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शादी में आ रही हैं बाधाएं? मोती डूंगरी के गणेश जी की इस खास मेहंदी से दूर होती हैं अड़चनें

Jaipur News: जयपुर के मोती डूंगरी गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी से पहले सिंजारा महोत्सव होगा. बप्पा को 3500 किलो मेहंदी अर्पित की जाएगी और शाम 7:30 बजे प्रसाद बांटा जाएगा. विवाह की मनोकामना से जुड़ी इस 200 साल पुरानी परंपरा के लिए रात से कतार लगी.

Written By Deepak Goyal Edited By Sandhya Yadav
Published: Sep 13, 2026, 02:09 PM IST | Updated: Sep 13, 2026, 02:11 PM IST
Image Credit: जयपुर के मोती डूंगरी गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी से पहले सिंजारा महोत्सव
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Jaipur News: गणेश चतुर्थी से एक दिन पहले जयपुर के प्रथम पूज्य मोती डूंगरी गणेशजी मंदिर में सिंजारा महोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है. गणेशजी को अर्पित की जाने वाली मेहंदी का प्रसाद पाने के लिए श्रद्धालुओं की कतार शाम के आयोजन से काफी पहले ही लगनी शुरू हो गई. मेहंदी लेने की चाहत में कई श्रद्धालु देर रात से ही मंदिर के आसपास पहुंचकर इंतजार करने लगे.

शाम 7:30 बजे से मिलेगा मेहंदी का प्रसाद
सिंजारा महोत्सव के तहत आज गणेशजी महाराज को सिंजारा और मेहंदी अर्पित की जाएगी. पूजा-अर्चना की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शाम 7:30 बजे से श्रद्धालुओं को मेहंदी का प्रसाद वितरित किया जाएगा. इस बार बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए करीब 3500 किलो यानी 35 क्विंटल मेहंदी की व्यवस्था की गई है.

विवाह की मनोकामना से जुड़ी है खास मान्यता
मोती डूंगरी गणेश मंदिर में बप्पा को मेहंदी अर्पित करने की परंपरा करीब दो शताब्दियों पुरानी बताई जाती है. इस आयोजन से जुड़ी सबसे बड़ी मान्यता विवाह को लेकर है. श्रद्धालुओं का विश्वास है कि गणेशजी को अर्पित की गई मेहंदी का प्रसाद हाथों में लगाने से विवाह में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं.

इसी आस्था के चलते अविवाहित युवक-युवतियां विवाह की मनोकामना लेकर मंदिर पहुंचते हैं. कई परिवार भी अपने बेटे-बेटियों के लिए बप्पा की मेहंदी का प्रसाद लेने आते हैं.

मनोकामना पूरी होने पर बप्पा को पहला निमंत्रण
श्रद्धालुओं की मान्यता केवल मेहंदी लेने तक सीमित नहीं है. जिन परिवारों या युवक-युवतियों की विवाह की मनोकामना पूरी हो जाती है, उनमें से कई नवविवाहित जोड़े अगले गणेशोत्सव के दौरान मंदिर पहुंचकर गणेशजी का आभार जताते हैं. साथ ही विवाह का पहला निमंत्रण बप्पा के चरणों में अर्पित करने की परंपरा भी निभाई जाती है.

सवा किलो से 35 क्विंटल तक पहुंचा आयोजन
सिंजारा महोत्सव के इस आयोजन का विस्तार समय के साथ काफी बढ़ा है. मंदिर से जुड़ी जानकारी के अनुसार, शुरुआती दौर में करीब 1.25 किलो मेहंदी से सिंजारा मनाए जाने की बात कही जाती है. जैसे-जैसे श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती गई, वैसे-वैसे मेहंदी की मात्रा भी बढ़ती चली गई.

अब स्थिति यह है कि इस वर्ष करीब 3500 किलो मेहंदी की व्यवस्था की गई है. यानी शुरुआती 1.25 किलो की तुलना में वर्तमान मात्रा लगभग 2800 गुना अधिक है. यह बदलाव मंदिर से जुड़ी इस परंपरा के प्रति श्रद्धालुओं की बढ़ती आस्था और आयोजन के विस्तार को दर्शाता है.

सोजत से मंगवाई गई 35 क्विंटल मेहंदी
इस बार सिंजारा महोत्सव के लिए राजस्थान में मेहंदी के लिए प्रसिद्ध सोजत से करीब 35 क्विंटल मेहंदी मंगवाई गई है. बड़ी मात्रा में मेहंदी की व्यवस्था इसलिए की गई है, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को भी प्रसाद मिल सके और आयोजन व्यवस्थित तरीके से पूरा हो.

अब जिप लॉक पैकिंग में मिलेगा प्रसाद
सिंजारा महोत्सव में इस बार प्रसाद वितरण के तरीके में भी बदलाव किया गया है. पहले श्रद्धालुओं को मेहंदी का प्रसाद पत्तों से बने दोनों में दिया जाता था. लेकिन बढ़ती भीड़, स्वच्छता और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अब मेहंदी को जिप लॉक पैकिंग में देने की व्यवस्था की जा रही है.

इससे श्रद्धालु मेहंदी के प्रसाद को आसानी से सुरक्षित रखकर अपने घर तक ले जा सकेंगे. बप्पा को अर्पित मेहंदी के इस प्रसाद को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह लगातार बढ़ रहा है और गणेश चतुर्थी से पहले मोती डूंगरी मंदिर में सिंजारा महोत्सव का माहौल भक्तिमय नजर आ रहा है.

 

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