SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

'Apple सपोर्ट' के नाम पर अमेरिकियों से डॉलर की लूट: जानें जयपुर में कैसे चल रहा था इंटरनेशनल ठगी का हाईटेक कॉल सेंटर ?

Rajasthan Cyber ​​Fraud: जयपुर पुलिस, राजस्थान साइबर क्राइम यूनिट और DST की संयुक्त कार्रवाई में बिंदायका थाना क्षेत्र के एक फ्लैट से कथित फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का खुलासा हुआ है. पुलिस ने 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जांच में आरोपियों के कनेक्शन राजस्थान समेत गुजरात, महाराष्ट्र, असम, चंडीगढ़ और नेपाल से सामने आए हैं. पुलिस अब मास्टरमाइंड का पता लगाने में जुटी है.

Reported By Ashutosh Sharma Written By Aman Singh
Published: Sep 30, 2026, 09:00 PM IST | Updated: Sep 30, 2026, 09:08 PM IST
Image Credit: AI Generated Image
Join

Rajasthan Cyber ​​Fraud: जयपुर पुलिस और राजस्थान साइबर क्राइम यूनिट की संयुक्त कार्रवाई में इस कथित फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का खुलासा हुआ है. पुलिस ने मौके से 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए गए हैं.

एक फ्लैट और विदेशों में फैला कथित ठगी का नेटवर्क

कार्रवाई जयपुर पश्चिम के बिंदायका थाना क्षेत्र में सिरसी रोड स्थित मंगलम ग्रैंड रेजिडेंसी के फ्लैट नंबर 1401-C में की गई. पुलिस, राजस्थान साइबर क्राइम यूनिट और DST की संयुक्त टीम ने जब फ्लैट की तलाशी ली, तो वहां कई लैपटॉप, मोबाइल फोन और इंटरनेट से जुड़े उपकरण मिले. पुलिस के अनुसार, इसी सेटअप से विदेशी नागरिकों को टारगेट किया जा रहा था.

मौके से ये सामान बरामद 

पुलिस को मौके से 13 लैपटॉप, 24 मोबाइल फोन, राउटर, सिम कार्ड, चार्जर, एक्सटेंशन बोर्ड, अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिले हैं. इन उपकरणों की जांच अब इस पूरे नेटवर्क की असली तस्वीर सामने लाने में अहम हो सकती है.

Apple के नाम पर तैयार किया था फर्जी भरोसा

पुलिस के मुताबिक, आरोपी कथित तौर पर Apple Products और Services के नाम का इस्तेमाल कर अमेरिका के संभावित ग्राहकों को SMS/मैसेज भेजते थे. मैसेज के जरिए विदेशी नागरिकों के सामने कथित तौर पर यह माहौल बनाया जाता था कि उनके Apple अकाउंट या सर्विस से संबंधित कोई चार्ज प्रोसेस होने वाला है. इसके बाद 399, 499 और 699 US Dollar जैसे शुल्क का हवाला देकर रकम स्वीकृत या प्रोसेस कराने की कोशिश की जाती थी.

यानी पूरा खेल केवल फोन कॉल तक सीमित नहीं था. पहले विदेशी ग्राहक तक पहुंच बनाई जाती थी फिर Apple Customer Support का कथित भरोसा पैदा किया जाता और उसके बाद रकम से जुड़ा दबाव बनाने की कोशिश होती थी.

जयपुर में बैठे आरोपी... निशाने पर अमेरिका

इस कार्रवाई की सबसे अहम बात यह है कि कथित साइबर ठगी का निशाना स्थानीय नागरिक नहीं, बल्कि अमेरिका के नागरिक बताए जा रहे हैं. एक रिहायशी फ्लैट से संचालित हो रहे इस कथित कॉल सेंटर में इंटरनेट आधारित तकनीक और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए विदेशों में संपर्क किया जा रहा था. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क ने कितने समय से काम करना शुरू किया था और इसके जरिए कितने विदेशी नागरिकों को मैसेज या कॉल किए गए.

कई राज्यों और नेपाल तक कनेक्शन

पुलिस ने इस मामले में कुल 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के संबंध राजस्थान के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र, असम, चंडीगढ़ और नेपाल सहित अलग-अलग स्थानों से सामने आए हैं. आरोपियों के पते जयपुर, सीकर, महाराष्ट्र, गुजरात, असम, चंडीगढ़, अहमदाबाद और नेपाल से जुड़े बताए गए हैं. अब जांच का एक अहम हिस्सा यह भी है कि ये आरोपी आपस में कैसे जुड़े और जयपुर में चल रहे इस कथित कॉल सेंटर तक इनकी पहुंच कैसे हुई.

लैपटॉप और मोबाइल खोलेंगे साइबर नेटवर्क का राज

पुलिस के हाथ लगे 13 लैपटॉप और 24 मोबाइल फोन अब जांच का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की तकनीकी जांच से पुलिस संभावित रूप से यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि किस-किस विदेशी नंबर पर संपर्क किया गया. कितने लोगों को Apple के नाम पर मैसेज भेजे गए. कितनी रकम की मांग या प्रोसेसिंग की गई. पैसे किस खाते या माध्यम तक पहुंचाए जाने थे. कॉल सेंटर का संचालन कौन कर रहा था. क्या जयपुर के बाहर भी इस नेटवर्क से जुड़े लोग सक्रिय थे और सबसे बड़ा सवाल- इस पूरे नेटवर्क का असली मास्टरमाइंड कौन है.

कई धाराओं में कार्रवाई

फिलहाल पुलिस के सामने सिर्फ एक फ्लैट और 14 गिरफ्तारियां हैं, लेकिन जब्त किए गए लैपटॉप और मोबाइल इस कहानी को कहीं बड़ा बना सकते हैं. अगर इन उपकरणों से विदेशी नागरिकों की लंबी सूची, कॉलिंग रिकॉर्ड, मैसेजिंग डेटा, भुगतान से जुड़े दस्तावेज या अन्य सहयोगियों की जानकारी सामने आती है, तो जांच का दायरा और बढ़ सकता है.

जयपुर के एक फ्लैट से अमेरिका तक पहुंचा यह कथित साइबर जाल अब डिजिटल सबूतों के भरोसे खुलने वाला है. पुलिस की तकनीकी जांच बताएगी कि यह नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था, इसके निशाने पर कितने विदेशी नागरिक आए और इस पूरे खेल के पीछे आखिर कौन था.

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

आशुतोष शर्मा वर्ष 2011 से मुख्यधारा की मीडिया में सक्रिय एक वरिष्ठ पत्रकार हैं. डेढ़ दशक से अधिक के अपने समृद्ध पत्रकारिता करियर में उन्होंने इंडिया न्यूज़,ज़ी न्यूज़ और न्यूज़ नेशन जैसे देश के प्रमुख समाचार संस्थानों के साथ काम किया है. वर्तमान में वे ज़ी राजस्थान न्यूज़ में सीनियर स्पेशल कॉरेस्पॉन्डेंट के रूप में कार्यरत हैं और राजधानी जयपुर से राज्य के महत्वपूर्ण विषयों को कवर कर रहे हैं.उनकी मुख्य विशेषज्ञता राजस्थान की राजनीति,प्रशासनिक फैसलों,चुनाव और जनहित के मुद्दों के साथ-साथ अपराध और कानून-व्यवस्था की ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग में है. पुलिस मुख्यालय (PHQ), जयपुर पुलिस कमिश्नरेट और विभिन्न जांच एजेंसियों से जुड़े बड़े व चर्चित मामलों की एक्सक्लूसिव कवरेज उनकी पत्रकारिता की प्रमुख पहचान रही है. ब्रेकअप न्यूज़,गहन राजनीतिक विश्लेषण और एक्सक्लूसिव क्राइम स्टोरीज़ के ज़रिए आशुतोष शर्मा ने राजस्थान मीडिया जगत में अपनी एक विश्वसनीय और प्रभावशाली पहचान बनाई है.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES