करवा चौथ से एक दिन पहले पति ने ली पत्नी की जान: दो दिन तक शव के पास 3 मासूम बच्चों के साथ बैठा रहा आरोपी
जयपुर के प्रतापनगर थाना इलाके में करवा चौथ से एक दिन पहले पति ने कथित तौर पर लोहे की रॉड से हमला कर पत्नी की हत्या कर दी. हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपी प्रदीप बैरवा करीब दो दिन तक तीन मासूम बच्चों के साथ पत्नी के शव के पास ही बैठा रहा.
करवा चौथ के दिन पत्नी अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती है, लेकिन उसी त्योहार से ठीक एक दिन पहले जयपुर में एक पति ने अपनी पत्नी की जिंदगी ही छीन ली. आरोप है कि मामूली विवाद के बाद पति ने पत्नी के सिर पर लोहे की रॉड से वार कर उसकी हत्या कर दी.
हैरानी की बात यह है कि हत्या के बाद आरोपी दो दिन तक तीन मासूम बच्चों के साथ उसी कमरे में शव के पास बैठा रहा. फिर शुक्रवार सुबह खुद पुलिस कंट्रोल रूम में फोन कर पत्नी की हत्या की सूचना दी और बच्चों को कमरे में छोड़कर फरार हो गया. पुलिस ने कुछ ही घंटों में आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया.
कमरे में मिला 38 वर्षीय लक्ष्मी रेगर का शव
जयपुर के प्रतापनगर थाना इलाके में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली वारदात सामने आई है. द्वारकापुरी अपार्टमेंट की 6ठीं मंजिल पर बने किराए के कमरे में 38 वर्षीय लक्ष्मी रेगर का शव मिला. पुलिस के मुताबिक, लक्ष्मी की हत्या उसके पति प्रदीप बैरवा ने की. आरोपी प्रदीप रंगाई पेंट का काम करता है और पत्नी घर संभालती है.
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पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि बुधवार को किसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था. विवाद इतना बढ़ा कि प्रदीप ने लोहे की रॉड से लक्ष्मी के सिर पर वार कर दिया. गंभीर चोट लगने से लक्ष्मी की मौत हो गई, लेकिन हत्या के बाद भी आरोपी कमरे से बाहर नहीं निकला. वह करीब दो दिन तक तीन छोटे बच्चों के साथ पत्नी के शव के पास ही बैठा रहा.
शव के पास बैठे मिले तीन बच्चे
शुक्रवार सुबह करीब 8:15 बजे आरोपी ने खुद पुलिस कंट्रोल रूम में फोन किया और उसने बताया कि पत्नी से झगड़ा हुआ था और उसकी मौत हो गई है. सूचना मिलते ही प्रतापनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची. कमरे पर बाहर से ताला लगा हुआ था. पुलिस ने ताला खुलवाकर अंदर देखा, तो वहां लक्ष्मी का शव पड़ा था और तीन मासूम बच्चे उसके पास बैठे थे. इनमें करीब तीन साल की बेटी, डेढ़ साल का बेटा और ढाई महीने का दुधमुंहा बच्चा शामिल था.
पुलिस ने बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला. ढाई महीने के बच्चे सहित तीनों बच्चों की देखभाल के लिए तत्काल व्यवस्था की गई और उन्हें पड़ोस की महिला को सुपुर्द किया गया. मौके पर एफएसएल टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए. इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए आरयूएचएस अस्पताल की शवगृह भिजवाया गया.
पुलिस को सूचना देकर आरोपी फरार
उधर पुलिस को सूचना देने के बाद आरोपी प्रदीप फरार हो गया था. पुलिस ने मोबाइल नंबर के आधार पर उसकी तलाश शुरू की. कुछ ही देर में आरोपी अपार्टमेंट के पास की एक गली में छिपा मिला, जहां से पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर हत्या के कारणों और वारदात के घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है.
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अपार्टमेंट में दुकान चलाने वाले दुकानदार रमेश ने बताया कि प्रदीप रोजाना सुबह शाम उसकी दुकान पर दूध, टोस्ट, बिस्किट और अन्य सामान लेने आता था, लेकिन पिछले दो दिन से वह दुकान पर नहीं आया. वहीं अपार्टमेंट के लोगों ने बताया कि करवा चौथ से एक दिन पहले बुधवार को लक्ष्मी ने व्रत और पूजा से जुड़ा सामान खरीदा था. किसी को अंदाजा नहीं था कि त्योहार से पहले ही घर में ऐसा मातम छा जाएगा.
पहले पति से अलग होकर प्रदीप के साथ रह रही थी महिला
पुलिस के अनुसार, लक्ष्मी की पहले शादी हो चुकी थी और वह अपने पहले पति से अलग हो गई थी. प्रदीप भी अपनी पहली शादी छोड़कर लक्ष्मी के साथ रह रहा था. लक्ष्मी मूल रूप से बूंदी की रहने वाली थी, जबकि प्रदीप अजमेर का निवासी है. दोनों के परिवारों को भी पुलिस ने सूचना दी है.
फिलहाल आरोपी पति प्रदीप बैरवा पुलिस की गिरफ्त में है. पुलिस हत्या में इस्तेमाल रॉड और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच कर रही है. सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर वह कौन सा विवाद था, जिसने तीन मासूम बच्चों के सिर से मां का साया छीन लिया.