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दिवाली पर इकबाल सक्का का खास तोहफा: सोने-चांदी की कलाकृति से दिया भाईचारे का संदेश

दीपावली के मौके पर उदयपुर के अंतरराष्ट्रीय सूक्ष्म स्वर्ण शिल्पकार डॉ. इकबाल सक्का ने महज 1 सेंटीमीटर की चांदी की पूजा थाली तैयार की है. इसमें राई के दाने जितना सोने का दीपक और सोने-चांदी से बनी बेहद छोटी पूजा सामग्री शामिल है.

Reported By Avinash Jagnawat Written By Aman Singh
Published: Nov 04, 2026, 02:25 PM IST | Updated: Nov 04, 2026, 02:32 PM IST
Image Credit: ZEE Media
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दीपावली के पावन पर्व पर उदयपुर के अंतरराष्ट्रीय सूक्ष्म स्वर्ण शिल्पकार डॉ. इकबाल सक्का ने अपनी अनूठी कलाकृति के जरिए देशवासियों को आपसी सौहार्द का संदेश दिया है. सक्का ने दीपावली पूजन के लिए सोने और चांदी से बनी एक ऐसी सूक्ष्म पूजा थाली तैयार की है, जिसे आंखों से देख पाना भी मुश्किल है. महज एक सेंटीमीटर की इस चांदी की थाली में राई के दाने के आकार की सोने-चांदी की पूजा सामग्री बनाई गई है.  

दीपावली पूजन के लिए तैयार की गई यह कोई सामान्य पूजा थाली नहीं, बल्कि बेमिसाल हुनर, अथक मेहनत और आपसी सद्भाव का संदेश देती एक अनूठी कलाकृति है. इसकी बारीकी देखकर आप भी हैरान रह जाएंगे. उदयपुर के अंतरराष्ट्रीय सूक्ष्म स्वर्ण शिल्पकार और 211 विश्व रिकॉर्ड अपने नाम करने वाले डॉ.

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सिर्फ 1 सेंटीमीटर की थाली में बनाई सोने की पूजन सामग्री

इकबाल सक्का ने पान के आकार की महज एक सेंटीमीटर की चांदी की पूजा थाली तैयार की है. इस नन्ही-सी थाली में राई के दाने के आकार का एक मिलीमीटर का सोने का दीपक, सोने के चावल, कुमकुम की डिब्बी, पानी का पात्र, नारियल, कलावा और छेद वाला सोने का सिक्का बनाया गया है. यही नहीं, थाली के साथ माता महालक्ष्मी के चरण चिह्न यानी चांदी की दो छोटी-छोटी पगल्या भी तैयार की गई हैं. इन सभी कलाकृतियों का आकार इतना छोटा है कि इन्हें नंगी आंखों से देख पाना बेहद मुश्किल है. इनकी बारीक कारीगरी को निहारने के लिए लेंस का सहारा लेना पड़ता है.

पूजा थाली बनाने में लगे तीन दिन

डॉ. इकबाल सक्का को सोने-चांदी की इस अनूठी पूजा थाली और उसमें रखी सूक्ष्म सामग्री तैयार करने में तीन दिन का समय लगा. उनके मुताबिक, इस कलाकृति को बनाने में आधा ग्राम चांदी और आधा ग्राम सोने का इस्तेमाल किया गया है. सक्का का दावा है कि यह दीपावली पूजन के लिए बनाई गई सोने-चांदी की सबसे छोटी पूजा थाली है. अपनी अनूठी बनावट के साथ यह कलाकृति देश और दुनिया को एकता, भाईचारे और आपसी सौहार्द का संदेश दे रही है.

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अनूठी कलाकृति के जरिए एकता और भाईचारे का संदेश

दीपावली के शुभ अवसर पर तैयार की गई डॉ. इकबाल सक्का की यह सूक्ष्म पूजा थाली सिर्फ उनकी बेमिसाल कला का उदाहरण नहीं है, बल्कि आपसी प्रेम, भाईचारे और सद्भाव का भी प्रतीक है. अपनी इस अनूठी कलाकृति के जरिए सक्का ने देश की गंगा-जमुनी तहजीब को मजबूत करने और विविधता में एकता का संदेश देने का प्रयास किया है.

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