिए, जिससे कांग्रेस के 57 पार्षद हो गए, जबकि भाजपा 78 और निर्दलीय 15 पर हैं. दिलचस्प बात यह है कि सीटों में भाजपा आगे रही, लेकिन कुल वोटों में कांग्रेस को 14,620 वोट ज्यादा मिले. नए सदन में 53 महिलाएं हैं और 99 पार्षद 50 साल या उससे कम उम्र के हैं.

Jaipur Nagar Nigam Chunav 2026: 150 वार्डों का पूरा हिसाब, BJP की 78 सीटें, फिर भी वोटों में कांग्रेस आगे
Image Credit: Jaipur Nagar Nigam Chunav 2026

Jaipur Nagar Nigam Chunav 2026: जयपुर की शहरी सरकार की 150 तस्वीरें अब एक फ्रेम में हैं. आखिरी चार वार्डों का सस्पेंस भी खत्म हुआ और चारों कांग्रेस ने जीत लिए लेकिन नतीजों का असली ट्विस्ट सीटों से आगे वोटों के हिसाब में छिपा है. भाजपा 78 पार्षदों के साथ बहुमत में है, कांग्रेस 57 पर लेकिन पूरे शहर में कांग्रेस को भाजपा से 14 हजार 620 वोट ज्यादा मिले.

नए सदन में महिला और युवा पार्षदों की बढ़ी हिस्सेदारी
नए सदन की तस्वीर भी बदली-बदली है. हर तीसरे से ज्यादा पार्षद महिला है और हर तीन में से करीब दो पार्षद 50 साल तक के हैं. कहीं जीत सिर्फ 5 वोट से निकली तो कहीं फासला 10 हजार पार चला गया. यानी जयपुर ने पार्षद ही नहीं चुने, 150 वार्डों ने शहर की सियासत का नया गणित भी लिख दिया.

150 वार्डों की तस्वीर साफ, BJP बहुमत के पार
जयपुर नगर निगम के सभी 150 वार्डों की चुनावी तस्वीर अब पूरी तरह साफ हो गई है.  री-पोल के कारण अटके वार्ड 9, 18, 25 और 34 के परिणाम भी घोषित हो गए और चारों वार्ड कांग्रेस के खाते में गए. इसके साथ कांग्रेस की संख्या 53 से बढ़कर 57 हो गई. भाजपा के 78 और निर्दलीय 15 पार्षद चुने गए हैं. यानी 150 सदस्यीय वाले जयपुर नगर निगम में भाजपा के पास बहुमत के 76 के आंकड़े से 2 सीट ज्यादा हैं

Jaipur Nagar Nigam Chunav 2026

सीटों में BJP आगे, वोटों में कांग्रेस का पलड़ा भारी
पार्टीवार आंकड़ों की बात करें तो भाजपा के 78, कांग्रेस के 57 और निर्दलीयों के 15 निर्वाचित सदस्य दर्ज हैं. दिलचस्प यह है कि सीटों में भाजपा आगे है, लेकिन कुल वैध वोटों में कांग्रेस आगे रही. निगम के 15 लाख 44 हजार 663 वैध वोटों में कांग्रेस को 5 लाख 85 हजार 358 यानी 37.90%, जबकि भाजपा को 5 लाख 70 हजार 738 यानी 36.95% वोट मिले. कांग्रेस को भाजपा से 14,620 वोट अधिक मिले और वोट शेयर का अंतर 0.95 प्रतिशत अंक रहा. निर्दलीयों को 3,44,074 यानी 22.28% वोट मिले.

री-पोल वाले चारों वार्ड कांग्रेस के खाते में
वहीं, नोटा को 28,082 (1.82%), RLP को 8,728 (0.57%), AAP को 5,659 और BSP को 1,730 वोट मिले. री-पोल के बाद आज कांग्रेस खेमे में सबसे ज्यादा खुशी देखी गई. वार्ड 9 से कांग्रेस की कैलाशी देवी ने भाजपा की मंजू अग्रवाल को 764 वोट से हराया. कैलाशी को 4,610 और मंजू को 3,846 वोट मिले. वार्ड 18 में कांग्रेस की वंदिता शर्मा ने भाजपा के नीरज कुमावत को 181 वोट से हराया. वंदिता को 4,962 और नीरज को 4,781 वोट मिले. वार्ड 25 में कांग्रेस की रेखा देवी सैनी ने भाजपा की चंचल कंवर को 397 वोट से हराया. रेखा को 5,533 और चंचल को 5,136 वोट मिले. वार्ड 34 में कांग्रेस के सुरेश यादव ने भाजपा के पीयूष किराडू को 149 वोट से हराया. सुरेश को 4,405 और पीयूष को 4,256 वोट मिले.

53 आरक्षित वार्डों से ज्यादा महिलाएं पहुंचीं सदन में
जयपुर नगर निगम में महिलाओं के लिए 50 वार्ड आरक्षित थे, लेकिन जीतकर 53 महिलाएं पहुंची हैं. इनमें सामान्य वर्ग की 28, ओबीसी की की 16, एससी की की 7 और एसटी की 2 महिलाएं हैं. पुरुष पार्षदों की संख्या 97 है, जिसमें 47 सामान्य, 31 ओबीसी, 14 एससी और 5 एसटी वर्ग से हैं. यानी सदन में महिलाओं की हिस्सेदारी 35.3% रहेगी.  

BJP में 24, कांग्रेस में 22 महिला पार्षद
पार्टीवार देखें तो भाजपा के 78 पार्षदों में 54 पुरुष और 24 महिलाएं, कांग्रेस के 57 में 35 पुरुष और 22 महिलाएं और 15 निर्दलीयों में 8 पुरुष और 7 महिलाएं हैं. यानी संख्या के लिहाज से भाजपा की महिला पार्षद सबसे ज्यादा 24 हैं, जबकि अनुपात में निर्दलीयों के 15 में से करीब आधी 7 महिलाएं हैं. नए शहरी सरकार के सदन में अपेक्षाकृत युवा और मध्यम आयु के पार्षदों की संख्या ज्यादा है.

150 में 99 पार्षद 50 साल या उससे कम उम्र के
25 साल तक के 4, 26 से 35 साल के 21, 36 से 50 साल के 78, 51 से 60 साल के 33 और 60 साल से अधिक उम्र के 14 पार्षद हैं. यानी 150 में 99 पार्षद 50 साल या उससे कम उम्र के हैं, जो पूरे सदन का 66% है. सबसे बड़ा आयु समूह 36 से 50 साल का है, जिसमें अकेले 78 यानी 52% पार्षद आते हैं. वार्ड 10 से भाजपा की पलक यादव और वार्ड नंबर 71 से फैज हसन 21 साल की उम्र में पार्षद चुने गए हैं.

55% पार्षद ग्रेजुएट या उससे ज्यादा पढ़े-लिखे
शैक्षणिक योग्यता के हिसाब से निगम के 150 पार्षदों में 49 दसवीं तक, 18 बारहवीं, 47 ग्रेजुएट, 30 पोस्ट ग्रेजुएट और 6 प्रोफेशनल क्वालिफिकेशन वाले हैं. इस तरह ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट और प्रोफेशनल को जोड़ें तो 83 पार्षद, यानी करीब 55% सदस्य स्नातक या उससे ऊपर की योग्यता वाले हैं.

5 वोट से जीत से 10 हजार की बढ़त तक, दिलचस्प रहा मुकाबला
150 वार्डों में जीत का अंतर भी बेहद दिलचस्प रहा. वार्ड 124 में कांग्रेस की कांता ने भाजपा की मनभरी देवी को महज 5 वोट से हराया. कांता को 4,277 और मनभरी को 4,272 वोट मिले. दूसरी ओर वार्ड 113 में कांग्रेस के गजनफर अली को 14,666 वोट मिले और उन्होंने निकटतम निर्दलीय प्रतिद्वंद्वी अब्दुल वाहिद को 10,014 वोट से हराया. यानी निगम में जीत का दायरा 5 वोट से 10 हजार से अधिक तक रहा.  

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