व्हाट्सएप चैट, लोकेशन और हवा से हेरोइन ! जानिए पाकिस्तान में बैठे हैंडलर का 'ड्रोन डिलीवरी' मॉडल
हनुमानगढ़ पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाइयों में 28 करोड़ रुपये की 11.36 किलो हेरोइन, चीनी पिस्टल और 80 हजार नकदी बरामद कर 6 तस्करों को पकड़ा है. पाकिस्तान बॉर्डर और पंजाब से जुड़े इस सीमा पार नशे के नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए पुलिस ने पति-पत्नी और मां समेत 11 लोगों को जेल भेजा है.
हनुमानगढ़ पुलिस ने दो अलग अलग कार्रवाई में रांझू खां उर्फ रांझा को गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से एक किलो 546 ग्राम हेरोइन, चीन निर्मित पिस्टल, तीन कारतूस और 80 हजार रुपये नकद बरामद किए. हेरोइन की अनुमानित अंतरराष्ट्रीय कीमत बकरीब तीन करोड़ रुपये बताई गयी है. फिर गोलूवाला थाना क्षेत्र में दूसरी बड़ी कार्रवाई हुई. सीआईडी की सूचना पर पुलिस ने दो कारों को रोककर तलाशी ली और 19 पैकेटों में छिपाई गई नौ किलो 821 ग्राम हेरोइन बरामद की गयी जो करीब 25 करोड़ की कीमत की हो सकती है. मामले में पुलिस ने पति पत्नी, उनकी मां और पंजाब से एक आरोपी को पकड़ा है. इन दोनों कार्रवाई में 11 किलो 367 ग्राम हेरोइन जब्त की गयी जिसकी अनुमानित कीमत करीब 28 करोड़ आंकी गयी है.
'कूरियर' से लेकर 'कैशियर' तक का कोड
रांझू खां उर्फ रांझा पहले रायसिंहनगर जेल में बंद रह चुका था. वहीं उसकी मुलाकात पंजाब के तरनतारन के रहने वाले अविनाश से होने लगी. दोनों एनडीपीएस मामलों में जेल में बंद थे. जांच में पता चला कि पंजाब में खेप हासिल करने और राजस्थान में आगे सप्लाई करने के लिए अलग-अलग लोगों की भूमिका तय थी. यानी कथित कारोबार में कोई खेप हासिल करने वाला, कोई उसे आगे पहुंचाने वाला और कोई पैसों का हिसाब संभालने वाला रहता है. इस पूरे ममले में पुलिस ने रांझू खान समेत 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. अभी इस मामले की जांच जारी है कि हेरोइन आगे किन लोगों तक जानी थी.
सरहद पार 'ड्रोन' से ज़हर की डिलीवरी
एसपी बी.आदित्य ने बताया की हेरोइन की दोनों बड़ी कार्रवाई में पकिस्तान का कनेक्शन सामने आया है. पुलिस दोनों मामलो में स्पेशल टीम गठित कर जांच कर रही है. हेरोइन तस्करी में पैसो का लेन देन म्यूल अकाउंट से हो रहा है. एसपी ने दावा किया जो बॉर्डर से बाहर भी बैठे है ऐसे कई लोगो को हमने चिन्हित किया है. ड्रोन से हेरोइन ड्रॉपिंग में कई खुलासे हुए है.
इस इलाके में ज्यादातर होती थी हेरोइन ड्रॉपिंग
जांच में ये सामने आया है कि ज्यादातर जो हेरोइन ड्रॉपिंग होती है, वो पंजाब के तरनतारन सेक्टर से जुड़े हुए इलाको में हो रही थी. पुलिस अब इस मामले में जांच कर रही है की हर रोज कितनी ड्रॉपिंग होती है और कौन-कौन सी लोकेशन पर होती है. पकड़े गए तस्करों की प्रॉपर्टी की डिटेल भी लेकर इसे भी जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी. पुलिस अब तक दोनों मामलो में 11 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भिजवा चुकी है.
कैसे काम करता है पाकिस्तान से हैंडलर ?
पाकिस्तान में बैठे हैंडलर: सीमा पार बैठे हैंडलर पूरे नेटवर्क का संचालन करते हैं और हर मोर्चे पर अलग-अलग ऑपरेटरों का इस्तेमाल करते हैं.
अज्ञात साथी और स्लीपर सेल मॉडल: इस मॉड्यूल के सदस्य एक-दूसरे से पूरी तरह अनजान होते हैं और अलग-अलग स्लीपर सेल की तरह काम करते हैं ताकि भंडाफोड़ होने पर पूरा नेटवर्क न खुले.
व्हाट्सएप के जरिए संपर्क: पाकिस्तानी हैंडलर भारतीय गुर्गों से बातचीत और चैट के लिए एन्क्रिप्टेड व्हाट्सएप मैसेज का उपयोग करते हैं और वहीं से उन्हें नए टास्क दिए जाते हैं.
गूगल लोकेशन का इस्तेमाल: जब हथियार या हेरोइन की खेप पहुंचानी होती है, तब हैंडलर बॉर्डर के पास किसी खेत की सटीक गूगल लोकेशन भेजता है.
ड्रोन से खेप की डिलीवरी: तयशुदा लोकेशन पर पाकिस्तानी ड्रोन के जरिए हवा से हेरोइन या हथियारों की खेप नीचे गिराई जाती है.
पिकअप का दूसरा टास्क: ड्रोन द्वारा खेप गिराए जाने के बाद, नेटवर्क के दूसरे व्यक्ति को मोटरसाइकिल से उस लोकेशन पर जाकर माल उठाने का टास्क मिलता है.
कोड और गाड़ी के नंबर: पिकअप करने वाले व्यक्ति की पहचान या पुष्टि के लिए उसे विशेष कोड या गाड़ी के नंबर बताए जाते हैं, जिसके जरिए सप्लाई का आदान-प्रदान होता है.
सप्लाई की आगे डिलीवरी: कोड मैच होने के बाद वह शख्स खेप को उठाकर आगे के कोरियर या तस्करों तक सुरक्षित पहुंचा देता है.
रिपोर्टर - कुलदीप शर्मा