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4000 करोड़ की 'रामायण' में जयपुर का जलवा! राम-सीता-रावण के लिए बने 4500 से ज्यादा शाही गहने

करीब 4000 करोड़ रुपये के बजट वाली फिल्म 'रामायण' में जयपुर की कला और कारीगरी की खास झलक देखने को मिलेगी. फिल्म के लिए जयपुर के ट्राइब आम्रपाली ने 18 महीने की रिसर्च और डिजाइनिंग के बाद 4500 से अधिक आभूषण तैयार किए हैं.

Written By Ashish Chauhan
Published: Nov 07, 2026, 11:08 PM IST | Updated: Nov 07, 2026, 11:14 PM IST
Image Credit: जयपुर में बने 4500 से ज्यादा गहने, 18 महीने तक चला काम
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पर्दे पर जब भगवान श्रीराम का राजसी मुकुट चमकेगा, माता सीता के कुंडल अपनी खूबसूरती बिखेरेंगे और रावण के आभूषण उसकी सोने की लंका का वैभव दिखाएंगे, तब इनकी चमक में जयपुर की कला भी नजर आएगी. करीब 4000 करोड़ रुपये  के बजट वाली फिल्म 'रामायण' के लिए तैयार किए गए हजारों आभूषणों के पीछे जयपुर के कारीगरों की महीनों की मेहनत है.

फिल्म में रणबीर कपूर भगवान श्रीराम, साई पल्लवी माता सीता और यश रावण की भूमिका में नजर आ रहे हैं. इन किरदारों के व्यक्तित्व और उनके युग की भव्यता को पर्दे पर उतारने के लिए जयपुर के ट्राइब आम्रपाली ने खास ज्वेलरी तैयार की है. राम के मुकुट से लेकर सीता के कुंडल और रावण के शाही गहनों तक हर आभूषण को अलग पहचान दी गई है.

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18 महीने तक चला डिजाइन और रिसर्च का काम
इन आभूषणों को तैयार करना सामान्य ज्वेलरी बनाने जैसा नहीं था. इसके लिए करीब 18 महीने तक रिसर्च और डिजाइनिंग की गई. रामायण काल की संस्कृति, प्राचीन मंदिरों की कलाकृतियों, मूर्तियों और पारंपरिक आभूषणों का अध्ययन किया गया. इसके बाद फिल्म के अलग-अलग किरदारों के लिए 4500 से अधिक आभूषण तैयार किए गए.

राम के मुकुट में अयोध्या का वैभव
भगवान श्रीराम के मुकुट और आभूषणों में राजसी गरिमा के साथ मर्यादा और सौम्यता का ध्यान रखा गया. वहीं, माता सीता के गहनों में पारंपरिक भारतीय स्त्री की सुंदरता और मिथिला की सांस्कृतिक छाप दिखाने की कोशिश की गई. दूसरी ओर रावण के आभूषणों को भव्य और प्रभावशाली बनाया गया, ताकि सोने की लंका के वैभव की झलक दिखाई दे.

सोने के नहीं, खास धातुओं से तैयार हुए गहने
फिल्म के सभी आभूषण असली सोने-चांदी के नहीं हैं. इनमें ब्रास और पीतल जैसी धातुओं का इस्तेमाल किया गया है. इन पर गोल्ड और सिल्वर फिनिश देकर शाही लुक दिया गया है. खास बात यह भी है कि वनवास के दौरान पहने जाने वाले आभूषणों के लिए अलग तरह की सामग्री और डिजाइन का इस्तेमाल किया गया, ताकि किरदारों के जीवन में आए बदलाव को भी दिखाया जा सकें.

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फिल्म के बाद जयपुर लौटेंगे गहने
इन आभूषणों की वास्तविक कीमत और केवल राम के मुकुट की कीमत सार्वजनिक नहीं की गई है. फिल्म की शूटिंग के बाद आभूषणों के जयपुर लौटने और इनमें से कुछ को संग्रहालय में प्रदर्शित करने की योजना है. रामायण के इन गहनों के जरिए जयपुर की कुंदन-मीनाकारी और पारंपरिक ज्वेलरी कला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की उम्मीद है. इस तरह फिल्म की भव्यता के बीच जयपुर की कारीगरी भी एक अहम किरदार निभा रही है. 
 

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आशीष चौहान
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