जयपुर की बेटियों का कमाल: पैरा एशियन गेम्स 2026 में मोना ने गोल्ड और अवनी ने जीता सिल्वर, महज 0.4 अंक का रहा अंतर
जापान के नागोया में आयोजित पैरा एशियन गेम्स 2026 में जयपुर की मोना अग्रवाल और अवनी लेखरा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया. विमेंस 10 मीटर राइफल शूटिंग की SH1 कैटेगरी में मोना ने 250.0 अंकों के साथ स्वर्ण और अवनी ने 249.6 अंकों के साथ रजत पदक जीता. दोनों के बीच महज 0.4 अंक का अंतर रहा.
जापान के नागोया में आयोजित हो रहे पैरा एशियन गेम्स में जयपुर की बेटियो ने इतिहास रच दिया है. विमेंस 10 मीटर राइफल शूटिंग की SH1 कैटेगरी में जयपुर की मोना ने गोल्ड तो अवनी ने सिल्वर पर निशाना लगाया. मोना अग्रवाल ने फाइनल मुकाबले में 250.0 अंक हासिल किए.
वहीं, अवनी लेखरा ने 249.6 अंक के साथ कड़ी चुनौती पेश की. दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबला बेहद करीबी रहा और केवल 0.4 अंक का अंतर रहा. कोरिया की ली यूनरी ने 227.9 अंक के साथ कांस्य पदक हासिल किया. दोनों खिलाड़ियों की इस उपलब्धि से खेल जगत में खुशी का माहौल है. इस सफलता पर प्रदेश के खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने दोनों खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी.
साथ ही एशियन पैरा गेम्स 2026 में प्रदेश के खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बधाई दी है. सीएम ने स्वर्ण पदक जीतने पर मोना अग्रवाल और रजत पदक हासिल करने पर अवनि लेखरा को हार्दिक शुभकामनाएं दीं. मुख्यमंत्री ने कहा कि आपका यह ऐतिहासिक दोहरा प्रहार देश की अनंत नारी शक्ति और आत्मबल का साक्षात प्रमाण है. आपने साबित किया है कि जब हौसले आसमान छूने की ठान लें, तो कोई भी सीमा राह नहीं रोक सकती. उन्होंने दोनों खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि देश को आप पर गर्व है.
एथलेटिक्स से की करियर की शुरुआत
मोना को बचपन में पोलियो हो गया और वह चलने-फिरने में असमर्थ हो गईं. पिछले कुछ सालों में मोना ने शूटिंग सीखी. सबसे पहले मोना ने एथलेटिक्स में अपना करियर शुरू किया. इसके बाद सिटिंग वॉलीबॉल में भी हाथ आजमाया.
इस दौरान उन्होंने स्टेट लेवल पर कई मेडल अपने नाम किया लेकिन टोक्यो पैरालंपिक खेलों के बाद मोना ने शूटिंग खेल को चुना और मेडल जीता, मोना ने पेरिस पैराओलंपिक की तैयारी के लिए कर्ज लिया था. शूटिंग चैंपियन अवनी लेखरा को देखकर मोना ने शूटिंग को अपने करियर गोल के रूप में आगे बढ़ाने का फैसला किया.
एक्सीडेंट के बाद अवनी व्हील चेयर पर
साल 2012 में हुए एक एक्सीडेंट के बाद अवनी व्हील चेयर पर आ गई. इसके बाद अवनी ने शूटिंग को अपने जीवन का हिस्सा बना लिया और देश के लिए कई मेडल जीते ,अवनी पद्मश्री सम्मानित खिलाड़ी है, जिन्होंने 2020 के टोक्यो पैरालंपिक में 2 मेडल जीते थे, जिसमें इन्होंने एक स्वर्ण और दूसरा कांस्य पदक शामिल था. अवनी एक ही पैरालंपिक में 2 मेडल जीतने वाली भारत की पहली महिला खिलाड़ी बनी थी.