मोती डूंगरी गणेश मंदिर में मोदकों की मिठास, 251 किलो के दो महामोदक से सजा बप्पा का दरबार, हजारों मोदकों का लगा भोग
Motidungri Ganesh Temple: जयपुर के प्रसिद्ध मोती डूंगरी गणेश मंदिर में गणेश जन्मोत्सव की शुरुआत भव्य मोदक झांकी के साथ हुई. झांकी में 251-251 किलो के दो महामोदक सबसे बड़ा आकर्षण रहे. इसके अलावा 51 किलो के 5, 21 किलो के 21 और करीब 1100 सवा किलो के मोदक सजाए गए. विशाल झांकी में हजारों छोटे-बड़े मोदकों का भोग भी लगाया गया.
Ganesh Janmotsav: जयपुर के मोती डूंगरी गणेश मंदिर में बुधवार सुबह गणेश जन्मोत्सव का खास नजारा देखने को मिला. मंगला आरती के बाद मंदिर के पट खुले तो बप्पा का दरबार मोदकों की मिठास से सजा नजर आया. जन्मोत्सव के मौके पर हर साल सजाई जाने वाली विशेष मोदक झांकी के दर्शन के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे. यह झांकी साल में सिर्फ गणेश जन्मोत्सव के अवसर पर सजाई जाती है. यही वजह है कि इसे देखने और बप्पा के दर्शन करने के लिए भक्तों में खास उत्साह नजर आया.
251 किलो के दो महामोदक बने आकर्षण
इस बार झांकी में 251-251 किलो के दो विशाल महामोदक सबसे बड़े आकर्षण रहे. इनके अलावा 51 किलो वजन के 5 और 21 किलो वजन के 21 बड़े मोदक भी सजाए गए. वहीं करीब 1.25 किलो वजन वाले 1100 मोदकों ने भी झांकी की भव्यता बढ़ाई. इसके साथ ही बड़ी संख्या में छोटे मोदक भी बप्पा के दरबार में सजाए गए. हजारों मोदकों से सजा पूरा मंदिर परिसर श्रद्धा और उत्सव के रंग में नजर आया.
15 टन से ज्यादा सामग्री का इस्तेमाल
मंदिर महंत कैलाश शर्मा के अनुसार विशाल मोदक झांकी तैयार करने में बड़ी मात्रा में सामग्री का इस्तेमाल किया गया. इसमें करीब 3000 किलो घी, 3000 किलो बेसन और करीब 9000 किलो शक्कर शामिल है. इसके अलावा 80 से 100 किलो तक मेवों का इस्तेमाल भी किया गया. इस तरह केवल प्रमुख सामग्री का वजन ही 15 टन से अधिक बताया गया है. जन्मोत्सव के दौरान मंदिर में बाहर से लाए गए प्रसाद का भोग नहीं लगाया गया. मोदक झांकी के साथ गणेशजी का विशेष शृंगार भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा. बप्पा को माणक और पन्ना जड़ा विशेष मुकुट धारण कराया गया. हजारों मोदकों के बीच विराजमान गणेशजी के दर्शन करने के लिए भक्तों की कतार लगी रही.
21, 108 और 1008 मोदक कर रहे अर्पित
मंदिर में मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालु गणेशजी को 21, 108 और 1008 मोदक अर्पित कर रहे हैं. कई भक्त परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना लेकर पहुंचे, जबकि कुछ श्रद्धालु मनोकामना पूरी होने के बाद बप्पा के चरणों में मोदक चढ़ाने आए. गणेशजी को प्रिय माने जाने वाले मोदक इस झांकी में सिर्फ प्रसाद नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास का प्रतीक भी नजर आए. मोदक झांकी के साथ ही मोतीडूंगरी में गणेश जन्मोत्सव का आगाज हो गया है. आने वाले दिनों में मंदिर में अलग-अलग स्वरूपों और झांकियों के जरिए बप्पा के दर्शन होंगे.